हर्बल खजाना ----------------- 26
ब्लड प्रेशर की आशंका कम करता है सूरज मुखी
(डॉ दीपक आचार्य)
अहमदाबाद (साई)। यह एक वार्षिक पौधा है जिसके बीजों से खाद्य तेल प्राप्त किया जाता है। भारत के अनेक हिस्सों में इसकी खेती की जाती है। सूरज की तरह दिखाई देने वाले फ़ूलों के इस पौधे का वानस्पतिक नाम हेलिएन्थस एनस है। माना जाता है कि इसके तेल के उपयोग से ब्लडप्रेशर की आशंका नहीं या कम के बराबर हो जाती है।
इसकी पत्तियों का रस निकाल कर मलेरिया आदि में बुखार आने पर शरीर पर लेपित किया जाता है, पातालकोट के आदिवासियों का मानना है कि यह रस शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करता है। जी मिचलाना और उल्टी होने जैसे विकारों में सूरजमुखी के बीजों का तेल (२ बूँद) यदि नाक में डाल दिया जाए तो आराम मिलता है।
कान में कीडे के प्रवेश कर जाने पर डाँग- गुजरात के आदिवासी सूरजमुखी तेल में लहसून की दो कलियाँ डालकर गर्म करते है और फ़िर इस तेल की कुछ बूँदें कान में डालते है, इनका मानना है कि कीट बाहर निकल आता है। सूरजमुखी की पत्तियों को इसी के तेल के साथ कुचला जाए और बवासीर के रोगी को बाह्यरूप से लेपित किया जाए तो आराम मिलता है।
अपचन और पेट में गडबडी की शिकायत होने पर गर्म दूध में सूरजमुखी का तेल (४-५ बूँदें) डाल दी जाए और सेवन किया जाए तो समस्या दूर हो जाती है। शारीरिक दुर्बलता और कमजोरी में सूरजमुखी की पत्तियों का रस बडा गुणकारी है, इस हेतु लगभग ५ पत्तियाँ लेकर १०० मिली पानी में तब तक उबाला जाए जब तक कि यह आधा शेष बचे, और फ़िर इसका सेवन किया जाए।
(साई फीचर्स)
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