मंगलवार, 26 मार्च 2013

सिवनी : नाथ से बिदकने लगे सिवनी के कांग्रेसी!


नाथ से बिदकने लगे सिवनी के कांग्रेसी!

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। एक समय था जब महाकौशल के क्षत्रप कमल नाथ से आई कांटेक्ट बनाने के लिए सिवनी के युवाओं में जबर्दस्त होड़ मची रहती थी, पिछले लगभग एक दशकों में उनके प्रभाव वाले सिवनी जिले में कमल नाथ का प्रभाव इतना कम हो गया है कि अब लोग उनसे पर्याप्त दूरी बनाकर रख रहे हैं। आलम यह है कि उनके समर्थक ही उनके फोटो वाले विज्ञापनों से परहेज करने लगे हैं। हाल ही में एक विज्ञापन में उनकी फोटो सेवादल के पूर्व जिला मुख्य संगठन के साथ लगने पर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
इक्कसवीं सदी के आरंभ में कमल नाथ का जलजला देखने लायक हुआ करता था। जैसे जैसे पहला दशक बीता वैसे ही कमल नाथ का प्रभाव सिवनी जिले में कम हो गया। फोरलेन मामले में षणयंत्र का ताना बाना बुनने का आरोप उनके उपर फोरलेन बचाने के लिए गठित जनमंच द्वारा लगाया गया और इतिहास में पहला मौका रहा होगा जब कमल नाथ की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकालकर उनका पुतला दहन किया गया हो।
यह सब सिवनी जिला मुख्यालय में हुआ, तब उनका झंडा डंडा उठाने वाले उनके समर्थकों ने अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी। कमल नाथ वाणिज्य और उद्योग मंत्री रहे, फिर भूतल परिवहन और अब शहरी विकास तथा संसदीय कार्य मंत्री हैं। बार बार सिवनी को गोद लेने वाले कमल नाथ ने इस अनाथ सिवनी के लिए कुछ भी नहीं किया है। कहा जाता है कि जब कोई उनसे मिलने जाता है तो वे यह अवश्य ही कहते हैं अच्छा वह सिवनी जहां मेरे पुतले जलते हैं!
हाल ही में सेवादल का एक विज्ञापन सिवनी में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसमें सिवनी जिले वासियों को रंगोत्सव पर्व की शुभकामनाएं दी गई हैं। इसमें सबसे पहले सोनिया गांधी, फिर राहुल गांधी, उनके बाद महेंद्र जोशी और अंत में राजा दिग्विजय सिंह का फोटो लगा हुआ है। इस कतार के नीचे वाली कतार में कमल नाथ के साथ ठा.रजनीश सिंह और डॉ.राजेंद्र साहू की फोटो लगी है।
चर्चाओं के अनुसार यह सब कुछ सोची समझी रणनीति के तहत ही किया गया है। दरअसल, सिवनी के साथ अन्याय के आरोपों के चलते कांग्रेस का बड़ा वर्ग अब कमल नाथ से सक्रिय संपर्क तोड़ चुका है। एक समय था जब श्री नाथ के जन्मोत्सव पर सिवनी में भी मीडिया में उनके कशीदे गढ़ने वाले आलेखों और विज्ञापनों से मीडिया सराबोर रहता था, अब सालों से उनकी फोटो तक सिवनी में अखबारों में दिखाई नहीं पड़ी है। कांग्रेस के एक बड़े सदस्य ने नाम उजागर ना करने की शर्त पर कहा कि इस विज्ञापन से तो लग रहा है मानो कमल नाथ और ठा.रजनीश सिंह का सियासी कद एक बराबर ही है।

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