रविवार, 13 अप्रैल 2014

माँ का बेटे से प्यार

माँ का बेटे से प्यार
(वरीयता श्रीवास्तव.)
हर माँ की ऑँख का तारा होता है
हर माँ की खुशी का कारण होता है
उसके दर्द से माँ की ऑँखें नम हो जाती है
उसकी जिद पे माँ का हृदय पिघल जाता है
यही होता है माँ का बेटे से प्यार
माँ एक दोस्त की तरह हमेशा साथ रहती है
माँ एक कवच की तरह हमेशा रक्षा करती है
माँ की खुशी का कारण होता है
माँ के दिल की धड़कन होता है
यही होता है माँ का बेटे से प्यार
माँ से जब होता है दूर तू
खो जाता है अपनी दुनियॉँ में तू
भूल जाता है माँ के प्यार को तू
तब भी तेरी एक आवाज पर
दौड़ी चली आती है
यही होता है माँ का बेटे से प्यार
तेरी हर गलती को माफ कर देती है
तेरी हरी खुशी को हस्ते-हस्ते स्वीकार करती है
यही होता है माँ का बेटे से प्यार
तुझे चोट न आए
तेरे ऊपर ऑँच न आए
तेरे ऊपर ऑँच न आए
तेरी ऑँखों में आंसू न आए
तुम्हें ऊपर उठाती है
तुम्हारा कवच बनी रहती है
तुम्हारे लिए ही उसका हृदय धड़कता है
यही होता है, माँ का बेटे से प्यार
यही होता है, माँ का बेटे से प्यार

जी.ए.डी.कालोनी,

सिवनी

शनिवार, 12 अप्रैल 2014

अस्सी प्रतिशत कर्मचारी रहे मतदान से वंचित

अस्सी प्रतिशत कर्मचारी रहे मतदान से वंचित
चुनाव में रहा जमकर अव्यवस्थाओं का बोलबाला!
(अय्यूब कुरैशी)
सिवनी (साई)। लोकसभा चुनाव में भले ही स्वीप प्लान के चलते मतदान का प्रतिशत कुछ हद तक बढ़ा हो पर चुनाव अव्यवस्था के साए में ही संपन्न हुए हैं। आलम यह रहा कि लगभग अस्सी प्रतिशत कर्मचारियों को ईडीसी (इलेक्शन ड्यूटी सर्टिफिकेट) ही प्राप्त नहीं हुआ। इन कर्मचारियों द्वारा मतदान में हिस्सा नहीं लिया जा सका। अब विकल्प के तौर पर कर्मचारियों को डाक मतपत्र दिया जाकर इनका मत लिया जा सकता है।
एक ओर तो जिला प्रशासन सिवनी द्वारा चुनाव में मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए स्वीप प्लान जोर-शोर से चलाया गयाजिसके अच्छे प्रतिसाद सामने आए हैं। चुनाव में पिछले बार की तुलना में मतदान का प्रतिशत बढ़ा ही है। विडम्बना यही कही जाएगी कि हजारों की तादाद में कर्मचारियों को ईडीसी ही नहीं मिल पाया जिससे वे अपने मताधिकार का उपयोग नहीं कर पाए।
भरवाए अनेक प्रपत्र
चुनाव में संलग्न कर्मचारियों को पहले प्रशिक्षण में प्रपत्र 12 एवं 12 ‘‘ भरवाया गया था। कर्मचारियों द्वारा इसे भरकर प्रशिक्षण स्थल पर जमा कर दिए गए थे। इस प्रपत्र में सरकारी कर्मचारी का मतदान केंद्र आदि का पूरा ब्यौरा भरा जाना था। दूसरे प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को ईडीसी का प्रपत्र भरवाया गया।
सामग्री के साथ मिलेगा ईडीसी
चुनाव कार्य में संलग्न एक कर्मचारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि द्वितीय प्रशिक्षण के दौरान ही कर्मचारियों के सामने यह उद्घोषणा कर दी गई थी कि उन्हें ईडीसीसामग्री वितरण के समय ही पॉलीटेक्निक कॉलेज प्रांगण में प्रथक बनाए गए काउंटर से मिल जाएगा।
हुआ हंगामा!
कर्मचारी जब पॉलीटेक्निक कॉलेज में सामग्री लेने पहुंचे तो उन्होंने अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए ईडीसी की मांग की। बताया जाता है कि कर्मचारियों को ईडीसी न मिलने पर उन्होंने हंगामा करना आरंभ कर दिया। हंगामा बढ़ते देख वहां उपस्थित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा यह समझाईश दी गई कि कर्मचारियों को उनका ईडीसी उनके सेक्टर मजिस्ट्रेट के मार्फत बूथ पर ही भिजवा दिया जाएगा।
नहीं पहुंचा ईडीसी
अनेक कर्मचारियों के अनुसार सेक्टर मजिस्ट्रेट द्वारा भी उन्हें बूथ पर उनके ईडीसी लाकर नहीं दिए गए जिससे लगभग अस्सी प्रतिशत कर्मचारी मतदान से वंचित रह गए। ईवीएम लेकर वापस लौटे कर्मचारियों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि वे मतदान करवाने गए थे और उन्हें स्वयं ही वोट डालने नहीं मिल पाया।
किन्हें मिलना था ईडीसी
निर्वाचन कार्यालय के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि जिन सरकारी कर्मचारियों को उनकी लोकसभा से अन्यत्र दूसरी लोकसभा में संलग्न किया गया थाउन्हें डाक मतपत्र दिए गए। वहींजिन कर्मचारियों की ड्यूटी उन्हीं की लोकसभा क्षेत्र में लगी थीउन्हें ईडीसी दी जाकर उनके मतदान केंद्र में ही मत देने के लिए अधिकृत किया गया था।
यह बचा है विकल्प!
जानकारों का कहना है कि जिन सरकारी कर्मचारियों को ईडीसी नहीं मिला है और वे मतदान से वंचित रहे हैंउन्हें अब डाक मतपत्र दिया जाकर मतदान कराया जा सकता है। वैसे भी उन डाक मतपत्रों की गिनती की जाएगी जो मतगणना के एक घंटे पहले तक मतगणना स्थल पर पहुंचे। ऐसे मतपत्रों को मतगणना में शामिल कर लिया जाएगा।

कलेक्टर के दाएं हाथ में लगा निशान!

कलेक्टर के दाएं हाथ में लगा निशान!

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। लोकसभा में मतदान के दौरान बाएं हाथ की तर्जनी में लगने वाली अमिट स्याही के मामले में अनेक लोगों को या तो स्याही नहीं लगी या बाएं के बजाए दाएं हाथ की तर्जनी में स्याही लगा दी गई। मजे की बात तो यह है कि जिला निर्वाचन अधिकारी भरत यादव के दाएं हाथ की तर्जनी पर अमिट स्याही लगाई गई।
जिला जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी मतदान के छायाचित्रों में जिला कलेक्टर भरत यादव को वोट डालते और अमिट स्याही लगाते हुए फोटो जारी किए गए हैं। इन तस्वीरों में जिला कलेक्टर को एक अधिकारी द्वारा अपनी सीट से खड़े होकर दाएं हाथ की तर्जनी पर अमित स्याही लगाते हुए दिखाया गया है। एक कर्मचारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से कहा कि वरिष्ठ अधिकारी उस समय सामान्य मतदाता की हैसियत से गए होंगे, पर उनके सम्मान में कर्मचारी द्वारा खड़ा होना अप्रत्याशित है।

वहीं, एक अन्य पाठक द्वारा गत दिवस समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया द्वारा जारी छायाचित्र जिसे आज दैनिक हिन्द गजट द्वारा प्रकाशित किया गया है को देखकर टिप्पणी करते हुए कहा गया कि मीडिया के माध्यम से ही उनके संज्ञान में आया था कि चुनाव प्रशिक्षण में यही बात बताई गई थी कि मतदान के पूर्व मतदाता के बाएं हाथ की तर्जनी में अमिट स्याही लगाई जाए, किन्तु मतदान केंद्र में तो जिला निर्वाचन अधिकारी को ही बाएं के बजाए दाएं हाथ की तर्जनी में स्याही लगाई जा रही है।

नही थम रहीं साई प्रसाद ग्रुप ऑफ कम्पनीज़ के खिलाफ निवेशकों की शिकायत

नही थम रहीं साई प्रसाद ग्रुप ऑफ कम्पनीज़ के खिलाफ निवेशकों की शिकायत
महिला निवेशक ने की लिखित शिकायत
(पीयूष भार्गव)
सिवनी (साई)। साई प्रसाद ग्रुप ऑफ कम्पनीज के द्वारा किये जा रहे कारनामंे थमने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। स्थिति तो अब यह बन गई है कि आये दिन पुलिस प्रशासन व जिला कलेक्टर से निवेशकों द्वारा इस कम्पनी द्वारा किये जा रहे अवैध व्यापार की जांच की मांग की जाकर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की जा रही है।
कलेक्टोरेट के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बाताया कि चुनाव के चलते इस कंपनी की जांच को जिला कलेक्टर भरत यादव ने थोड़ा ढील देकर रखा था किन्तु अब ऐसा प्रतीत हो रहा है कि ग्वालियर एवं इंदौर संभाग मे इस कंपनी के खिलाफ हुई कठोर कार्यवाही को संज्ञान मंे लेते हुए श्री यादव एक-दो दिन में ही इस कंपनी के कर्णधारों के खिलाफ गंभीर आदेश जारी कर सकते हैं।
ज्ञातव्य है कि विगत माह फरवरी में सैकड़ों लोगों ने जनसुनवाई के दौरान जिला कलेक्टर से अपने जमा रूपये वापस दिलाने की मांग की थी जिसकी जांच भी हुई है। उक्त लिखित शिकायत में शिकायतकर्ता कालका प्रसाद बघेल ने अभिनव रघुवंशी उर्फ पप्पू ब्रांच मैनेजर सिवनी के खिलाफ राशि गबन करने तक का आरोप लगाया हैयह जांच तो चल ही रही है।
इसके अलावा भी कई निवेशकों में से एक अन्य महिला आवेदक ने इस कंपनी पर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए सात अपै्रल को जिला कलेक्टर के समक्ष लिखित शिकायत में बताया है कि साई प्रसाद ग्रुप ऑफ कंपनीज द्वारा सिवनी जिले मंे विगत छः वर्षों से करोड़ों रूपयों का व्यवसाय केवल ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों से दलालों के द्वारा करवाया गया हैऔर हाल ही मे पता चला है कि इस कंपनी ने पूर्व में जिन योजनाओं के तहत एफ.डी. व आर.डी. निवेशकों से जमा करवाई थी अब उस राशि को निवेशकों को बताये बगैर साई प्रसाद कॉर्पाेरेशन एवं सोसायटी में ट्रान्सफर किया जा रहा है।
वहीं निवेशकों को दिये गये सर्टिफिकेट दलालों द्वारा वापस मांगे जा रहे हैं एवं पुनः नये सर्टिफिकेट जारी होंगेजैसी बातचीत की जा रही है। उक्त कंपनी द्वारा छः व साढे़ छः साल में उनके द्वारा जमा रूपयों का तीन गुना व उससे ज्यादा राशि वापसी की पालिसी प्रदान की गई हैजिसे प्रस्तुत भी किया गया है।
यह आरोप भी लगाया गया है कि यह संस्था पूर्ण रूप से बैंकिंग कार्य कर रही है। अब निवेशकों को उनके रूपयों की वापसी खतरे में लग रही है। उल्लेखनीय होगा कि शिकायतकर्ताओं द्वाराउनके जमा रूपयों को वापस दिलाने की कार्यवाही करबगैर प्रशासनिक अनुमति के करोड़ों का व्यापार करवाने वाले कंपनी के अधिकारियों अभिनव रघुवंशी उर्फ पप्पू सिवनी मैनेजरके.एस.मिश्रा रीज़नल मैनेजर जबलपुर एवं राजेश मिश्रा जेड.एम.भोपाल के विरूद्ध कार्यवाही कर इस व्यवसाय को बंद कराकर जिले के लोगों को लुटने से बचाने की मांग भी की गई है।
जिला कलेक्टर को दिये गये उक्त कंपनी के दस्तावेजों से यही बात साबित होती है कि यह कम्पनी साढे छः साल में ही जमा रूपयों को तीन गुना कर देती हैजो कि जांच का एक गंभीर विषय है। यही नहीं कंपनी द्वारा पूरा लेनदेन बैंकिंग कार्य पद्धति की तर्ज पर किया जाता है। इसके पुख्ता प्रमाण भी (जैसे नगद जमा पावती व रसीद) शिकायतकर्ताओं के द्वारा जिला कलेक्टर एवं अखबारों को दिए गए हैं।
बगैर आर.बी.आई. की अनुमति के कोई भी संस्था या कंपनी एफ.डी. व आर.डी. का व्यवसाय नही कर सकती हैयदि किया जा रहा है तो वह अवैध है जिसकी जांच किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
पंकज शर्मावरिष्ठ अधिवक्ता.
यदि ऐसा व्यवसाय साई प्रसाद ग्रुप ऑफ कंपनीज द्वारा किया जा रहा है तो विधिवत प्रत्येक छः माह या वर्ष में कम से कम एक बार प्रशासन द्वारा जमा लेनदेन पर ऑडिट जरूरी हैजो की कंपनी नहीं कर रही होगी तो यह गंभीर जांच का विषय है।
वीरेन्द्र सोनकेशरियावरिष्ठ अधिवक्ता.
मैंने साई प्रसाद ग्रुप ऑफ कंपनीज के कार्यालय जाकर जिला कलेक्टर के आदेशानुसार जांच कर फाईल उन्हें सौंप दी है।
के.सी.परतेएसडीएम सिवनी.

नहीं खुलीं शराब दुकानें!

नहीं खुलीं शराब दुकानें!
(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। सिवनी को छोड़कर प्रदेश के कमोबेश हर जिले में मतदान की समाप्ति के बाद शराब दुकानें खुल गईं।

हाल ही में राजधानी भोपाल में शराब दुकानें बंद कराने के आदेश के संबंध में जिला जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि भोपाल में शराब दुकानें मतदान के समय तक बंद रहेंगी। वहीं सिवनी में शराब दुकानें मतदान के उपरांत दूसरे दिन सुबह नौ बजे ही खुल पाईं।

चुनाव आयोग ने यूपी में शाह व आजम की चुनावी रैलियों पर लगाया प्रतिबंध

चुनाव आयोग ने यूपी में शाह व आजम की चुनावी रैलियों पर लगाया प्रतिबंध
(रश्मि सिन्हा)
नई दिल्ली (साई)। चुनाव आयोग ने भाजपा नेता अमित शाह और सपा नेता आजम खान के उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक सभा करने, जुलूस निकालने या रोड शो करने पर प्रतिबंध लगा दिया। इन दोनों ही नेताओं ने ही भड़काऊ भाषण दिए थे, जिनकी चुनाव आयोग से शिकायत की गई थी।

चुनाव आयोग ने दोनों के भाषणों की जांच के बाद इनकी रैली, रोड शो और चुनावी सभाओं पर प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ एफआईआर दर्ज करने का भी आदेश दिया है। आयोग ने उत्तर प्रदेश में अधिकारियों से शाह और आजम खां के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और अगर उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं हुई है तो कार्यवाही शुरू करने को कहा है। चुनाव आयोग ने रैलियों पर रोक लागने के साथ साथ आजम खान को नोटिस भी दिया है। चुनाव आयोग ने कहा है कि आजम खान के साथ नरमी बरती जा रही है।

मतदाता पर्ची नहीं मिली तो दूरभाष पर दें जानकारी

मतदाता पर्ची नहीं मिली तो दूरभाष पर दें जानकारी
सिवनी में नहीं बटीं पूरी पर्चियां!
(दीप्ति)
भोपाल (साई)। जिले में लोकसभा निर्वाचन के लिए बूथ लेवल आफीसर्स द्वारा घर घर जाकर मतदान पर्चियों का वितरण किया जा रहा है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी निशांत वरवड़े ने बताया कि जिन मतदाताओं को अब तक मतदाता पर्चियां नहीं मिलीं हैं वह जिला निर्वाचन कार्यालय के कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 273055727305672730440 पर काल कर जानकारी दें। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वरवड़े ने बताया कि वह खुद भी मतदाता पर्ची वितरण व्यवस्था का क्षेत्र में जायजा ले रहे हैं। पर्ची वितरण में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
मतदान केन्द्रों पर सभी जरूरी बेसिक सुविधाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं। इस बात को कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी खुद मतदान केन्द्रों पर जाकर देख रहे हैं। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने आज जिले के पचास से अधिक मतदान केन्द्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि वह रोजाना सुबह से शाम तक क्षेत्र के भ्रमण पर रहते हैं और निर्वाचन के लिए आयोग के अनुसार की गई व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। फलाइंग स्कवाड सहित गठित अन्य दलों के अधिकारियों-कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे अपने क्षेत्र में मौजूद रहें। अनुपस्थित पाए जाने पर उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई होगी।  कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वरवड़े ने आज मतदान केन्द्रों की वेबकास्टिंग कराए जाने के संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक कर चर्चा की।
सिवनी में नहीं बटीं पूरी पर्चियां
वहींसमाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के सिवनी ब्यूरो ने बताया कि जिले में अनेक मतदाताओं को मतदाता पर्चियां नहीं मिल पाईं। वहीं प्रशासनिक सूत्रों के हवाले से ब्यूरो ने बताया कि बीएलओ द्वारा शत प्रतिशत पर्चियां बांटने की सूचना आयोग को दी है।

15 अप्रैल से 17 अप्रैल तक बंद रहेंगी शराब की दुकानें

15 अप्रैल से 17 अप्रैल तक बंद रहेंगी शराब की दुकानें
(संतोष पारदसानी)
भोपाल (साई)। लोकसभा निर्वाचन-2014 के तहत भोपाल लोकसभा क्षेत्र के लिए 17 अप्रैल को मतदान होगा। इस परिप्रेक्ष्य में 15 अप्रैल की शाम 6रू00 बजे से 17 अप्रैल को मतदान समाप्ति तक और में मतगणना दिवस 16 मई को भी सम्पूर्ण भोपाल जिले में शुष्क दिवस घोषित किया गया है। कलेक्टर निशांत वरवड़े ने इस आशय के आदेश जारी कर दिए हैं।

कलेक्टर ने जारी आदेश में साफ किया है कि 15 अप्रैल सांय 6ः00 बजे से 17 अप्रैल को मतदान समाप्ति तक और मतगणना 16 मई के दिन को सम्पूर्ण जिले में शुष्क दिवस के तहत सभी लायसेंसी मदिरा विक्रय केन्द्रों को बन्द रखने और शराब का क्रय-विक्रय एवं वितरण आदि को पूर्णतरू प्रतिबंधित किया गया है। शुष्क अवधि में मदिरा के किसी भी फुटकर बिक्री की दुकान, होटल बार, रेस्टोरेंट बार, क्लब बार और मदिरा बेचने परोसने वाले अन्य प्रतिष्ठानों द्वारा किसी भी व्यक्ति को मदिरा बेचने और परोसने की अनुमति नहीं होगी। गैर मालिकाना क्लबों, स्टार होटलों, रेस्टोरेंट आदि और किसी के भी द्वारा चलाये जाने वाली होटलों को भी मदिरा परोसने की अनुमति नहीं होगी। शुष्क दिवसों के दौरान मदिरा के व्यक्तिगत भण्डारण पर एवं गैर लायसेंस प्राप्तु परिसर में मदिरा के भंडारण पर सख्ती से रोक रहेगी। इस आदेश को पालन कराने के लिए पुलिस, आबकारी सहित अन्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

स्कूलों का समय अब सुबह साढ़े सात से दोपहर बारह बजे तक

स्कूलों का समय अब सुबह साढ़े सात से दोपहर बारह बजे तक
(प्रदीप आर्य)
भोपाल (साई)। भोपाल जिले में कोई भी शासकीय अथवा अशासकीय स्कूल दोपहर बारह बजे के बाद तक नहीं लगेगा। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट निशांत वरवड़े ने बढ़ती गर्मी के चलते बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्कूलों का समय सुबह 7ः30 बजे से दोपहर 12ः00 बजे तक का नियत किया है। आदेश जारी कर सभी स्कूल संचालकों और प्राचार्यों को सुबह 7ः30 बजे से दोपहर 12ः00 बजे तक स्कूल लगाने के लिए कहा गया है।

14 अप्रैल को सार्वजनिक अवकाश

14 अप्रैल को सार्वजनिक अवकाश
(राजेश शर्मा)

भोपाल (साई)। राज्य शासन ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती सोमवार 14 अप्रैल, को सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में सार्वजनिक अवकाश दिवस घोषित किया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा अधिसूचना जारी की गई है।

संसदीय क्षेत्रवार जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में मतदान का प्रतिशत

संसदीय क्षेत्रवार जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में मतदान का प्रतिशत

(सोनल सूर्यवंशी)

भोपाल (साई)। मध्यप्रदेश के नौ संसदीय क्षेत्र में गुरूवार को हुए निर्वाचन में कुल एक करोड़ 44 लाख 25 हजार 460 मतदाताओं में से 91 लाख 65 हजार 123 मतदाताओं ने मतदान में हिस्सा लिया। पहले चरण में नौ संसदीय क्षेत्र में शामिल 17 जिले और 70 विधानसभा क्षेत्र में मतदान की प्रक्रिया संपन्न हुई।
इनमें से कुछ जिले दो-दो संसदीय क्षेत्र में भी आते थे। बालाघाट संसदीय क्षेत्र में शामिल बालाघाट, बैहर, लांजी, परसवाड़ा, वारासिवनी और कटंगी विधानसभा क्षेत्र में मतदान का प्रतिशत 68.86 और सिवनी जिले के बरघाट और सिवनी विधानसभा में क्रमशरू 72.75 एवं 65.13 प्रतिशत रहा।

छिन्दवाड़ा
छिन्दवाड़ा जिले के छिन्दवाड़ा में 77.46, जुन्नारदेव में 76.33, अमरवाड़ा में 79.09, चौरई में 80.95, सौंसर 81.18, परासिया 78.17 और पार्ण्ढुना विधानसभा क्षेत्र में 80.75 प्रतिशत मतदान हुआ।

होशंगाबाद
होशंगाबाद जिले के होशंगाबाद विधानसभा क्षेत्र में 63.76, सिवनी-मालवा में 68.11, सोहागपुर में 68.85, पिपरिया में 69.33, नरसिंहपुर जिले के नरसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र में 66.61, तेन्दूखेड़ा में 65.42, गाडरवारा में 65.05, रायसेन जिले के उदयपुरा में 59.26 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ।

जबलपुर
जबलपुर जिले के विधानसभा क्षेत्र पाटन में 56.8, बरगी में 61.21, जबलपुर-पूर्व में 54.97, जबलपुर-उत्तर में 61.49, जबलपुर-केन्ट में 58.37, जबलपुर-पश्चिम में 56.62, पनागर में 59.82, सिहोरा में 59.31 प्रतिशत मतदान हुआ।

मण्डला
मण्डला संसदीय क्षेत्र के विधानसभा क्षेत्र बिछिया में 62.2, निवास में 66.62, मण्डला में 66.0, डिण्डोरी जिले के शहपुरा विधानसभा क्षेत्र में 67.58 एवं डिण्डोरी में 72.98, नरसिंहपुर जिले के गोटेगाँव में 65.48, सिवनी जिले के केवलारी में 68.35, लखनादौन में 64.25 प्रतिशत वोट डाले गये।

रीवा
रीवा संसदीय क्षेत्र के सिरमौर विधानसभा क्षेत्र में 50.9, सेमरिया में 55.78, त्योंथर में 52.24, मऊगंज में 51.43, देवतालाब में 53.39, मनगवां में 56.3, रीवा में 54.22, गुढ़ में 56.07 प्रतिशत मतदान हुआ।

सतना
सतना संसदीय क्षेत्र के चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र में 58.29, रैगाँव में 63.27, सतना में 60.21, नागौद में 65.14, मैहर में 59.17, अमरपाटन में 65.32, रामपुर बघेलान में 67.18 प्रतिशत मतदान हुआ।

शहडोल
शहडोल संसदीय क्षेत्र में अनूपपुर जिले के कोतमा में 59.57, अनूपपुर में 60.08, पुष्पराजगढ़ में 66.72, कटनी जिले के बरवाड़ा में 54.2, शहडोल जिले के जयसिंहनगर में 71.54 और जैतपुर में 70.08, उमरिया जिले के बांधवगढ़ में 58.72, मानपुर में 54.81, प्रतिशत मतदान हुआ।

सीधी
सीधी संसदीय क्षेत्र में सीधी जिले के चुरहट विधानसभा क्षेत्र में 55.62, सीधी में 57.62, सिंहावल में 56.67, धौहानी में 56.84, सिंगरौली जिले के चितरंगी में 57.3, सिंगरौली में 54.95 और देवसर में 52.52 शहडोल जिले के ब्यौहारी में 62.43 प्रतिशत मतदान संपन्न हुआ।

शुक्रवार, 11 अप्रैल 2014


0 मामला गेहूं ई-उपार्जन का
किसानों को बुरी तरह छल रहीं समितियां
(अय्यूब कुरैशी)
सिवनी (साई)। सरकार द्वारा देश के अन्नदाता किसान को राहत देने और उसकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाने की गरज से ई-उपार्जन के माध्यम से गेहूं खरीद का कार्यक्रम चलाया जा रहा हैकिन्तु जिन खरीदी केंद्रों पर इस कार्य को अंजाम दिया जा रहा हैवहां इन किसानों को बुरी तरह लूटा जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार किसानों की आम शिकायत है कि जब भी वे खरीद केंद्र पर जाकर अपना माल बेचने का प्रयास करते हैंखरीद केंद्रों में उनके गेहूं को प्रति क्विंटल एक से डेढ़ किलो ज्यादा गेहूं देने पर मजबूर किया जा रहा है। किसानों के अनुसार जब वे इस मामले में चीख पुकार करते हैं तो उन्हें धमका कर भगा दिया जाता है।
नहीं हो रही ग्रेडिंग!
बताया जाता है कि खरीद केंद्र में खरीदी के वक्त गेहूं की कोई ग्रेडिंग नहीं की जा रही है। इसके चलते किसानों से तो अच्छा और बढ़िया गेहूं खरीदा जा रहा है पर किसानों की आड़ में व्यापारियों द्वारा बेचे जाने वाला गेहूं पिछले साल का और घटिया गुणवत्ता वाला है। किसानों के आरोप को मानें तो जिस तरह इसके पूर्व धान की खरीद में घालमेल किया गया थावही घालमेल अब गेहूं खरीद में दिख रहा है।
मजे में हैं परिवहन कर्ता
वहींदूसरी ओर संबंधित सरकारी कर्मचारियों की मिली भगत से परिवहन कर्ता ठेकेदार द्वारा सरकार के बनाए गए रूट चार्ट और प्लान को दरकिनार कर अपनी ढपली-अपना राग की कहावत को चरितार्थ किया जा रहा है। परिवहनकर्ता ठेकेदार द्वारा लीड को बढ़ाने के चक्कर में निर्धारित स्टोरेज स्थल के बजाए मनमर्जी के साथ ही गेहूं को ले जाकर डंप किया जा रहा है।
उदाहरण स्वरूप छः अप्रैल को 175 मीट्रिक टन गेहूं को केवलारी से डुंगरिया के बजाए सिवनी लाया गया। इसी तरह पलारी का गेहूं फोरलेन वाले स्थल के बजाए दूसरे जिले बालाघाट में ले जाकर वारासिवनी में डंप कराया गया है। 805 मीट्रिक टन यह गेहूं अगर बालाघाट जिले में ले जाया गया है तो इसका कंप्यूटर पर इंद्राज होना था पर बाहर के जिले के लिए इंद्राज शून्य ही दर्शा रहा है।
छुई का गेहूं फोरलेन के बजाए नरेला में तो मोहगांव का 3000 मीट्रिक टन गेहूं जो कारीरात जाना था उसे वहां के बजाए धूमा ले जाया गया है। इस तरह परिवहन कर्ता द्वारा मनमाने रूप से हजारों मीट्रिक टन गेहूं को निर्धारित स्थान के बजाए मनमाने ढंग से कहीं और ले जाकर डंप किया जा रहा है। यह सब देखने सुनने के बाद भी संबंधित सरकारी नुमाईंदे चिरपरिचत शैली में मौन ही साधे बैठे हैं।

हांफने लगी सदी पुरानी छुक छुक रेल


हांफने लगी सदी पुरानी छुकछुक रेल
(ऐश्वर्य पोतदार)
सिवनी (साई)। लगभग 110 साल पुरानी छुक छुक रेलगाड़ी अब हांफने लगी है। इसका कारण सिवनी रेलखण्ड और पांतों पर चलने वाली रेलगाड़ी की अनदेखी ही है। कहने को तो सिवनी के पास दो-दो सांसद हैं पर नेरोगेज और ब्रॉडगेज के नाम पर सदा झुनझुना ही पकड़ाया जाता रहा है।
गौरतलब है कि ब्रितानी हुकूमत के दौर में नागपुर से छिंदवाड़ासिवनीनैनपुर होकर जबलपुर जाने वाली नेरोगेज रेल को अब 110 साल पूरे होने को हैं। दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे के अधीन चलने वाली इस रेलगाड़ी में सिवनी से रोजाना लगभग एक हजार से ज्यादा यात्री इसका उपयोग करते हैं।
सुविधाओं का है अभाव
सिवनी रेल्वे स्टेशन पर यात्री सुविधाएं न के बराबर ही हैं। न तो रेल्वे स्टेशन पर यात्रियों को पीने के लिए साफ पानी ही मिलता है और न ही प्लेटफार्म पर छांव की ही व्यवस्था है। मजबूरी में धूपगर्मीबरसातठण्ड में यात्री आसमान के नीचे ही खड़े होकर रेल की प्रतिक्षा करने पर मजबूर हैं। प्लेटफार्म पर भी यत्र-तत्र गंदकी का साम्राज्य दिख ही जाता है। यहां अवस्थित मूत्रालय में भी दुर्गन्ध और गंदगी ही व्याप्त हैजिसके चलते यहां जाने के बजाए खुले में ही लोग प्रसाधन करने को मजबूर हैं।
आवारा कुत्ते मवेशियों की फौज
रेल्वे स्टेशन परिसर चारों ओर से खुला होने के कारण यहां आवारा मवेशीकुत्तेसुअर आदि स्वच्छंद विचरण करते रहते हैं। यहां यात्रियों के सामान पर भी कुत्ते और मवेशी जब-तब झपटते देखे जा सकते हैं। बरसात और गर्मी के मौसम में ये जानवर यात्री प्रतिक्षालय में अंदर जाकर विश्राम करते रहते हैंजिससे यात्रियों को सदा ही इनके काटने और मारने का भय बना रहता है। यहां तक कि अनेक बार तो यहां प्रतिक्षालय के अंदर ही गोबर और जानवरों का मल मूत्र भी पड़ा देखा जा सकता है।

नौ संसदीय क्षेत्र में मतदान के प्रति मतदाताओं में रहा उत्साह


नौ संसदीय क्षेत्र में मतदान के प्रति मतदाताओं में रहा उत्साह
बहिष्कार की कुछ घटनाओं को छोड़ शांतिपूर्वक हुआ मतदान
(सोनल सूर्यवंशी)
भोपाल (साई)। मध्यप्रदेश में 16वीं लोकसभा निर्वाचन के पहले चरण में आज 9 संसदीय क्षेत्र सतनारीवासीधीशहडोलजबलपुरमण्डलाबालाघाटछिन्दवाड़ा और होशंगाबाद में मॉकपोल के बाद सुबह 7 बजे से मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई।
शाम 6 बजे तक 9 संसदीय क्षेत्र के 70 विधानसभा क्षेत्र में हुए मतदान में मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर वोट डाले। इन 9 संसदीय क्षेत्र में 17 जिले शामिल थे। सुबह 7 बजे के बाद पूर्वान्ह 11 बजे तक तथा अपरान्ह में 3 बजे के बाद मतदान केन्द्रों में मतदाताओं की लम्बी कतारें भी देखने को मिली। मतदान में महिलाओं और युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी 16 हजार 592 मतदान केन्द्र में मतदाताओं के लिए अनेक सुविधाओं का इंतजाम किया गया था।
इन 9 संसदीय क्षेत्र में 118 उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरे हैंइनमें सबसे अधिक 16 उम्मीदवार बालाघाट में तथा सबसे कम 8 होशंगाबाद में चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अलावा सतनारीवासीधीशहडोल में 14-14जबलपुर में 15छिन्दवाड़ा में 13 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें 9 महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं।
पहले चरण का सबसे बड़ा संसदीय क्षेत्र मण्डला है जहाँ 2334 मतदान केन्द्र तथा मतदाताओं की संख्या 18.24 लाख है। सबसे छोटे निर्वाचन क्षेत्र छिन्दवाड़ा में 1576 मतदान केन्द्र हैं जहाँ वोटर की संख्या 14 लाख है। होशंगाबाद संसदीय क्षेत्र के होशंगाबाद जिले के 139-पिपरिया विधानसभा क्षेत्र के बरगोंदी स्थित मतदान केन्द्र क्रमांक-154 में सबसे कम 34 मतदाता है। सबसे अधिक 1925 मतदाता जबलपुर संसदीय क्षेत्र में जबलपुर जिले के विधान क्षेत्र जबलपुर-पश्चिम में 57 त्रिपुरी वार्ड स्थित मतदान केन्द्र क्रमांक-148 में है। इस चुनाव में कुल 26.578 बीयू और 20204 सीयू उपयोग हो रही हैं।
निर्वाचन वाले 9 संसदीय क्षेत्र के सभी जिलों में सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था रही। जिलों एवं राज्य को जोड़ने वाली सीमाओं पर पहले से ही नाकेबंदी कर सघन तलाशी का अभियान चलाया गया थाजिसके परिणामस्वरूप कहीं कोई गड़बड़ी की शिकायत प्राप्त नहीं हुई। इन क्षेत्रों में 210 एफएसटी210 एसएसटी और 470 क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) के द्वारा लगातार गश्त कर कार्यवाही की गयी। सीमावर्ती राज्यों के जिलों के साथ बार्डर मीटिंग कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिये बेहतर तालमेल एवं समन्वय के साथ कार्य करने के निर्णय का भी अच्छा असर देखने को मिला। निर्वाचन वाले संसदीय क्षेत्रों को अन्य राज्यों से जोड़ने वाली सीमा पर 97 अंतर्राज्यीय नाके भी स्थापित किये गये थे। तीन तरह के प्रेक्षक है इनमें 10 सामान्य प्रेक्षक9 निर्वाचन व्यय प्रेक्षक एवं 2 पुलिस प्रेक्षक शामिल हैंजो संसदीय क्षेत्रों में मतदान की स्थिति में नजर रखे हुए हैं। इसके अलावा 983 वीडियो कैमरा135 स्टिल कैमरा और 266 वेब कैमरे द्वारा वेब कास्टिंग की जा रही है।
निर्वाचन को शुचितापूर्ण सम्पन्न करवाने के लिये पिछले 48 घण्टे के दौरान 15,325 लीटर अवैध शराब जप्त की गयीजिसकी कीमत 24,50,000 रुपये है। इसी तरह 21.30 लाख की विभिन्न सामग्री एवं केश की जब्ती की गयीइसमें 8 लाख रुपये नगद भी शामिल है। इस प्रकार 5 मार्च से अब तक 13 करोड़ रुपये से अधिक की नगदीशराबजेवरातड्रग्स आदि जब्त की जा चुकी है। पिछले 24 घंटे के दौरान आदर्श आचरण संहिता के उल्लंघन संबंधी छिन्दवाड़ा संसदीय क्षेत्र में 2 शिकायत प्राप्त हुई हैंइन पर क्रमशरू जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा कार्रवाई की जा रही है। मतदान के दौरान कुछ स्थानों पर तकनीकी खराबी के कारण ईव्हीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) को बदलकर मतदान करवाया गया।
बहिष्कार में समझाईश
कुछ स्थानों पर लोगों द्वारा मतदान के बहिष्कार की जानकारी मिलने पर उन्हें स्थानीय जिला प्रशासन द्वारा समझाईश देकर मतदान के लिये प्रेरित किया गया। जहाँ से बहिष्कार की जानकारी मिली उनमें सीधी संसदीय क्षेत्र के चुरहट और पटेरासिंगरौली जिले के चकरिया गाँव शामिल है। यह भी जानकारी प्रकाश में आई थी कि छिन्दवाड़ा जिले के तामिया चावलपानी गाँव में मतदान बंद हो गया हैजो बाद में गलत पाई गईवहाँ मतदान चालू था। छिन्दवाड़ा के धाउ गाँव में बहिष्कार की जानकारी मिलने पर सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं सहायक रिटर्निंग ऑफिसर मौके पर पहुँचे तथा समझाईश देकर मतदान प्रारंभ करवाया। जबलपुर के केन्ट इलाके में भी कुछ लोगों को समझाईश देकर मतदान चालू करवाया गया। इसी तरह मण्डला जिले के निधार गाँव में भी समझाईश देकर वोट डालने के लिये प्रेरित किया गया। मण्डला के बिछिया में एक मतदान केन्द्र में मतदान के बहिष्कार की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन द्वारा लोगों को समझाईश दी गईजिसके फलस्वरूप बहिष्कार समाप्त करवाकर मतदान करवाया गया।

रेप पर फांसी क्यों? लड़कों से गलती हो जाती है: मुलायम


रेप पर फांसी क्यों? लड़कों से गलती हो जाती है: मुलायम

(एस.के.धीमान)

मुरादाबाद (साई)। समाजवादी पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह ने चुनावी मौसम में बलात्कार पर अजीब बयान देकर विवाद पैदा कर दिया है। मुरादाबाद की रैली में आज मुलायम ने रेप पर फांसी की सजा का विरोध किया। मुलायम ने कहा कि क्या रेप करने की सजा फांसी होगी।
मुलायम ने कहा कि लड़कों से गलती हो जाती है। मेरी सरकार आएगी तो ऐसे कानून को बदलेगी। मुलायम सिंह यादव ने वादा किया कि वह सत्ता में आए तो ऐसा कानून हटाएंगे जो बलात्कारियों को फांसी की सजा देता है। उन्होंने कहा कि रेप में फांसी की सजा सही नहीं है। हम ऐसा कानून बनाएंगे जो बलात्कारियों को भी सजा दे और झूठी शिकायत करने वालों को भी।
बता दें कि इसी महीने मुंबई की अदालत ने शक्तिमिल बलात्कार के मामले में तीन दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। इन्हें पीड़ित लड़की के जिंदा रहते ही धारा 376 ई के तहत फांसी की सजा सुनाई गई है। इस कानून में प्रावधान है कि जो आदतन अपराधी है उसे मौत की सजा दी जा सकती है।


चुनाव में नोटा विकल्प का मतदाताओं पर मामूली प्रभाव


चुनाव में नोटा विकल्प का मतदाताओं पर मामूली प्रभाव

(सोनाली खरे)

नई दिल्ली (साई)। चुनाव सुधार के संदर्भ में ऐतिहासिक पहल माने जाने वाले इनमें से कोई नहीं (नोटा) विकल्प का गुरुवार को दिल्ली में हुए लोकसभा चुनाव के मतदान में काफी कम लोगों ने उपयोग किया।
दिल्ली में जहां भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच त्रिकोणिय मुकाबला है और यहां काफी मतदाता उम्मीदवारों से असंतुष्ट बताये जाते हैं, लेकिन इन सब बातों के बावजूद वे नोटा का उपयोग करते नहीं दिख रहे हैं। इनमें से काफी लोगों का मानना है कि यह वोट की बर्बादी है।
इस बारे में पूछे जाने पर लक्ष्मीनगर में एक महिला मतदाता ने कहा कि इससे अच्छा यह होगा कि हम वोट डालने की बजाए घर में ही रहे। हम कतार में खड़े होकर नोटा का बटन दबाने नहीं आए हैं। यह बेकार है। चांदनी चौक के 24 वर्षीय रिषी ने कहा कि मैं देश की राजनीतिक प्रणाली से निराश हूं। मैं पहली बार वोट डाल रहा हूं लेकिन मैं नहीं समझता कि नोटा से कोई अंतर आयेगा।

नक्सली चुनाव लड़ते हैं तो कोई दिक्कत नहीं - रमन सिंह


नक्सली चुनाव लड़ते हैं तो कोई दिक्कत नहीं - रमन सिंह

(अभय नायक)

रायपुर (साई)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि लोकसभा चुनाव में वोटों का धु्रवीकरण बीजेपी के पक्ष में होगा। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी और एनडीए की सरकार बनना तय है। साथ ही रमन सिंह ने यह भी कहा कि नक्सली अगर हिंसा छोड़कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शांतिपूर्ण ढंग से शामिल होते हैं और चुनाव लड़ते हैं, तो हमें कोई दिक्कत नहीं है।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि हम पहले भी नक्सलियों से चुनाव लड़ने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि नक्सली अगर हिंसा का रास्ता छोड़कर चुनाव में हिस्सा लेते हैं, तो नक्सल पीड़ित क्षेत्रों में शांतिपूर्ण विकास का माहौल बनेगा। लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत हर कोई चुनाव में अपनी बात जनता तक रख सकता है।
डा. रमन सिंह ने एक समाचार चैनल से बातचीत में दावा किया कि छत्तीसगढ़ निर्माण के बाद चार चुनाव हुए हैं, जिसमें से तीन चुनावों में जनता ने बीजेपी पर भरोसा जताया है। इस चुनाव में भी बीजेपी शानदार प्रदर्शन करेगी और सभी 11 सीट पर जीत दर्ज करेगी।
एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी से उनकी जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर चर्चा होती रहती है। अध्यक्ष राजनाथ सिंह और अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी इन मुद्दों पर चर्चा होती है। उन्होंने कहा कि केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने पर छत्तीसगढ़ में विकास की रफ्तार और तेज होगी। नक्सलियों के चुनाव लड़ने पर उन्होंने कहा कि चुनाव कोई भी लड़े, जैसी उसकी पृष्ठभूमि होगी, जनता उसी आधार पर वोट करती है। इस बार नए मतदाताओं की संख्या बढ़ी है। हमें उम्मीद है कि ये नए वोटर बीजेपी के पक्ष में मतदान करेंगे।