मंगलवार, 29 जनवरी 2013

सच्चे समाजवादी थे महेन्द्र भल्ला


सच्चे समाजवादी थे महेन्द्र भल्ला

(सचिन धीमान)

सहारनपुर (साई)। घर में चाहे बिजली हो या ना हो, घर में पीने को पानी हो या ना हो, चाहे खाने के लिए भोजन का इन्तजाम हो या ना हो परंतु हर उस घर व झोपडी में लैपटॉप होगा जिसका बच्चा हाईकूल व इंटर पास कर चुका होगा। उक्त बाते समाजवादी पार्टी के पूर्व शिक्षा मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा ने आज सच्चे समावादी महेन्द्र भल्ला की 16वीं पुण्यतिथि पर बोलते हुए कहीं।
समावादी पार्टी के पूर्व शिक्षा मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा ने दिल्ली रोड स्थित महारानी पैलेस में आयोजित स्व0 महेन्द्र सिंह भल्ला की 16वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रृद्धासुमन अर्पित कर वहां मौजूद लोगों को सम्बोधिक करते हुए कहा  कि महेन्द्र भल्ला सच्चे समाजवादी थे। उन्हांेने कहा कि महेन्द्र भल्ला एक ऐसे समाजवादी थे जो गरीब बुर्जुगों पर यदि कहीं भी अत्याचार, जुर्म होता देखते तो वह वहीं पर विरोध करना शुरू कर देते थे। उन्होंने कहा कि पुराने समाजवादियों की जिंदगी अभाव में बीती है परंतु वो अभाव पॉकिट या धन का रहा है। परंतु उनका संघर्ष कभी कम नहीं हुआ और वह हमेशा संघर्ष करते रहे है और जिस विचारधारा के साथ वो जनता के बीच से निकलते थे वो कभी कम नहीं हुआ है। उनके अंदर कभी हीनता की भावना नहीं पनपी है। उन्होंने कहा कि ऐसे ही हमारे नेता जो सदा गरीबों व आम जनता के लिए लडाई लडते रहे महेन्द्र भल्ला थे उनके मन में भी कभी भी हीनता की भावना नहीं रही। इसी का बात का असर उनके साथ दिखाई देता था कि सहारनपुर में कितना भी बडा अधिकारी हुआ वह महेन्द्र भल्ला से खौफ खाता था। उन्होंने कहा कि महेन्द्र भल्ला के नाम से एक प्रस्ताव उनके यहां भिजवाये ताकि वह सरकार में उसे पास कराकर सहारनपुर के एक चौराहे का नाम महेन्द्र भल्ला के नाम पर भल्ला चौक रखा जाये ताकि आने वाली पीढी भी यह जान सके कि आखिर इस चौराहे का नाम भल्ला क्यों रखा गया और ये महेन्द्र भल्ला कौन थे और उनका समाज के लिए क्या योगदान रहा?
इतना ही नहीं उन्होंने सहारनपुर की जनता से अपील की कि वह स्व0 रामशरण दास जी की मूर्ति सहारनपुर में स्थापित कराने के लिए एक प्रस्ताव भिजवाये ताकि स्व0 रामशरण दास जी की पुण्यतिथि से पहले उनकी मूर्ति की स्थापना हो सके। महेन्द्र भल्ला की 16वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे जनसमूह को पूर्वजों की याद दिलाते हुए कहा कि याद रखना जो कौमे पूर्वजों के इतिहास से सबक लेने का प्रयास नहीं करते वो कौमे मिट जाती है।
इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेकश की सत्तारूढ समाजवादी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की यह पहली सरकार है जो पूर्ण बहुत से आयी है और यह भी पहली बार हुआ है कि समाजवादी पार्टी ने जो वायदे अपने चुनावी घोषणा पत्र में उत्तर प्रदेश सरकार के साथ किये थे वह उसने दस माह में ही लागू कर  अखिलेश सरकार पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान में ऐसा कोई मुख्यमंत्री नहीं है जिसने 10 माह के अंदर ही मुफ्त शिक्षा, मुफ्त सिंचाई, मुफ्त दवाई  सहित छात्रवृत्ति तक दी है। उन्होंने कहा कि पढाई  व दवाई के साथ साथ मुफ्त बिजली की टयूबवैलोें के पानी व नहरों का पानी भी फ्री देने का काम किया है। वह प्रदेश सरकार की उपलब्धियां गिनाते गिनाते सजावादी सरकार की असली सच्चाई कह गये कि प्रदेश के अंदर चाहे वह गरीब की ही क्यों न हो हर घर व झोपडी में जहां हाईस्कूल, इंटरमीडिएट पढने व पास करने वाला बच्चा रहता हो चाहे उस घर व झोपडी में खाने का सामान हो या न हो बिजली हो या ना हो चाहे पानी हो या न हो इतना ही नहीं चाहे उस झोपडी में खाने का इंतजाम हो या ना हो वहां पर उस घर के पढने वाले बच्चे के हाथों में लैपटॉप जरूर होगा। सपा सरकार के पूर्व शिक्षा मंत्री द्वारा बताई गई सरकार की कडवी सच्चाई को देखकर हर कोई दंग रह गया। जिसके बाद वहां पर लोगों को कहते देखा गया कि सरकार के लिए यह जरूरी नहीं रह गया कि लोगों को चाहे खाने के लिए भोजन व रहने के लिए मकान मिले या ना मिले परंतु हर घर में लैपटॉप जरूर मिले ताकि वह सरकारी की उपलब्धियां गरीब लोगों को याद दिलाता रहे।
रामआसरे से पूर्व राज्यमंत्री राजेन्द्र राणा ने भी महेन्द्र भल्ला को श्रृद्धासुमन अर्पित कर सच्ची श्रद्धांजलि दी और उन्हें सच्चा प्रखर समाजवादी बताया। इस दौरान अलर्ट न्यूज के सम्पादक नरेश कुमार विश्वकर्मा सहित सैंकडों समाजसेवी  समाजवादी कार्यकर्ताओं ने भी स्व0 महेन्द्र भल्ला को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रृद्धालजि दी।

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