मंगलवार, 14 अगस्त 2012

राहुल का नेतृत्व पाने आतुर है कांग्रेस!


राहुल का नेतृत्व पाने आतुर है कांग्रेस!

(लिमटी खरे)

नई दिल्ली (साई)। कांग्रेस में अब नेहरू गांधी परिवार से इतर कोई और नेता नहीं बचा है। सारे के सारे कांग्रेस के सिपाही एक बार फिर कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं कि वे आएं और बीच भंवर में फंसी कांग्रेस की नैया को खेकर ठिकाने तक पहुंचाएं। राहुल कांग्रेस की नैया के खिवैया बनेंगे या नहीं यह तो वे ही जानें पर जिस तरह से कांग्रेस के मीडिया प्रबंधक राहुल का एक बार फिर महिमा मण्डन कर रहे हैं उससे साफ हो गया है कि कांग्रेस इस वक्त राहुल का नेतृत्व पाने बेकरार ही है।
आजादी के इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाली सवा सौ साल पुरानी कांग्रेस का इतिहास काफी गौरवशाली रहा है इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। कांग्रेस ने आजादी के उपरांत भी देश के नवनिर्माण में महती भूमिका निभाई है। कांग्रेस में नेहरू गांधी परिवार का दबदाब रहा है यह बात भी सर्वविदित ही है, किन्तु राजीव गांधी के उपरांत कांग्रेस में इस परिवार में करिश्माई नेतृत्व का अभाव साफ दिखाई देने लगा।
नब्बे के दशक में गैर नेहरू गांधी परिवार के मुखिया के बतौर नरसिंहराव ने पांच साल तक सरकार चलाकर एक नया इतिहास कायम किया। इसके उपरांत जब कांग्रेस की नैया की पतवार जैसे ही इटली मूल की सोनिया गांधी के हाथों में आई उसके उपरांत कांग्रेस का पतन आरंभ हो गया। इक्कीसवीं सदी में पहले दशक में 2004 में अस्तित्व में आया कांग्रेसनीत संप्रग दो का आरंभिक काल ठीक ठाक रहा पर संप्रग दो में घपले घोटालों ने कांग्रेस का जीना दूभर कर दिया।
कांग्रेस के अंदर चल रही चर्चाओं के अनुसार सोनिया गांधी के यस मैन डॉ.मनमोहन सिंह को वैसे तो ईमानदार की संज्ञा दी जाती है पर पिछले दो सालों से मनमोहन सिंह को ईमानदार के बजाए अब ‘भ्रष्टाचार के ईमानदार संरक्षक‘ का तगमा अघोषित तौर पर इसलिए मिल गया क्योंकि उनके सामने भ्रष्टाचार घपले, घोटालों के अनगिनत बड़े छोटे खेल खेले गए और वे मौन बैठे रहे।
कहा जाता है कि कांग्रेस अंदर ही अंदर टूट चुकी है। अब उसे आवश्यक्ता है संजीवनी की। यह संजीवनी या तो राहुल गांधी अथवा प्रियंका गांधी से मिल सकती है या फिर उमर दराज नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाकर। राहुल गांधी का जादू उत्तर प्रदेश के चुनावों में साफ तौर पर फ्लाप शो ही साबित हो चुका है। फिर भी कांग्रेस के मीडिया प्रबंधक उन्हें महिमा मण्डित करने का जतन करते नजर आ रहे हैं।
राहुल गांधी ने भी पिछले दिनों बड़ी भूमिका निभाने हेतु अपनी अनुमति देकर कांग्रेस के साथ ही साथ देश पर एहसान कर दिया है। कहा जा रहा है कि कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने मनमोहन सरकार के मंत्री के रूप में नई पारी शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली है।
कांग्रेस के सत्ता और शक्ति के शीर्ष केंद्र 10, जनपथ के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान कहा कि इस बात की पूरी संभावना है कि वे रक्षा, मानव संसाधन या ग्रामीण विकास मंत्रालय संभाल सकते हैं। सूत्रों की मानें तो अगर राहुल रक्षा मंत्री बनते हैं तो पार्टी की नीति निर्धारण कमेटी यानी कोर गु्रप में भी वह शामिल होंगे और इस मंत्रालय का मंत्री विवादों से भी परे है। अगर वे मानव संसाधन मंत्री बनते हैं तो ज्यादा से ज्यादा शिक्षा संस्थानों में जाएंगे और युवा सोच को आगे बढ़ाने का पार्टी को मौका मिलेगा। इसी तरह अगर वह ग्रामीण विकास की राह पकड़ते हैं तो महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, जिसमें वे खासी रुचि रखते हैं, को भी नया आयाम मिल सकता है। साथ ही एआईसीसी में महासचिव भी वह बने रहेंगे यानी राहुल अब एक साथ कई पारियों की शुरुआत कर सकते हैं।
उधर, राहुल को मंत्रीमण्डल में शामिल करने की अटकलों के बीच अब शिंदे को दलित पीएम प्रोजेक्ट करने की संभावनाओं पर पानी पड़ता नजर आ रहा है। भले ही शिंदे को देश का होम मिनिस्टर और लोकसभा में सदन का नेता बना दिया गया हो पर उन्हें अब भी संगठन में महत्वपूर्ण स्थान से दूर ही रखा गया है।
सुपर सीडब्लू सी के नाम से पहचानी जाने वाली कांग्रेस के कोर ग्रुप की कमेटी मे शिंदे को शामिल ना किया जाना इस बात की ओर संकेत दे रहा हे कि उन्हें दलित सैअलमेंट के बतौर यह पद दिया गया है। पिछले सप्ताह हुई कोर ग्रुप की बैठक में शिंदे को आमंत्रित नहीं किया जाना साफ दर्शाता है कि शिंदे को बतौर शोभा की सुपारी ही इस्तेमाल करने वाली है कांग्रेस।
ज्ञातव्य है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी के अलावा कोर ग्रुप में रक्षा मंत्री ए के एंटनी, वित्त मंत्री पी चिदंबरम और सोनिया के राजनैतिक सचिव अहमद पटेल शामिल हैं। चिदंबरम को गृह मंत्री रहते वक्त इस ग्रुप में शामिल किया गया था और शिवराज पाटिल को भी गृह मंत्री के तौर पर इस समूह का सदस्य बनाया गया था।

रियो ले गए ओलंपिक का झंडा


रियो ले गए ओलंपिक का झंडा

(अभिलाषा जैन)

लंदन (साई)। लंदन ओलिंपिक खेलों का रंगारंग समापन हो गया है। भारत ने दो रजत और चार कांस्य सहित छह पदक जीतकर ओलिंपिक इतिहास का अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। पदक तालिका में भारत ५५वें स्थान पर रहा। लंदन ओलिंपिक में, स्पर्धाओं का अंतिम दिन कल पहलवान सुशील कुमार के नाम रहा। पेइचिंग के कांस्य विजेता सुशील, ६६ किलोवर्ग में रजत पदक जीतकर लगातार दो ओलिंपिक व्यक्तिगत पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने।
नई दिल्ली स्थित समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो से मणिका सोनल ने बताया कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, यू पी ए अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने सुशील कुमार को पदक जीतने पर बधाई दी है। लंदन में कल देर रात आयोजित एक भव्य और रंगारंग समारोह के साथ ३०वें ग्रीष्मकालीन ओलिंपिक खेलों का समापन हुआ।
ओलिंपिक पार्क स्थित मुख्य स्टेडियम पर लगभग तीन घंटे तक चले समारोह में दुनिया के चुनिंदा संगीतकारों ने अपने यादगार प्रदर्शन से एथलीटों, अधिकारियों और दर्शकों को मंत्र-मुग्ध कर दिया। डेविड अर्नाल्ड के निर्देशन में आयोजित इस समारोह में स्पाइस गर्ल्स, एडवर्ड एल्गर, प्रसिद्ध बैंड झ्झ्द हूझ्झ् और पिंक फ्लॉइड के पूर्व सदस्यों ने स्टेडियम में मौजूद सभी लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। लंदन ओलिंपिक खेल आयोजन समिति के अध्यक्ष सेबेस्टियन को ने खेलों को सफल बनाने के लिए सभी को धन्यवाद दिया। अंतर्राष्ट्रीय ओलिंपिक समिति के अध्यक्ष जैक्स रैगे ने खेलों के विधिवत समापन की घोषणा की।
इसके बाद ओलिंपिक ध्वज को २०१६ के मेजबान शहर ब्राजील के रियो डि जिनेरियो के मेयर को सौंप दिया गया। समारोह के अंतिम चरण में धीरे-धीरे ओलिंपिक ज्योति बुझा दी गई। दुनिया भर के एथलीटों ने चार साल बाद रियो डि जिनेरियो में फिर मिलने के संकल्प के साथ विदा ली। पदक तालिका में, अमरीका ४६ स्वर्ण सहित कुल एक सौ चार पदकों के साथ पहले, चीन ३८ स्वर्ण सहित ८७ पदक लेकर दूसरे और ब्रिटेन २९ स्वर्ण सहित ६५ पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
लंदन में पिछले दो हफ्ते से चल रहे ओलंपिक खेल अब समाप्त हो गए हैं और ओलंपिक का झंडा ब्राज़ील के शहर रियो को सौंप दिया गया है जहां 2016 में ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है। समारोह के आखिरी क्षणों में ब्राज़ील की झलक दिखाई गई जहां रियो के सांबा स्कूल के नर्तकों ने ज़बर्दस्त नृत्य पेश किया। ओलंपिक का झंडा रियो के मेयर को सौंपा गया जिसके साथ ही ओलंपिक की ज़िम्मेदारी अब ब्राज़ील शहर की हो गई।
लंदन ओलिंपिक में सिल्वर मेडल जीतते ही सुशील कुमार पर इनामों की बरसात होने लगी है। हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने पहलवान सुशील कुमार को डेढ़ करोड़ रुपए के नकद इनाम की घोषणा की। दिल्ली सरकार ने भी उन्हें एक करोड़ रुपए का इनाम देने की घोषणा की है। रेल मंत्री मुकुल राय ने भी सुशील कुमार को 75 लाख रुपए का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। सुशील ने लंदन ओलंपिक में 66 किलोग्राम फ्री स्टाइल में सिल्वर मेडल जीता है।
हुड्डा ने सुशील को बधाई दी और कहा कि उन्होंने राज्य और देश का सिर गर्व से ऊंचा किया है। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि सोनीपत में कुश्ती अकैडमी बनाने के लिए सुशील को जमीन भी दी जाएगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने भी सुशील कुमार को एक करोड़ रुपए इनाम देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि सुशील कुमार ने ओलिंपिक में इतिहास रच कर हम सबको गौरवान्वित किया है।
रेल मंत्री ने सुशील कुमार के कोच सतपाल सिंह को एक लाख रुपए का नकद इनाम देने की घोषणा की। उन्होंने कहा, हमें सुशील कुमार पर गर्व है क्योंकि वह रेलवे परिवार का हिस्सा है। रेलवे अपने साथ जुड़े खिलाड़ियों को समर्थन और उन्हें प्रेरित करना जारी रखेगा।

यूपी में कर्फ्यू जारी


यूपी में कर्फ्यू जारी

(दीपांकर श्रीवास्तव)

लखनऊ (साई)। उत्तर प्रदेश में स्थानीय प्रशासन ने बरेली के कर्फ्यूग्रस्त बारादरी, प्रेम नगर, कोतवाली और किला क्षेत्रों में आज भी कर्फ्यू में कोई ढील नहीं दिये जाने की घोषणा की है। हिंसक गतिविधियों और कर्फ्यू के उल्लंघन के आरोप में कर्फ्यूग्रस्त क्षेत्रों से करीब दो सौ पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
सरकारी सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि कर्फ्यूग्रस्त क्षेत्रों से हिंसा की किसी ताजा घटना की कोई सूचना नहीं है। उधर सूत्रों ने बताया कि अपनी जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही बरतने के आरोप में जिला थाना और जगतपुर पुलिस चौकी प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। कर्फ्यू ग्रस्त क्षेत्रों से किसी हिंसात्मक घटना का समाचार नहीं है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस ने अराजक तत्त्वों और हिंसा में शामिल लोगों की गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर छापे डाले हैं। शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स सहित सुरक्षाबलों की १८ कंपनियां तैनात की गई हैं। शिक्षा संस्थाओं, बैंको और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं लेकिन सरकारी कार्यालय खुले हैं। कर्फ्यू से स्थानीय इंजीनियरिंग और अन्य संस्थानों में प्रवेश के लिए चल रही काउंसिलिंग पर असर पड़ा है। विभिन्न कॉलेजों में प्रवेश के लिए बरेली पंहुच रहे छात्रों को भी अपने कॉलेज तक पहुंचने में भारी असुविधा हो रही है।

पुलिस परीक्षा में धराए 77 मुन्ना भाई


पुलिस परीक्षा में धराए 77 मुन्ना भाई

(प्रतिभा सिंह)

पटना (साई)। बिहार में पुलिस ने प्रखंड परियोजना अधिकारी-बीपीओ और प्रखंड सहायक अधिकारी-बीएओ परीक्षाओं के दौरान नकल करवाने के आरोप में ७७ लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से १९ आरोपितों का संबंध एक संगठित गिरोह से है। पुलिस ने बताया कि इन्होंने परीक्षा में नकल करवाने के लिए मोबाइल फोन की ब्लूटूथ सुविधा का इस्तेमाल किया। बीपीओ और बीएओ के ५३३-५३३ पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी।
समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को प्राप्त जानकारी के अनुसार बिहार में महादलित विकास मिशन की परीक्षा में बड़े पैमाने पर कथित धांधली करने के आरोप में पुलिस की विशेष टीम ने ७७ लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से ५८ परिक्षार्थियों के अभिभावक भी शामिल हैं। सभी गिरफ्तार लोगों पर आईपीसी और आईटीएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार लोगों से एक लाख नकद, ६३ मोबाइल फोन और १९ चार पहिंया और दो पहिंया वाहन भी जब्त किया गया है। एडीजी मुख्यालय के मुताबिक यह गिरोह काफी बड़ा हो सकता है।

एमडीएलआर के आफिस पर छापा


एमडीएलआर के आफिस पर छापा


(चंद्रकांत शर्मा)

गुडगांव (साई)। गीतिका शर्मा आत्महत्या मामले में कल दिल्ली पुलिस ने गुड़गांव में एमडीएलआर समूह के दफ्तर पर छापा मारा। दिल्ली पुलिस मामले की एक आरोपी अरूणा चड्ढा के साथ गुड़गांव पहुंची। पुलिस ने एमडीएलआर के दफ्तर से कई दस्तावेज जब्त करने के साथ-साथ कम्प्यूटर भी स्कैन किये।
इस बीच, दिल्ली पुलिस को गीतिका की एक ई-मेल का पता चलने के बाद दिल्ली की एक अदालत ने अरूणा की पुलिस हिरासत की अवधि एक दिन बढ़ा दी। बताया जाता है कि इस ई-मेल में गीतिका ने अपने बूते पर करियर बनाने की बात कही है। इस मामले में मुख्य आरोपी, हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा छह दिन से लापता हैं। मामले की एक अन्य आरोपी अरुणा चड्ढा की हिरासत की अवधि एक दिन के लिये बढ़ा दी गई।
दिल्ली पुलिस ने गुड़गांव स्थित एमडीएलआर समूह के कार्यालय पर छापा मारा। इस दौरान पुलिस दल एमडीएलआर की गिरफ्तार कर्मचारी अरुणा चड्ढा को भी अपने साथ वहां लेकर गई थी। पुलिस टीम ने कार्यालय से विभिन्न दस्तावेज तथा अन्य सामग्री अपने कब्जे में ली है।
कुछ महिला पुलिस अधिकारियों के साथ यह पुलिस दल यहां पॉश इलाके सेक्टर 15 स्थित चार मंजिला कार्यालय इमारत में दो घंटे से अधिक समय तक रहा। उधर, इस मामले के मुख्य आरोपी और हरियाणा के पूर्व गृह राज्य मंत्री गोपाल कांडा पांचवें दिन भी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया।
पूर्व विमान परिचारिका 23 वर्षीय गीतिका शर्मा ने कांडा द्वारा कथित रूप से मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए उत्तर पश्चिमी दिल्ली के अशोक विहार स्थित अपने घर में आत्महत्या कर ली थी। गीतिका ने आत्महत्या से पूर्व लिखे अपने नोट में कहा था कि वह कांडा और एमडीएलआर की अधिकारी अरुणा चड्ढा से तंग आकर आत्महत्या कर रही है। कांडा और चड्ढा दोनों ने इस आरोप को गलत बताया था।

मुर्सी ने बर्खासत किया सेना के अफसरों को


मुर्सी ने बर्खासत किया सेना के अफसरों को

(साई इंटरनेशनल डेस्क)

काहिरा (साई)। मिस्र में राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी ने रक्षा मंत्री फील्ड मार्शल हुसैन तंतावी और सेना अध्यक्ष सामी अन्नान को बर्खास्त कर दिया है। उन्होंने संवैधानिक आदेश के तहत सेना को दिये गए व्यापक अधिकार भी छीन लिये हैं। रविवार को काहिरा के अल अजहर विश्वविद्यालय से टेलीविजन पर प्रसारित भाषण में श्री मुर्सी ने अपने फैसले को सही ठहराया है।
उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई पिछले वर्ष हुए प्रदर्शनों के अधूरे एजेंडे को पूरा करने के लिए की गई है। इन्हीं प्रदर्शनों के कारण राष्ट्रपति हुस्ने मुबारक को सत्ता से हटना पड़ा था। राष्ट्रपति मुर्सी ने स्पष्ट किया कि उनका यह फैसले किसी व्यक्ति के विरूद्ध नहीं हैं और उनका उद्देश्य किसी संस्था का मान घटाना भी नहीं है।
समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को मिली जानकारी के अनुसार मिस्र के राष्ट्रपति मुर्सी ने फील्ड मार्शल हुसैन मोहम्मद तंतावी को हटाकर अब्दुल फतह अल्सीसी को मिस्र का नया रक्षा मंत्री बना दिया है। गौरतलब है कि तंतावी मुबारक सरकार के गिरने के एक साल बाद तक अंतरिम सैनिक शासक रहे और वे पिछले २० सालों से देश के रक्षामंत्री बने रहें थे ताजा कदम से देश की नीतियां बनाने, सरकार चलाने, बजट बनाने और संविधान लिखने वाली एसेम्बली के गठन पर सेना की पकड़ खत्म हो जायेगी। साथ ही मूर्सी ने जज मोहम्मद नेकी को देश का नया उपराष्ट्रपति नियुक्त किया है।

गरजे सिंह: केंद्र को कहा प्रापर्टी डीलर!


गरजे सिंह: केंद्र को कहा प्रापर्टी डीलर!

(महेश रावलानी)

नई दिल्ली (साई)। गांधीवादी नेता अन्ना हजारे के साथ मंच साझा करने बाद पूर्व आर्मी प्रमुख जनरल वीके सिंह ने बाबा रामदेव के साथ भी रविवार को रामलीला मैदान में मंच साझा किया। वीके सिंह ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार किसानों के साथ प्रॉपर्टी डीलर जैसा बरताव कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों से विकास के नाम पर जमीन छीनी जा रही है। दो महीने पहले आर्मी चीफ से रिटायर हुए जनरल सिंह का सरकार के साथ उम्र विवाद हुआ था। इसी महीने जनरल सिंह जंतर-मंतर पर अन्ना हजारे का अनशन खत्म करवाने गए थे। वह उन लोगों में भी शामिल थे जिन्होंने अन्ना हजारे से अनशन खत्म कर राजनीतिक विकल्प देने की अपील की थी।
रविवार को दोपहर बाद रामलीला मैदान में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए जनरल वीके सिंह ने कहा कि 1995 से लेकर अब तक देश में दो लाख किसानों ने खुदकुशी कर ली। वहीं सरकार विकास के नाम पर किसानों से जमीन छीनने में लगी है। पूर्व आर्मी चीफ ने कहा कि सरकार का व्यवहार किसानों के साथ प्रॉपर्टी डीलर की तरह है। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन के माध्यम से किसानों की समस्याएं प्रमुखता से उठाई जा सकती हैं। जनरल सिंह ने आरोप लगाया कि हर दिन कोई न कई नया घोटाला हो रहा है और हर घोटाला पहले के घोटाले से बड़ा साबित हो रहा है। हम चाहते हैं कि विकास पूरे देश में समान रूप से हो, लेकिन दुर्भाग्य से 4-5 फीसदी तक ही धन का वितरण हो रहा है।
जनरल वीके सिंह ने सरकार की नीतियों की भी जमकर आलोचना की। सिंह ने कहा कि सरकार का कर्तव्य है कि वह जनकल्याणकारी नीतियों को सही तरीके से चलाए। लेकिन उदारीकरण के बाद अब आपको पिज्जा आधे घंटे के अंदर मिला जाता है, पर एंबुलेंस दो घंटे में भी नहीं मिलती है। 15 रुपए में पानी की बोतल मिल रही है लेकिन घर के नलों में पेय जल नदारद है। देश में 5 से 7 फीसदी लोग मौज में हैं वहीं मास आबादी वजूद की लड़ाई लड़ रही है। जनरल सिंह ने कहा कि आज लोकतंत्र का मतलब वोटबैंक की राजनीति है। लोकतांत्रिक संस्थाओं में लगातार पतन जारी है। उन्होंने कहा कि देश से भ्रष्टाचार खत्म हो सकता है यदि लोग जाति और धर्म से ऊपर उठकर अपनी आवाज बुलंद करने का साहस करें।

सोमवार, 13 अगस्त 2012

एमपी कांग्रेस में हालात बेकाबू


एमपी कांग्रेस में हालात बेकाबू

(नन्द किशोर)

भोपाल (साई)। मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सूबाई इकाई में इन दिनों घमासान चरम पर है। कांग्रेस के छुटभैया नेता भी आला नेताओं पर छींटाकशी करते नजर आ रहे हैं, पर इस मामले में सूबे के निजाम कांतिलाल भूरिया इनके सामने बौने ही साबित हो रहे हैं। भूरिया के राज में अनुशासनहीनता इस समय चरम पर है।
हालात देखकर लग रहा है मानो कांग्रेस में नेतृत्व को खुली चुनौती देने का सिलसिला बढ़ता जा रहा है, लेकिन किसी पर भी अनुशासन का डंडा चलता नजर नहीं आ रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया समन्वय समिति में चर्चा के नाम पर इन मुद्दों को टाल रहे हैं, लेकिन बड़े नेताओं के बीच आपसी टकराव के कारण समिति की बैठक ही नहीं हो पा रही है।
पीसीसी सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने समन्वय समिति की बैठक में अड़ंगा लगा दिया है। दोनों का तर्क है कि पीसीसी में उनके समर्थकों की उपेक्षा हुई है। इसका विस्तार कर पहले असंतुलन दूर किया जाए तभी समन्वय संभव है। बताया जाता है कि विस्तार की सूची तैयार है लेकिन कुछ बड़े नेता इसे जारी होने से रोक रहे हैं।
वैसे देखा जाए तो चतुर्वेदी-परूलेकर विवाद विधानसभा में हंगामे के बाद बर्खास्त और फिर बहाल हुए राकेश चतुर्वेदी और कल्पना परुलेकर पर आरोप है कि उन्होंने नेतृत्व की जानकारी के बिना खेद जताने वाला पत्र विधानसभा अध्यक्ष को लिखा और नेतृत्व पर आरोप लगाए। गुफरान आजम के आरोप गुफरान आजम सार्वजनिक मंचों पर भूरिया की निंदा कर चुके हैं। प्रदेश कांग्रेस ने उन्हें निष्कासित करने का एक प्रस्ताव हाईकमान को भेजा था।
उधर, कमल नाथ केम्प के माने जाने वाले सांसद सज्जन सिंह वर्मा के आरोप है कि उन्हें कमजोर करने में राजा दिग्विजय सिंह की महती भूमिका रही है। सुमित्रा महाजन-दिग्विजय के बीच की चर्चा सार्वजनिक होने के बाद वर्मा ने दिग्विजय पर आरोप लगाते हुए कहा कि दिग्विजय ने उन्हें कमजोर करने के लिए कैलाश विजयवर्गीय का साथ दिया। इस पर दिग्विजय खेमे ने बयानबाजी की। तिवारी और रघुवंशी की नसीहतें विधानसभा और आदिवासी निकायों के चुनावों में हार के बाद श्रीनिवास तिवारी और हजारीलाल रघुवंशी ने नेतृत्व की क्षमताओं पर सवाल उठाए थे।
इसी तरह, कमल नाथ के प्रभाव वाले महाकौशल अंचल में लखनादौन नगर पंचायत में अध्यक्ष पद के चुनावों में कांग्रेस के प्रत्याशी के नाटकीय तरीके से हथियार डालने के बाद कांग्रेस ने यह सीट निर्दलीय प्रत्याशी की झोली में डालने के आरोप भी सार्वजनिक हो रहे हैं।

सिमी कार्यकर्ता नए क्लेवर में बना रहे संगठन

सिमी कार्यकर्ता नए क्लेवर में बना रहे संगठन

(ब्यूरो कार्यालय)

नई दिल्ली (साई)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को इस बात के पक्के सबूत मिले हैं कि प्रतिबंधित संगठन सिमी और उससे जुड़े अन्य जिहादी संगठन नाम बदलकर अपनी गतिविधियां चला रहे हैं। खासतौर पर दक्षिण भारत के राज्यों में नए नामों से बने संगठन यही काम कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि पूर्व गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने बीती 31 जुलाई को यह कहा था कि सिमी पर बैन लगने के बाद उससे जुड़े लोग अलग-अलग संगठनों में शामिल हो गए हैं। कुछ नए संगठन भी बनाए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि सरकार की नजर ऐसे संगठनों पर है। अगर जरूरत पड़ी तो इनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
इस बीच एनआईए सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि सिमी से जुड़े लोगों ने प्रतिबंध के बाद नए जिहादी संगठन खड़े कर लिए हैं। खासतौर पर केरल में इस तरह के कई संगठन काम कर रहे हैं। करीब एक दर्जन ऐसे संगठनों के बारे में पुख्ता सूचनाएं हैं। कुछ संगठनों ने तो राजनीतिक जामा पहन लिया है। इसी आड़ में वह राजधानी दिल्ली सहित देश के उच्च प्रांतों में अपने कार्यालय खोल रहे हैं। कुछ राज्यों में सक्रिय क्षेत्रीय राजनीतिक दल भी उसकी मदद कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि केरल में सिमी का व्यापक असर रहा है। प्रतिबंध के बाद जब सिमी के राष्ट्रीय पदाधिकारी इंदौर में पकड़े गए थे तो उनमें केरल के युवक भी शामिल थे। इस समय मध्य प्रदेश की जेल में बंद इन युवकों ने केरल में सिमी के कई ट्रेनिंग कैंप भी लगाए थे। ये सब भटकल बंधुओं से भी जुड़े हुए थे। सिमी कार्यकर्ता देश के हर राज्य में नए नामों से संगठन खड़े करने में लगे हुए हैं।

माननीयों को मिला ठंडा भोजन!


माननीयों को मिला ठंडा भोजन!

(प्रियंका श्रीवास्तव)

नई दिल्ली (साई)। मानसून सत्र के पहले दिन देश की सबसे बड़ी पंचायत के पंचों को सस्ता भोजन तो मिला पर वह ठंडा ही परोसा गया। अग्नि शमन विभाग के एतराज के बाद संसद की मुख्य कैंटीन पर ताला जड़ दिया गया है। इसके बाद संसद की शेष तीन केंटीन में ही भोजन की व्यवस्था सुचारू तौर पर जारी है। संसद की चालू कैंटीन में लोगों की भीड़ को संभालने में कैंटीन प्रबंधन नाकाम होता ही दिखा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार संसद में पहले ही दिन अफरातफरी का माहौल उस वक्त देखने को मिला जब वहां भोजनावकाश हुआ। इस दौरान संसद सदस्यों को बाजारू कीमत से लगभग दस गुना कम कीमत पर मुहैया होने वाले स्वादिष्ट भोजन का लुत्फ ठंडा ही भोजन खाकर उठाना पड़ा। इससे सांसदों और उनके साथ आने वालों में नाराजगी देखी गई।
बताया जाता है कि सांसदों को परोसी गई दाल और सब्जी हल्की गर्म थी तो रोटियां बिल्कुल ही ठंडी और कड़ी पड़ चुकी थीं। यहां उल्लेखनीय होगा कि अग्निशमन विभाग के सख्त एतराज के उपरांत संसद भवन की मुख्य कैंटीन को बंद कर दिया गया है। संसद की अन्य कैंटीन जो एनेक्सी, पुस्तकालय भवन और स्वागतकक्ष में संचालित हो रही हैं फिलहाल चालू हैं।
कैंटीन के एक कर्मचारी ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि उनकी समस्या यह है कि उन्हें संसदीय सत्र के दौरान आधी रात को ही जागकर तैयारी में जुट जाना होता है। पहले मुख्य कैंटीन में ही भोजन तैयार होता था अब वह भोजन पुस्तकालय भवन में तैयार हो रहा है, जिससे वहां से खाना लाने ले जाने में उसका ठंडा होना स्वाभाविक ही है।
इधर, संसद मे काम करने वाले कर्मचारियों में भी मेन कैंटीन बंद होने से नारजगी साफ दिखाई पड़ रही है। एक वरिष्ठ कर्मचारी ने नाम उजागर ना करने की शर्त पर कहा कि संसदीय सत्र के दौरान उन्हें इतना समय नहीं मिल पाता है कि वे मुख्य कैंटीन के अलावा अन्य किसी कैंटीन में जाकर खाना खा सकें। अगर थोड़ा समय होता भी है तो वहां खदबदाती भीड़ के चलते उन्हें भोजन भी नसीब नहीं हो पाता है।
उक्त कर्मचारी ने कहा कि मुख्य कैंटीन मे पहले लगभग दो हजार लोगों का खाना रोजाना ही तैयार किया जाता था। इस कैंटीन के बंद होने से इन दो हजार लोगों की भीड़ का अन्य कैंटीन में बंटना स्वाभाविक ही है। वैकल्पिक व्यवस्था के बिना मेन कैंटीन का बंद किया जाना ओचित्यहीन ही मान रहे हैं अधिकांश कर्मचारी।

राज्यों के पुलिस प्रमुखों की बैठक अगले माह


राज्यों के पुलिस प्रमुखों की बैठक अगले माह

(महेंद्र देशमुख)

नई दिल्ली (साई)। देश भर के शीर्ष पुलिस अधिकारियों की बैठक यहां छह सितंबर से शुरू हो रही है, जिसमें आतंकवादी समूहों की बढ़ती गतिविधियों, नक्सली हिंसा और भारत-पाकिस्तान सीमा से घुसपैठ के बढ़ते प्रयास मुख्य एजेंडे में शामिल होंगे। इस बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे डीजीपी और आइजीपी से आतंकवाद एवं अन्य खतरों से निबटने के तरीकों पर विचार-विमर्श करेंगे। साथ ही आतंकवाद निरोधक क्षमता मजबूत करने और एनसीटीसी के गठन की संभावना पर भी चर्चा होगी। सीमा और तटवर्ती सुरक्षा उन्नत करने को लेकर भी पुलिस अधिकारियों की राय जानी जायेगी।
पीएमओ के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया, को बताया कि बैठक में सूचना जुटाने की मानवीय एवं तकनीक दक्षता दोनों प्रणाली की समीक्षा होगी। सूचना साझा करने, आवश्यक कार्रवाई, आर्थिक अपराध से निपटने के तरीके खासकर जाली भारतीय नोटों से निपटने के तरीके, पुलिस बल के आधुनिकीकरण, हथियारों की खरीद और पुलिस में खाली पदों पर भर्ती की समीक्षा की जायेगी।
हाल में पुणें में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोट पर भी गहन विचार-विमर्श होगा और शीर्ष पुलिस अधिकारी कुछ आतंकवादी समूहों की बढ़ती गतिविधियों पर भी गौर करेंगे। गृह मंत्रलय का प्रभार संभालने के बाद शिंदे पहली बार बडी बैठक में हिस्सा लेंगे। गृह मंत्री के तौर पर वह अपनी योजनाओं का खुलासा भी कर सकते हैं।

फिर आग लग सकती है पेट्रोल के दामों में!


फिर आग लग सकती है पेट्रोल के दामों में!

(आकाश कुमार)

नई दिल्ली (साई)। इंडियन ऑयल ने कहा है कि उसे पेट्रोल बेचने में 1।37 रुपये प्रति लीटर की दर से घाटा हो रहा है, इसलिए वह पेट्रोल की कीमत में वृद्धि कर सकती है। इंडियन ऑयल के अधिकारी के इस बयान के बाद कयास लगाये जा रहे हैं कि पेट्रोल डेढ रुपये तक महंगा हो सकता है।
उल्लेखनीय है कि हर बार की तरह तेल कंपनियों ने एक बार फिर अंतराष्घ्ट्रीय बाजार में कीमत बढ़ने का रोना रोया है। तेल कंपनियां हर महीने की पहली और 16 तारीख को पखवाड़े के औसत आयात मूल्य के हिसाब से तेल मूल्यों की समीक्षा करती हैं। फिलहाल डीजल, रसोई गैस और मिट्टी तेल पर सरकार का नियंत्रण है।
पेट्रोलियम पदार्थों की खुदरा बिक्री करने वाली देश की सबसे बडी कंपनी इंडियन ऑयल कार्पाेरेशन को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून, 2012) के दौरान 22,451 करोड रुपए का शुद्ध घाटा हुआ। कंपनी को पिछले साल इसी दौरान 3719 करोड रुपए का घाटा हुआ था।
इंडियन ऑयल के अध्यक्ष आरएस बुटोला ने कंपनी निदेशक मंडल की बैठक में मंजूर तिमाही वित्तीय रपट की जानकारी दी। कंपनी ने इस दौरान पहली तिमाही में 1,01,936 करोड रुपए की आमदनी दर्ज की है जो एक साल पहले इसी अवधि की आय से 12।4 प्रतिशत अधिक है। पिछले वित्त वर्ष की प्रथम तिमाही में कंपनी ने 90,713 करोड रुपए की आय दर्ज की थी।
कंपनी को किसी एक तिमाही में होने वाला यह सबसे बडा घाटा है। इससे पहले कंपनी को सितंबर 2011 की दूसरी तिमाही में 7,485 करोड का घाटा हुआ था। बुटोला ने बताया कि डीजल, मिट्टी तेल और घरेलू रसोई गैस की बिक्री पर कंपनी को 17,485 करोड की कम वसूली हुई है। इसकी भरपाई सरकार की तरफ से होनी है। फिलहाल अभी यह राशि प्राप्त नहीं हुई है। इससे भी कंपनी का घाटा बढा है।
रुपये की विनिमय दर में गिरावट से कंपनी को 3,187 करोड रुपये और महंगे में खरीदे गये माल का दाम बाद में घटने से भी कंपनी को 4,062 करोड रुपये का नुकसान हुआ। इससे उसका रिफाइनिंग मार्जिन नकारात्मक हो गया। कंपनी पर कर्ज का बोझ भी बढता जा रहा है। जिसपर 1,849 करोड रुपये का ब्याज उसे चुकाना पडा है।

ऑन लाईन होगी महिला सेल


ऑन लाईन होगी महिला सेल

(आंचल झा)

रायपुर (साई)। राजधानी में महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा के लिए बनाई गई महिला सेल (डॉयल 1091) अब ऑनलाइन हो जाएगी। फोन के अलावा युवतियां फेसबुक और अन्य वेबसाइट के जरिए भी इसमें शिकायत कर सकेंगी। पुलिस ने महिला सेल के नाम से फेसबुक आईडी बनाने की तैयारी कर ली है। इसे विभाग का स्टाफ संचालित करेगा।
शहर में महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और अश्लील फोन कॉल्स की वजह से महिला सेल का गठन किया गया था। पिछले दो सालों से चल रहे इस सेल में अब तक डेढ़ हजार से ज्यादा शिकायतें आ चुकी हैं। इनमें 80 फीसदी मामले सुलझाए भी गए जिनमें 400 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई।
महिला सेल गठित होने के बाद से सुर्खियों में रहा है। हाउस वाइफ, कॉलेज-स्कूल गर्ल्स से लेकर नवविवाहित युवतियों को फोन पर कॉल और एसएमएस करने वालों को पकड़ने के लिए यह सेल काम कर रहा है। पुलिस विभाग में इस सेल के गठन के बाद से ही थानों का बोझ काम हुआ है। थाना स्तर पर पहले ऐसे मामलों का निपटारा नहीं हो पाता था। ज्यादातर रिपोर्ट नहीं लिखवाना चाहते थे और इस चक्कर में उनकी परेशानी कम नहीं हो पाती थी।
महिला सेल की एक नई आईडी महिला सेल रायपुर के नाम से फेसबुक पर बनाई जा रही है। पुलिस का मानना है कि 70 फीसदी से ज्यादा पढ़ी-लिखी युवतियां और महिलाएं इससे जुड़ी हुई हैं। इस आईडी में पुलिस एक मैसेज बॉक्स (कंपलेन बॉक्स) बनाएगी। इसमें क्लिक कर लोग अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
पुलिस सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि इस शिकायत की सेल में प्रिंट आउट कॉपी निकाली जाएगी जिसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। शिकायत के बाद फेसबुक पर फीडबैक भी लिया जाएगा। शिकायतकर्ता का इसमें नाम या पता देना जरूरी नहीं है लेकिन पुलिस इसकी तस्दीक करेगी। शिकायत झूठी हुई, तो उल्टी कार्रवाई हो सकती है।
वैसे आम शिकायत है कि महिला सेल में शिकायत के लिए जारी किया गया डायल 1091 का नंबर अक्सर ठप पड़ा रहता है। कई महीनों से इसमें फोन नहीं लग रहा। शिकायत करने वालों को पुलिस कंट्रोल रूम द्वारा महिला सेल का लैंडलाइन नंबर 0771-4247137 या प्रभारी का मोबाइल नंबर दिया जाता है। तब जाकर इस सेल में शिकायत हो पाती है। अब ऑन लाइन होने से ऐसी समस्याएं काफी हद तक दूर हो जाएंगी। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कुछ दिनों बाद डायलिंग प्राब्लम भी दूर हो जाएगी। महिला सेल में स्टाफ भी बढ़ाया जा रहा है।

एनआरएचएम का पैसा बह रहा पानी की तरह


एनआरएचएम का पैसा बह रहा पानी की तरह

(अभय नायक)

रायपुर (साई)। राज्य सरकार द्वारा फिजूल खर्ची पर रोक लगाने के बावजूद राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के अधिकारी सरकारी पैसा पानी की तरह बहा रहे हैं। अफसरों ने एनआरएच कार्यालय के लिए पंडरी में सवा दो लाख में किराये पर भवन लिया। अब उसमें 40 लाख रुपए सजावट पर खर्च किए जा रहे हैं।
सरकारी सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि राज्य शासन के सभी संचालनालय और राज्य स्तरीय कार्यालय नई राजधानी के नए भवन में शिफ्ट होने वाले हैं। 1 नवंबर को मंत्रालय शिफ्ट होगा। उसके बाद धीरे-धीरे सारे विभागीय कार्यालय वहां जाएंगे। इस बात को ध्यान में रखकर शासन ने पुराने कार्यालयों में खर्च करने पर पाबंदी लगाई है।
सरकार ने सभी विभाग के प्रमुखों को इस निर्देश पर सख्ती से अमल करने को कहा गया है। इसके बावजूद एनआरएचएम के अधिकारियों ने पंडरी में भारतीय जीवन बीमा निगम की बिल्डिंग के चौथे और पांचवीं मंजिल के दो फ्लोर किराये पर लिए। एक अगस्त को आनन-फानन में एनआएचएम का पूरा दफ्तर वहां शिफ्ट भी हो गया है।
अब इस किराये के भवन पर 40 लाख रुपए फर्नीचर और सजावट पर खर्च किया जा रहा है। इसके लिए बजट स्वीकृत कर आर्डर भी जारी कर दिया गया है। इस माह के अंत में नए भवन में काम शुरु हो जाएगा। दावा किया जा रहा है कि 40 लाख में फर्नीचर और सजावट का काम नहीं होने पर इतनी ही राशि और स्वीकृत करने की योजना है। इतनी बड़ी रकम खर्च करते समय इस बात का जरा भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है कि नई राजधानी में जब दफ्तर शिफ्ट होने वाला है तब सजावट का क्या होगा?
उल्लेखनीय है कि एनआरएचएम का कार्यालय अभी तक मंत्रालय के पीछे स्थित स्वास्थ्य विभाग की बिल्डिंग के एक हिस्से में चल रहा था। स्वास्थ्य अधिकारियों ने राज्य टीकाकरण कार्यालय भवन के ऊपरी हिस्से को एनआरएचएम कार्यालय के लिए दिया था। अभी तक यह कार्यालय वहीं संचालित होता रहा है।
एनआरएचएम के अधिकारियों ने नए भवन की सजावट और फर्नीचर बनाने का ठेका हाउसिंग बोर्ड को दिया है। हाउसिंग बोर्ड भले ही शासकीय एजेंसी है, लेकिन इसका काम मकान बनाना है। ऐसी स्थिति में हाउसिंग बोर्ड खुद फर्नीचर नहीं बनाएगा, वह यह काम ठेका देकर करवाएगा। ऐसी स्थिति में हाउसिंग बोर्ड को ठेका देना कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है।
देखा जाए तो एनआरएचएम का काम ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाना है। यह स्वास्थ्य विभाग के अधीन रहकर काम भले ही करती है, लेकिन इसके लिए केंद्र सरकार से बजट आता है। एनआरएचएम के सभी जिलों में कार्यालय हैं। विकासखंड स्तर पर भी अफसरों की नियुक्ति की गई है। मैदानी अमले से स्वास्थ्य की जरूरतों का पता लगाकर उसकी पूर्ति की जाती है।

9 साल में पास करो एमबीबीएस वर्ना


9 साल में पास करो एमबीबीएस वर्ना

(आशीष माहेश्वरी)

नई दिल्ली (साई)। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की ओर से एमबीबीएस कोर्स पास करने की समयावधि नौ साल तय कर दी गई है। इससे ज्यादा समय लिए जाने पर एमसीआई स्टूडेंट्स को ग्रेजुएट का हकदार नहीं मानेगी। कुछ समय पहले ही एमसीआई ने यह अध्यादेश जारी किया है, ताकि एक तय समयावधि में यह डिग्री लिए जाने से बेहतरीन क्वालिटी के डॉक्टर बन पाएं। स्टूडेंट्स में रेगुलर पढ़ाई करने की आदत बन सके। इससे प्रोफेशन और कोर्स का स्टैंडर्ड बरकरार रहेगा।
गौरतलब है कि पिछले कई दशकों से एमबीबीएस कोर्स को पास करने की समयावधि तय नहीं थी। फर्स्ट ईयर को छोड़कर बाकी ईयर स्टूडेंट कितने भी साल में पास कर सकता था। सिर्फ फर्स्ट ईयर उसे चार अटैंप्ट या मर्सी अटैंप्ट में पास करना होता था। फर्स्ट ईयर क्लियर होने पर ही उसे सेकंड ईयर में एडमिशन मिलता था, लेकिन सेकंड से लेकर फाइनल ईयर तक पास करने के लिए निश्चित अटैंप्ट नहीं थे।
स्टूडेंट्स अपनी सुविधा के मुताबिक यह कोर्स पूरा करने के लिए मनचाहा वक्त ले सकता था। साढ़े पांच साल के कोर्स को पास करने के लिए तय समयावधि नहीं होने के कारण स्टूडेंट्स काफी वक्त लेते थे। रेगुलर स्टडी नहीं किए जाने से क्रॉनिक फैलियर के केस सामने आ रहे थे।
रेगुलेशन फॉर ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन 2012 के तहत बनाए गए इस नियम के अनुसार, अटैंप्ट फिक्स कर दिए गए हैं। स्टूडेंट्स को फर्स्ट यूनिवर्सिटी प्रोफेशनल एग्जामिनेशन सिर्फ चार अटैंप्ट में पास करना जरूरी होगा। छत्रपति शाहूजी महाराज मेडिकल यूनिवर्सिटी ने स्टूडेंट्स के क्रॉनिक फैलियर का मुद्दा उठाया। इस यूनिवर्सिटी ने एमसीआई को नियम में बदलाव लाने के लिए लिखा था। यूनिवर्सिटी के मुद्दे को आधार मानते हुए क्रॉनिक फैलियर का इस नियम के आधार पर निकाला है।

शिवराज चला रहे अवैध वायरलेस सैट!


शिवराज चला रहे अवैध वायरलेस सैट!

(शरद खरे)

नई दिल्ली (साई)। मण्डला सिवनी संसदीय क्षेत्र के लोकसभा सांसद बसोरी सिंह मसराम ने केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री आनंद शर्मा को एक पत्र लिखकर कहा है कि मध्य प्रदेश सरकार का वन महकमा अवैध रूप से वायरलेस सैट का संचालन कर रहा है। सांसद की शिकायत पर एमपी के फारेस्ट डिपार्टमेंट के डेढ़ करोड़ रूपए डूबने की आशंका जताई जा रही है।
उधर, केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि एमपी के फारेस्ट डिपार्टमेंट की लापरवाही के चलते नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व में बाघ समेत अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा दांव पर लग गई है। इसका कारण यह है कि ढाई हजार से ज्यादा वायरलेस सेट बेकार हो गए हैं।
संचार मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि नए वायरलेस सेट खरीदने के लिए मप्र के वन विभाग ने संचार मंत्रालय का प्रमाण-पत्र मांगा तो उसने दो टूक जवाब दे दिया कि पहले 43 करोड़ रुपए का बकाया चुकाओ। तब अनुमति दी जाएगी। वायरलेस सेट ठप होने के कारण जंगल में पेट्रोलिंग के समय सक्रिय रहने वाला सूचना तंत्र पूरी तरह फेल हो गया है। अब चूंकि बाघों की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सीधे हस्तक्षेप किया है तो वन विभाग इस कोशिश में है कि केंद्र सरकार इस बकाया राशि को ही माफ कर दे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नए वायरलेस सेट खरीदने के लिए वन विभाग ने केंद्रीय खरीद एजेंसी डीजीएस एंड डी (डायरेक्टर जनरल ऑफ सप्लाई एंड डिस्पोजल) को अधिकृत कर डेढ़ करोड़ रुपए दे दिए। डीजीएस एंड डी ने बैंगलोर की एक कंपनी से वायरलेस सेट खरीदने के लिए कंपनी को राशि भी दे दी।
इसी दौरान सिवनी के बारापत्थर निवासी उत्कर्ष सहारे की शिकायत पर मंडला से सांसद बसोरी सिंह मसराम ने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा को चिट्ठी लिखकर बताया कि मप्र का वन विभाग संचार अधिनियम के विरुद्ध अवैध रूप से वायरलेस सेट चला रहा है। इस चिट्ठी के बाद कंपनी ने वायरलेस सेट चलाने के लिए वन विभाग से लाइसेंस मांगा। वन विभाग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को लाइसेंस के लिए चिट्ठी लिखी तो उसने 2004 से लेकर अभी तक बकाया निकालकर 43 करोड़ रुपए की डिमांड निकाल दी।

नकली नोट की पहचान बताई बैंक ने


नकली नोट की पहचान बताई बैंक ने

(प्रियंका अरोरा)

जैसलमेर (साई)। रिजर्व बैंक की ओर से सीमावर्ती जिलों के बैंक कर्मियों एवं आमजन को नकली नोटों के प्रति जागरुक करने तथा नोटों की पहचान बताने के लिए विशेष वित्तीय साक्षरता अभियान चलाया जा रहा है। आरबीआई के महाप्रबंधक बीएस खत्री ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि आरबीआई द्वारा इस संबंध में जागरुकता जगाने के लिए आए दिन प्रशिक्षण आयोजित किए जाते है। लेकिन सीमावर्ती जिलों के बैंकों में स्टाफ की कमी के कारण समस्त कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जाना संभव नहीं हो पाता है।
इसलिए आरबीआई द्वारा इन जिलों में यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अभी तक गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर व जैसलमेर की ब्रांच में जानकारी दी गई है। आगामी दिनों में पोकरण, बाड़मेर व जोधपुर की ब्रांच में कार्यक्रम आयोजित कर नकली नोटों की जांच करने के बारे में बताया जाएगा। इस अवसर पर आरबीआई प्रबंधक हेमेन्द्र कोठारी व लीड बैंक अधिकारी ब्रजवल्लभ पुरोहित भी उपस्थित थे।
खत्री ने बताया कि 100, 500 व 1 हजार के नोटों में मशीन से देखने पर विभिन्न कोणों से हरे व नीले रंग का दिखाई देता है। अल्ट्रावायलेट रोशनी में देखने पर इसका अग्र भाग चमकीला दिखाई देता है। उसी प्रकार 10, 20 व 50 के नोटों में सामने से देखने पर सुरक्षा धागा खंडित रेखा के रुप में दिखाई देता। अल्ट्रा वायलेट रोशनी में दोनों ओर पीले रंग का चमकीला दिखाई देता है। असली व नकली नोट की सबसे बड़ी पहचान यही है कि असली नोट में उभारदार मुद्रण होता है।
नोट पर महात्मा गांधी का चित्र, रिजर्व बैंक की मुहर और गारंटी, वचन खण्ड, अशोक स्तंभ का चिन्ह, गर्वनर के हस्ताक्षर सभी उभरे हुए होते है। इन्हें छूकर महसूस किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सभी प्रकार के नोटों पर मूल्यवर्गीय अंक का आधा हिस्सा आगे की ओर तथा आधा हिस्सा पीछे की ओर मुद्रित है। दोनों हिस्से इतने सटीक छपे होते है कि रोशनी के सामने देखने पर दोनों एक ही दिखाई देते है। साथ ही नोटों को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए वाटर मार्क, रंग परिवर्तक स्याही सहित अन्य विशेषताएं होती है। आरबीआई प्रबंधक हेमंत कोठारी ने कटे फटे नोटों को बदलने की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी।

टेक्सी में जन्मा बालक


टेक्सी में जन्मा बालक

(विनोद नेगी)

श्रीनगर (साई)। कश्मीर में गंदेरबाल जिले के सरकारी अस्पताल से वापस भेजे जाने के बाद आज एक महिला ने बच्चे को टैक्सी में जन्म दिया। जिला प्रशासन के सूत्रों ने बताया कि पहली बार मां बनने वाली आमरीन ने एक लडके को जन्म दिया। वह गंदेरबाल जिला मुख्यालय से 12 किमी दूर स्थित गुतलीबाग वापस आ रही थी, तभी उसने टैक्सी में बच्चे को जन्म दे दिया। उन्होंने बताया कि आमरीन आज सुबह जिला मुख्यालय के सरकारी अस्पताल में प्रसूति विशेषज्ञ के पास गयी थी। लेकिन चिकित्सक ने उसे यह कहकर वापस कर दिया कि उसके प्रसव में अभी कुछ समय शेष है।
सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि टैक्सी में बच्चे के जन्म के बाद उसे फिर से गंदेरबल अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने बताया कि फिलहाल जच्चा और बच्चा की हालत स्थिर और खतरे से बाहर है। ब्लॉक के चिकित्सा अधिकारी मेहमूदा कर ने उक्त प्रसूति चिकित्सक की ‘लापरवाही’ पर जांच के आदेश दिये हैं। इसके अलावा मुख्य चिकित्सा अधिकारी दिलदार मीर ने कहा कि वह घटना की जांच कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि घटना के समय वह राज्यपाल के साथ किसी दूर स्थान में बैठक कर रहे थे।

शालेय स्तर पर मिले खेलों को बढ़ावा: नारंग


शालेय स्तर पर मिले खेलों को बढ़ावा: नारंग

(अनेशा वर्मा)

फरीदाबाद (साई)। ओलंपिक खेलों के कांस्य पदक विजेता गगन नारंग ने कहा कि खेलों को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने अन्य राज्यों से भी महाराष्ट्र और हरियाणा की राह पर चलकर खेलों को बढावा देने की अपील की। नारंग ने लंदन से लौटने के बाद आयोजित एक सम्मान समारोह में कहा, ‘‘खेल बच्चे के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं और इसलिए इन्हें उनके पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। ’’
खेलों को बढावा देने के लिये दो राज्यों की जमकर तारीफ करते नारंग ने कहा कि हरियाणा और महाराष्ट्र दूसरे राज्यों के लिये उदाहरण हैं। उन्हें भी इन राज्यों का अनुसरण करके अपने आधारभूत ढांचे का विकास करना चाहिए। राष्ट्रीय कोच तथा राइफल कोच स्टेनिसलास लेपीड्स की प्रशंसा करते हुए नारंग ने कहा कि इन लोगों के सहयोग के बिना उनके लिये पदक जीतना संभव नहीं होता। इस अवसर पर नारंग के माता पिता को भी सम्मानित किया गया।

स्वतंत्रता दिवस के बाद होगी कालेशीशे पर कार्यवाही


स्वतंत्रता दिवस के बाद होगी कालेशीशे पर कार्यवाही

(दीपमाला दत्ता)

जम्मू (साई)। जम्मू कश्मीर यातायात पुलिस ने राज्य में 20 अगस्त के बाद काले शीशे वाले वाहनों को जब्त कर लिया जायेगा। पुलिस महानिरीक्षक (यातायात) मुनीर खान ने बताया कि शीर्ष अदालत के काले शीशों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के आदेश को लागू करने के लिये यह कदम उठाया जा रहा है।
पुलिस ने हिदायत दी है कि सरकारी सहित सभी वाहनों, संबद्ध अधिकारियों से कहा गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि वाहनों से काले शीशे 20 अगस्त तक हटा लिये जायें। उन्होंने कहा कि 20 अगस्त के बाद आदेश का उल्लंघन करने वाले वाहन जब्त कर लिये जायेंगे।