मानसून आकर भी नहीं
आया
(प्रियंका श्रीवास्तव)
नई दिल्ली (साई)।
देश में मानसून की आमद के साथ ही लोगों के चेहरों पर आई खुशी काफूर होती दिख रही
है। दो दिन की रिमझिम बारिश के बाद लोग पानी को तरस गए। उधर, कुछ स्थानों पर
जमकर पानी गिरने की खबर है। पूर्वोत्तर राज्यों विशेषकर असम में बाढ़ की स्थिति
काफी दयनीय बताई जा रही है।
समाचार एजेंसी ऑफ
इंडिया के छत्तीसगढ़ ब्यूरो से अभय नायक ने बताया कि छत्तीसगढ़ और आसपास ऊपरी हवा
में बने चक्रवात से आगामी कुछ घंटों में रायपुर सहित राज्य के कई जगहों पर अच्छी
बारिश होगी। कुछ जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने दी है। इधर, रविवार शाम राजधानी
और आसपास के इलाके में तेज बारिश हुई। कुछ ही घंटों में लगभग दो इंच पानी गिर गया।
जुलाई का महीना बारिश के लिहाज से अच्छा गुजर रहा है। पिछले कुछ दिनों से राजधानी
और आसपास काफी अच्छी बारिश हुई।
शनिवार से छत्तीसगढ़
के आसपास चक्रवात बना हुआ है। इससे कहीं-कहीं तेज बारिश हो रही है। रायपुर के
अलावा दुर्ग, बिलासपुर, पेंड्रारोड, अंबिकापुर में
हल्की बारिश हुई। पिछले 24 घंटों में बैरमगढ़, बिलासपुर में 50, धरमजयगढ़, दंतेवाड़ा में 40, उसूर, गीदम, करतला, पामगढ़, जांजगीर, भाटापारा, छुरा, कवर्धा आदि जगहों
पर अच्छी बारिश हुई। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आगामी कुछ घंटों में
राज्य में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है।
उधर, छत्तीगढ़ से समाचार
एजेंसी ऑफ इंडिया के बिलासपुर ब्यूरो से नीता ने खबर दी है कि शहर के बंधवापारा
अरविंद नगर में रहने वाले लोगों के लिए इस साल की बारिश किसी आफत से कम नहीं है।
वार्ड में पानी निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से बारिश का पानी लोगों के
घुसने लगा है।
सरकंडा स्थित
बंधवापारा में सतबहनियां मंदिर से आगे निकलने वाली गली को अरविंद नगर के नाम से
जाना जाता है। यह वार्ड क्रमांक 45 का हिस्सा है। यहां निकासी पर्याप्त
व्यवस्था नहीं होने नागरिक खासे हलाकान हैं। अरविंद नगर स्थित मकानें एक दूसरे से
जुड़े हैं। इन मकानों के बीच की गली सकरी है, जो आखिर में जाकर बंद हो जाती है। इस गली
में पानी निकासी की समूचित व्यवस्था नहीं की गई, जिससे बारिश का
पानी गली में जमा हो जाता है। जल जमाव का एक कारण इस मोहल्ले की निचली बसाहट भी
है। वार्ड के लोग यही दुआ करते हैं कि यहां मूसलाधार बारिश न हो।
पिछले दिनों हुई
मूसलाधार बारिश के चलते इस मोहल्ले में रहने वाले लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो
गया। बारिश के बाद इस गली में पानी लोगों को मकानों में घुसने लगा। इसके कारण घर
में रखे सामान गीले हो गए, जिसमें गैस व मिट्टी से बने चूल्हे के अलावा अन्य घरेलू सामान
थे। लगातार बारिश होने की स्थिति लोगों को घर छोड़कर जाने की नौबत आ जाती है। बारिश
से पहले यहां निवासी बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने कई एहतियात भी बरतते हैं लेकिन
उनके प्रयासों पर भी पानी फिर जाता है।
पानी निकासी समस्या
के कारण घर के बाहर बारिश का पानी हफ्तों तक जमा हो जाता है। इसमें घर के बच्चे
खेलने लगते हैं। लोगों का कहना है कि खेल के दौरान बच्चें यही पानी पी जाते हैं और
उन्हें पेट संबंधित बीमारियां हो जाती है। गंदगी के कारण मच्छरों की फौज खड़ी हो गई
है। शाम होते ही इन इलाकों में मच्छरों का आतंक शुरू हो जाता है। इनसे निपटने भी
लोग सुरक्षा बरतरते हैं पर इन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। बढ़ते मच्छरों के चलते यहां
रहने वाले लोग मलेरिया का शिकार हो रहे हैं। कुछ दिनों पूर्व मलेरिया का शिकार
अरविंद नगर में रहने वाला जायसवाल परिवार हो चुका है। इनका कहना है कि यह पानी
निकासी और गंदगी की समस्या सालों से वार्ड में बनी हुई है।
इधर, देश के हृदय प्रदेश
की राजधानी भोपाल से समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो से सोनल सूर्यवंशी ने
समाचार दिया है कि पिछले 24 घंटों में भोपाल, इंदौर, होशंगाबाद, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, जबलपुर, शहडोल और चंबल
संभाग में जमकर बारिश। विदिशा में बाह नदी में बाढ़, पुल से करीब तीन
फीट ऊपर पानी बहा। इसके कारण घंटों जाम लगे रहे। शिवपुरी में दो तालाब फूटे, कोलारस में 50 से अधिक मकान ढहे।
शाजापुर के सोयत में 7 इंच बारिश दर्ज की गई। दर्जनों गांवों के रास्ते बंद।
राजधानी में
सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात 12 बजे से शुरू हुई बारिश सुबह तक चलती रही।
मौसम केंद्र के अनुसार सोमवार रात साढ़े आठ बजे से सुबह साढ़े आठ बजे तक 7.74 सेमी बारिश हुई, जबकि पूरे 24 घंटे में 8.7 सेमी पानी बरसा।
यह इस सीजन में एक दिन का सर्वाधिक पानी गिरने का रिकॉर्ड है। 12 जून को 3 सेमी बारिश हुई
थी।
मौसम केंद्र के
अनुसार ऊपरी चक्रवात ने अब राजस्थान और गुजरात का रुख किया है। इससे आगे अच्छी
बारिश के लिए नए सिस्टम के बनने का इंतजार करना होगा।
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