दिल्ली पीसीसी का
बदलेगा चेहरा
(मणिका सोनल)
नई दिल्ली (साई)। राष्ट्रीय
स्तर पर संगठन और केन्द्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चाओं के साथ ही दिल्ली
कांग्रेस में भी हलचल की चर्चाएं जोरों पर हैं। अध्यक्ष जय प्रकाश अग्रवाल की
इनिंग पांच साल की हो गई है। इसलिए फेरबदल की गुंजाइश भी है। वैसे, अग्रवाल अभी विदेश
में हैं। दो-तीन दिन में उनके लौट आने पर इन चर्चाओं की असलियत साफ हो सकती है।
कांग्रेस गलियारों
की इन चर्चाओं के मूल में कौन है, कहना मुश्किल है। लेकिन चर्चाओं के पीछे
मकसद और मतलब बहुत बार सही भी होते हैं। इन चर्चाओं के बीच यह सवाल भी खड़ा हो रहा
है कि साल भर बाद विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव के किसी भी वक्त के खतरे के
मद्देनजर क्या इस वक्त फेरबदल किया जाना सही होगा?
कांग्रेस के उच्च
पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि युवा केन्द्रीय मंत्री अजय
माकन और कृष्णा तीरथ के भी अध्यक्ष पद के लिए आगे चल रहे हैं। लेकिन स्वतंत्र
प्रभार के दोनों मंत्री सरकार में अच्छा काम कर रहे हैं। वे शायद ही वहां से हटना
चाहें। दो और अहम नाम भी हैं।
2002 में एमसीडी
में तब तक की सबसे ज्यादा सीटें जीतने में रोल प्ले करने वाले प्रदेश अध्यक्ष
सुभाष चोपड़ा के नाम पर फिर विचार हो रहा हैं। चोपड़ा को विधानसभा स्पीकर नहीं बनाए
जाने पर एक बड़े वर्ग को काफी बुरा लगा था। अब वह कसर पूरी की जा सकती है। विधानसभा
स्पीकर डॉ. योगानंद शास्त्री का नाम भी चर्चा में है। शास्त्री को यदि अध्यक्ष
बनाया जाता है, तो उनकी
जगह चोपड़ा को स्पीकर की कुर्सी दी जा सकती है।

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