बुधवार, 10 अक्टूबर 2012

केब द्वारा शिक्षा के विस्तार पर गठित समिति की बैठक

केब द्वारा शिक्षा के विस्तार पर गठित समिति की बैठक

(मणिका सोनल)

नई दिल्ली (साई)। शिक्षा के अधिकार के विस्तार के लिए गठित उप समिति की बैठक आज केन्द्रीय शिक्षा राज्य मंत्री श्रीमती डी0 पुरंदेश्वरी की अध्यक्षता मंे हुई। बैठक में गठित उप समिति की अध्यक्षा मध्यप्रदेश की शिक्षा मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने उप समिति द्वारा तैयार प्रिजेन्टेशन के माध्यम से सभी उपस्थित सदस्यों और शिक्षाविदों को 6 वर्ष की आयु तक बच्चों के प्री-प्राइमरी शिक्षा के बारे में बताना और इसको अधिक बेहतर और संवेदनशील बनाने के लिए दिये गये सुझावों को दर्शाया गया। साथ ही 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों को भी शिक्षा के अधिकार की परिधि में लाने का आग्रह किया।
समिति के सदस्यों ने इस सम्बन्ध में अपने-अपने विचार रखे। बैठक में निर्णय लिया गया कि गठित उप समिति को इस कार्य के लिए थोड़ा और समय शिक्षा के अधिकार के विस्तार के प्रारूप को तैयार करने के लिए दिया जाय।

फुर्र हो गया सहकारिता मंत्री गौरीशंकर बिसेन का मुस्लिम प्रेम?


फुर्र हो गया सहकारिता मंत्री गौरीशंकर बिसेन का मुस्लिम प्रेम? 

(रहीम खान)

बालाघाट (साई)। भारतीय राजनीतिक परिदृश्य में सभी राजनीतिक दलों के आकर्षण का केन्द्र रहने वाले मुस्लिम मतदाताओं को प्रभावित करने के लिये हमेशा कोई न कोई प्रयास राजनीति के क्षेत्र में सक्रिय लोगों के द्वारा निरंतर किये जाते है । क्योंकि देश के भीतर मुस्लिम आबादी वर्तमान समय में 18 करोड़ से ऊपर मानी जाती है । इसलिये इस वर्ग के मतदाताओं को एक दम से कोई भी राजनीतिक दल उपेक्षित नहीं कर पाता । क्योंकि अनेक ऐसे स्थान है जहां पर चुनाव में हार जीत का निर्णय मुस्लिम मतदाताओं के झुकाव पर ही निर्भर होता है । मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार के मुखिया मुख्यत्रंी शिवराज जी चौहान राजनीति के इस सूत्र को अच्छी तरह समझ गये है, इसलिये उन्होने अल्पसंख्यक वर्ग के अनेक योजनाएं लागू कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के क्षेत्र में निरंतर प्रयास जारी रखे है । आमतौर पर भाजपा और मुसलमानों के बीच राजनीति के क्षेत्र में जो दूरियां मानी जाती थी वह धीरे धीरे समाप्त हो रही है । और मुस्लिम क्षेत्रों में भाजपा को मिलने वाले प्रतिशत में निरंतर वृद्धि हो रही है । बालाघाट विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं मध्यप्रदेश में सहकारिता एवं पी.एच.ई. विभाग के मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने वर्ष 2011 में मुस्लिमों के पवित्र माह रमजान महिने में केवल रोजा अफ्तार के कार्यक्रम ही आयोजन नहीं किये बल्कि परासिया, सिवनी, छिन्दवाड़ा, नरसिंहपुर, बालाघाट में ईद मिलन समारोह के भव्य आयोजन कर मुस्लिम समाज को भाजपा से जोड़ने का सार्थक प्रयास भी किया और इसके सकारात्मक परिणाम यह देखने मिले की बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग पार्टी के अल्प संख्यक मोर्चे मे शामिल हो भाजपा का झंडा पकडने में कोई संकोच नहीं कर रहे है । बालाघाट जिले के सांसद के रूप में गौरीशंकर बिसेन ने नगर के बैहर रोड़ स्थित शादी हाल के अधूर निर्माण को अपने सांसद निधि से 25 लाख से अधिक राशि प्रदान कर उक्त भवन में महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई थी ।इसी्र प्रकार से मुस्लीम समाज से संबंधित अनेक कार्यक्रमों में गौरीशंकर बिसेन की उपस्थिति अग्रीण रहने लगी थी । बालाधाट जिले के मुस्लिम समाज ने स्वयं उनका एवं प्रदेश सरकार का खुल कर आभार व्यक्ति किया और भाजपा के प्रति अपनी आस्था प्रकट करने में कोई संकोच नहीं किया ।
किंतु इसे विडम्बना कहा जाय कि मुस्लिम समाज के प्रति उमड़ा उनका प्रेम एक वर्ष भी बात नहीं पाये कि हवा-हवाई हो गया । क्योंकि वर्ष 2012 के रमजान पत्रिवमाह में मंत्री बिसेन द्वारा न तो केाई रोजा अफ्तार का आयोजन किया गया और नाही ईद मिलन समारोह के आयाजन हुए । इतना ही नहीं पार्टी का अल्प संख्यक मोर्चा भी जिले में इस प्रकार के आयोजन को करने के प्रति पूरी तरह उदासीन रहा । मंत्री के विधान सभा क्षेत्र में उनके घोर राजनीतिक प्रतिद्वंदी कहे जाने वाले पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने मुस्लिम समाज के रोजा अफ्तार कार्यक्रमों में बढ़ चढ़ कर भाग लिया । हालांकि मुस्लिम समाज ने मंत्री बिसेन के इस अचानक आए उपेक्षित दृष्टिकोण को गभीरता से नहीं लिया । मुस्लिम बुद्धिजीवि वर्गे का मानना है कि यह अपनी अपनी रूचि की बात है । कोई कार्यक्रम हो तो अच्छा न हो तो कोई बुराई वाली नहीं बाता । परन्तु राजनीति में दंखल अंदाजी लोगों का मामना है कि मंी बिसेन निरंतर अपनी कार्यप्रणाली के कारण लगातार विवादों में घिर गये थे जिनसे उन्हे ंबाहर निकलने का कोर्इ्र एंसा मार्ग नहर नहीं रहा था । जिससे पार्टी हाई कमान यह सोचे की मंत्री बिसेनने पार्टी के वोट बैंक में वृद्धि किया है । इसा बात को ध्यान में रखते हुए उन्होनं लगातार मुस्लिम समाज के कार्यक्रमो का आयोजन कर हाई कमान को यह संदेश देने का प्रयास किया कि वह पार्टी के साथ उस समाज को जोड़ने का प्रयास कर रहे है जिन्हें पार्टी का घोर विरोधी जहा जा सकता है ।  जैेसे ही पार्टी के भीतर उनकी स्थिति जो यह संकेत दे ही थी कि उनके निरंतर विवादों से त्रस्त होकर पार्टी उन्हें मंत्री मंडल से बाहर भी कर सकती है । उसमें सुधार हुआ तो उन्हाने वह सारे प्रयास को तिलांजली ने दी जिसका उपयोग कर वह अपने राजनीति को नई मजबूती देने का प्रयास कर रहे थे । बहरहाल बालाघाट जिले में ही नहीं सम्पूर्ण महाकौशल क्षेत्र में यह बात विशेष रूप से मुस्लिम समाज के भीतर चर्चा का विषय बनी हुई  कि गौरीशंकर मंत्री बिसेन के मुस्लिम प्रेम की अचानक हवा हवाई होने के पीछे क्या कारण है । आर.एस.एस. को दवाब है या फिर उन्हें लगता है कि इस समाज के पीछे जाने से उनका या पार्टी का कोई राजनीतिक भला नहीं हेागा । यह सब उस समय हो रहा है जब मुख्यमंत्री स्वयं मुस्लिम समाज के लोगों को देख के भीतर उनके पावित्र स्थानों के दर्शन के लिऐ सरकारी खर्च पर भेजने की योजना बना रहा है ।

रिमिक्स ओरिजनल गीतों का बिगड़ा हुआ रूप है : उषा


रिमिक्स ओरिजनल गीतों का बिगड़ा हुआ रूप है : उषा

(रहीम)

मुंबई (साई)। भारतीय हिन्दी फिल्म संगीत में एक से बढ़कर आवाज के जादूकर हुये जिन्होंने अपने फन से लोगों के दिलों पर अपनी छाप बनाने में कोई कमी नहीं रखी । इसी श्रेणी में एक नाम महिला पार्श्व गायिका उषा थिमोथी का भी है । जिन्होंने स्टेज प्रोग्राम से अपने गायन का सफर प्रारंभ किया और आज वह एक स्थापित फनकार के रूप में हिन्दी फिल्म जगत में जानी पहचानी जाती है। पिछले दिनों उनसे जब उनके गायन यात्रा पर चर्चा की गई तो उषा जी ने बताया कि -‘‘संगीत मेरे रग रग में बसा हुआ है, मैंने शायद बोलने के पहले गाना ही शुरू किया था । यह मेरे पास ईश्वर का सबसे बेहतरीन वरदान है । तीन साल की उम्र से ही मैंने गाना शुरू कर दिया था। स्कूल में जब बच्चों से टीचर पूछती थी तो तुम बड़े होकर क्या बनोगे तो मेरे जवाब होता था मुझे लता मंगेशकर बनना है । तब मुझे पता नहीं था कि लता मंगेशकर किसी खास व्यक्ति का नाम है । मैंने गायिका बनूंगी यह कहने की जगह में लता जी का नाम लिया करती थी और आज भी गायन के क्षेत्र में वह मेरे आदर्श है । मैं सात साल की उम्र से ही स्टेज शो करना शुरू कर दिया था और नागपुर में मैं बहुत लोकप्रिय हो गई थी । इसी मध्य मुझे कल्याणजी आनंदजी नाइट में गाने का अवसर मिला जहां रफी साहब, मन्नाडे, मुकेश जी, हेमंत दा के साथ डूएट गाया और फिर मुंबई आ गई । 13 साल की उम्र में श्रीप्रकाश फिक्चर की फिल्म हिमालय की गोद में (1965) में रफी साहब के साथ भंागडा डूएट गाने का मौका मिला, इसका संगीत कल्याणजी आनंद जी ने दिया था और गीत के बोल आंनद बक्शी ने लिखा था जो इस प्रकार था - तू रात खड़ी थी छत पर मैं समझा की चांद निकला.... यह गीत आज भी संगीत प्रेमी श्रोताओं के मध्य लोकप्रिय है ।
इसके बाद मेरा सौभाग्य था कि मुझे लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, बसंत देसाई, मदन मोहन, उषा खन्ना, सोनिक ओमी, ओ.पी. नैयर, एस. कोहली, बाबू सिंग, बब्लू शिवराम, जैसे स्थापित संगीतकारों के निर्देशन में गाने का अवसर मिला । मैंने 500 से अधिक फिल्मों में प्ले बेक सिंगर के रूप में गीत गाये जैसे - हिमालय की गोद में, तकदीर, मेरा मुन्ना, विश्वास, परिवार, जोरो, जोहर मेहमूद इन गोआ, लकड़ी पसंद है, किलर, दो ठग, कहानी किस्मत की, विद्यार्थी, मेरा सलाम, अपना खून अपना दुश्मन, मुजरिम कौन, खूनी कौन, उलझन, हमराही, रामराज्य, हीररांझा, बेशर्म, फरेब, फरार, सोलह सिंगार करके दुल्हनिया चली (भोजपुरी) इत्यादि फिल्मों के साथ भोजपुरी, मराठी, गुजराती, राजस्थानी, हरियाणवी, बांगला, मलयालम, उडिया, पंजाबी, और असामी भाषा में मैंने गीत गाये । साथ ही दुनिया के भिन्न भिन्न देशों में शंकर जयकिसन, आर.डी. बर्मन, श्रीरामचंद, ओ.पी. नैयर, किशोर कुमार, मुकेश जी, एवं शम्मी कपूर, ऋषि कपूर, सुनीलदत्त, अशोक कुमार, जानी वाकर जैसे कलाकारोां के साथ अनेक स्टेज शो प्रोग्राम किये । मुझे हिन्दूस्थानी शास्त्रीय संगीत में राष्ट्रपति पुरस्कार से भी सम्मानीत किया गया । शास्त्रीय संगीत में मैने पंडित लक्ष्मण प्रसाद जयपुर वाले, और मेरे भाई मधुसूदन थिमोथी से सीखा, ठुकुरी गायन श्रीमती अरूण से एवं सुगम संगीत पं. शिवराम जी से सिखने के बाद संगीत में मेरे गुरू मोहम्मद रफी साहब रहे । वह पल मैं कभी नहीं भूल सकती है जब अपनी पहली फिल्म के गाने में मेरे आवाज से प्रभावित होकर रफी साहब से मेरे सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया था ।
स्थापित गायिका उषा जी ने वर्तमान संगीत पर अपना दृष्टिकोण रखते हुए कहा कि वर्तमान संगीत में पहले से ज्यादा गिरावट तो जरूर आई है फिर भी बहुत से से गीत आज भी सदाबहार है और लोग पुराने गानों को सुनना ही ज्यादा पसंद करते है । वर्तमान समय कलाकारों को संगीत का पूरा ज्ञान भी नहीं होता और वह स्टेज पर आ जाते है । आजकल सिंगर को जो टी.व्ही. के माध्यम से जो स्थान मिल रहा है वह उनके लिये हानिकारक है एक बार जल्दी स्टार बन गया तो नया कलाकार परिश्रम से ज्यादा अंहंकार के शिकार हो जातो है और फिर मेहनत नहीं कर पाते । इसलिये नये गायक गायिकाओं को पहले खूब मेहनत करनी चाहिये और अपने स्वभाव को नम्र बनाये रखना चाहिये । हमारा भारतीय संगीत शांति प्रधान है । इससे दिल को शांति मिलती है इसके लिये कलाकार को बहुत परिश्रम करना पडता है । जबकि पश्चित संगीत में जोश है यह पांव को थिकराता है और भारतीय संगीत की तुलना में आसान है । मैं केवल गायिका की बात कर रही हॅू वाद्य संगीत उनका भी मुश्किल हे। रिमिक्स ओरिजनल गीतों का बिगड़ा हुआ रूप है । जैसे किसी का कार्टून बनाने के बाद भी उस व्यक्ति को पहचान लेते है वैसे ही गीत के अच्छे पार्टस को सीधा कर मोड दिया जाता है जिससे गीत की सारी सुन्दरता नष्ट हो जाती है । मुझे आज भी स्टेज पर गाना बहुत पसंद है । और मैं अब भी लाईव शो करती हॅू मेरा अपना संगीत गु्रप है जिसमें मैं पुूराने गीत और गजल प्रस्तुत करती हॅू । फिल्मी गीतों में फूहडता से मुझे नफरत है । समय बदलता है लोगों की रूचियां बदलती है परन्तु सदाबहार नगमें हमेशा सदाबहार ही रहते है ।

पदमेश म्यूजिक के साथ होगा भरवेली सार्वजनिक दुर्गा उत्सव का शुभारंभ


पदमेश म्यूजिक के साथ होगा भरवेली सार्वजनिक दुर्गा उत्सव का शुभारंभ

(शोर्य देशमुख)

बालाघाट (साई)। जिला मुख्यालय से 5 किलोमीटर ग्राम भरवेली स्थित मॉयल लिमिटेड भरवेली द्वारा प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी कौमी एकता का प्रतीक सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समारोह पूर्वक मनाये जाने के लिये पूर्ण रूप से तैयार है । यह आयोजन कंपनी में काम करने वाले सभी जाति धर्म के कर्मचारी अधिकारी व कामगार वर्ग द्वारा अपना एक दिन का वेतन प्रदान करके किया जाता है । 9 दिवसीय इस समिति के आयोजन समिति के अध्यक्ष खान प्रबंधक किशोर चन्द्राकर, संरक्षक उप महाप्रबंधक प्रशांत करैया, सचिव कार्मिक अधिकारी दीपक श्रीवास्तव, एवं कार्यक्रम सचिव मनीष डोंगरे के साथ मॉयल कामगार संगठन के पदाधिकारी तुलसीराम ब्रम्हे, हीरा गढपाले, प्रयाग राज, शिवप्रसाद साहू, वेदप्रकाश दिवान, मनीष चन्द्रकापुर, तन्शु शिवाले, नत्थु राम आमाडारे सहित सभी कार्यकारिणी सदस्य व पदाधिकारियों के साथ विभिन्न विभाग से जुड़े कामगार कर्मचारी वर्ग को भिन्न भिन्न समिति में स्थान प्रदान किया गया है । समारोह के प्रथम दिवस 16 अक्टूबर दिन मंगलवार को देवी स्थापना, जस गायन के साथ रात्रि में पदमेश म्यूजिकल अर्थात अकेस्ट्रा पदमेश  का रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किया गया है । वहीं दूसरे दिन 17 अक्टूबर दिन बुधवार को स्कूल के बच्चों को प्रोत्साहित करने के दृष्टिकोण से रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित है जिसमें 18 शालाओं के प्रतिभागी भाग लेगें । 18 अक्टूबर दिन गुरूवार नागपुर का सुप्रसिद्ध आर्केस्ट्रा फनकार के कलाकार प्रस्तुती देगें । 19 अक्टूबर दिन शुक्रवार को शानदार दुयम कव्वाली का मुकाबला मुराद अतिश बेलगाम, कर्नाटक एवं बेबी शहनाज बनारस (उ.प्र.) के बीच रखा गया है । 20 अक्टूबर दिन शनिवार को मध्यप्रदेश के सुप्रसिद्ध देवी जागरण गायक मॉं की महिमा प्रस्तुत राकेश तिवारी द्वारा कार्यक्रम प्रस्तुत किया जायेगा। 21 अक्टूबर दिन रविवार को छत्तीसगढ़ी लोक कला मंच राजनांदगांव की प्रस्तुती संचालक खुमान साव की संस्था चंदैनी गोंदा के कलाकार अपनी प्रस्तुती देगें । जबकि 22 अक्टूबर दिन सोमवार अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया है जिसमें कवि संदीप शर्मा धार, दिनेश दिग्गज उज्जैन, लथूरी लठ्ठा, आगरा, सौरभ सुमन ओज मेरठ, कपिल जैन यवतमाल, जलाल मयकश भोपाल, रत्नाकर रतन, श्रीमती नम्रता नमिता सागर इसमें शामिल होगें। 23 अक्टूबर दिन मंगलवार को अमरावती का मशहूर आर्केस्ट्रा आर.के. मेलोडी के कलाकार अपनी संगीतमय प्रस्तुती देगें । जबकि समारोह के अंतिम दिन 24 अक्टूबर, दिन बुधवार को बाल भोज, रावण दहन एवं शानदार आतिश बाजी के साथ रात्रि में देवी जागरण गायिका मुस्कान चौरसिया का कार्यक्रम आयोजित किया गया है । उपरोक्त सभी संगीतमय सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थानीय लोगों की रूचि के अनुरूप आयोजित किये गये है । समिति के सचिव दीपक श्रीवास्तव एवं मनीष डोंगरे ने जनता से आव्हान किया है कि वह इस समारोह को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देकर देवी मॉं की असीम कृपा प्राप्त करें ।

कचहरी में स्टाम्प की मारामारी


कचहरी में स्टाम्प की मारामारी

(सचिन धीमान)

मुजफ्फरनगर (साई)।  कचहरी में बैठे स्टाम्प विक्रेताओं को दस व बीस रूपये के स्टाम्प पिछले कुछ दिनों से जिला कोषागार से नहीं मिल रहे हैं। कोषाधिकारियों की हठधर्मिता के चलते शपथपत्र बनवाने वाले छात्र छात्राओं को कोषागार में घंटों लाइन में लगकर दस रूपये का स्टाम्प लेना पड़ रहा है।  दस रूपये का स्टाम्प लेने के लिए पहले जिला कोषाधिकारी के नाम प्रार्थनापत्र लिखना पड़ता है उसके बाद वह कोषागार में जमा होता है फिर लाइन में लगकर घंटों बाद स्टाम्प मिलता है।
कालेजों में एडमिषन व छात्रवृत्ति के आवेदन के लिए हजारों छात्र कचहरी में रोज शपथपत्र बनवाने के लिए आते हैं। ऐसे में कोषागार अधिकारियों के तुगलकी फरमान ने उनकी मुष्किलें और बढ़ा दी हैं क्योंकि कोषागार अधिकारी ने कचहरी में बैठे स्टाम्प विक्रेताओं को दस व बीस रूपये के स्टाम्प देने पर पाबंदी लगा दी है। ऐसे में स्टाम्प विक्रेता भी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। स्टाम्प लेने के लिए अब आपको कोषागार में प्रार्थनापत्र देने के बाद घंटों लाइन में लगना होगा तभी आपको दस रूपये का स्टाम्प नसीब होगा। एक शपथपत्र बनवाने के लिए छात्र छात्राएं कई घंटे कचहरी में धक्के खा रहे हैं लेकिन कोषागार अधिकारी आंखें मंूदे बैठे हैं। जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह व एडीएम वित्त राजेष कुमार श्रीवास्तव भी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। वहीं स्टाम्प विक्रेताओं का कहना है कि कोषागार अधिकारियों की तानाषाह पूर्ण नीति के तहत उन्हें दस एवं बीस रूपये के स्टाम्प नहीं दिये जा रहे हैं जिससे शपथपत्र बनवाने वाले छात्र छात्राओं व अन्य नागरिकों को घंटों कोषागार में लाइन में लगना पड़ रहा है।
वहीं नोटरी अधिवक्ता विजय त्यागी ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि इस समस्या का हल आसानी से हो सकता है। यदि कोषागार में दस रूपये के स्टाम्प की समस्या है तो दस रूपये का कोर्ट फीस का टिकट लगाकर शपथपत्र तसदीक किया जा सकता है। त्यागी का तर्क है कि दस रूपये स्टाम्प हो या कोर्ट फीस का दस रूपये का टिकट सरकार को तो दस रूपये मिल ही रहे हैं। स्टाम्प एक्ट में भी इसका प्रोविजन है। इस मामले में डीएम सुरेन्द्र सिंह एक आदेष जारी कर सकते हैं जिससे शपथपत्र बनवाने वाले लोगों को आसानी हो सकती है और स्टाम्प विक्रेताओं के ब्लैक पर भी अंकुष लगाया जा सकता है।

फिरौती के लिए किसान का अपहरण, बदमाश फरार

फिरौती के लिए किसान का अपहरण, बदमाश फरार

(ब्यूरो कार्यालय)

मुजफ्फरनगर (साई)। जनपद में बदमाशों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। जनपद पुलिस है कि बदमाशों के सामने घुटने टेकती नजर आती है। जिसका सीधा असर जनपदवासियों पर दिखाई दे रहा है। बदमाशों को पकडने में निष्फल जनपद की पुलिस दिखाई दे रही है। जिस कारण आये दिन जनपद में हत्या, लूट डकैती की घटनाएं हो रही है। हाईवे पर भी जमकर बदमाश खुला खेल खेल रहे है लेकिन पुलिस बदमाशों को पकडने में निष्फल है। इसी कारण आये दिन बदमाश लोगों से फिरौती व रंगदारी मांगते दिखाई दे रहे है। मंगलवार की सुबह भी किसान से बंधक बनाकर फिरौती की मांग करने वाले बदमाश ग्रामीणों व पुलिस के मौके पर पहुंचने से बंधक बनाये गये किसान को छोडकर भाग गये। घंटों काम्बिंग के बाद ग्रामीणों ने पुलिस की मदद से किसान को बंधक मुक्त कराया। घटना से क्षेत्र सहित जनपद में दहशत का माहौल बना हुआ है।
समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को मिली जानकारी के अनुसार जनपद के थाना छपार क्षेत्र के ग्राम छपार निवासी मौहब्बत अली पुत्र फैयाज आज सुबह अपने खेतों पर गया था। जहां पर सात आठ बदमाश पहले से ही ईखों में छिपकर बैठे हुए थे। मौहब्बत अली जैसे ही खेतों में काम करने गया तभी उक्त बदमाश ईखों से निकल आये और तमंचों के बल पर उसे आतंकित करके पकड़ लिया गया तथा रस्सी से उसके हाथ पैर बांध दिये। इसके बाद बदमाशों ने मौहब्बत अली के मोबाइल पर उसके घर फोन किया और मोटी रकम लाने को कहा। इस पर परिजनों ने गांव के कुछ लोगों को इसकी जानकारी दी। इस पर सैंकड़ों ग्रामीण खेत पर पहुंच गये और पुलिस को सूचना देकर बुलवा लिया। ग्रामीणों ने पुलिस के साथ कई घंटे काम्बिंग की लेकिन उन्हें कोई बदमाश नहीं मिला। इसके बाद परिजनों ने मौहब्बत अली को बंधनमुक्त किया। वहीं छपार थाने की पुलिस मामले को दबाने में लगी है।

खूनी सडक ने लील ली एक ओर जिंदगी


खूनी सडक ने लील ली एक ओर जिंदगी

(ब्यूरो कार्यालय)

मुजफ्फरनगर (साई)। जनपद की खूनी सडके लोगों के खून से अपनी प्यास बुझाने में लगी है लेकिन खूनी सडकों की प्यास है कि बुझने का नाम नहीं ले रही है। जिसके चलते खूनी सडक ने अपनी प्यास बुझाने के लिए मंगलवार को हाइवे पर तेजी से जा रहे ट्रक ने बाइक में टक्कर मारकर एक युवक को मौत के घाट उतार दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हडकम्प मच गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर मैडिकल परीक्षण हेतु भेज दिया।
समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद के थाना छपार क्षेत्र के ग्राम बिजोपुरा निवासी 35 वर्षीय बबलू पुत्र सतपाल सिंह काफी समय से थाना सिविल लाईन क्षेत्र के मौहल्ला जनकपुरी में रह रहा था। देर रात वह बाइक पर सवार होकर जनकपुरी से अपने गांव जा रहा था। देर रात वह बाइक पर सवार होकर जनकपुरी से अपने गांव जा रहा था जब वह हाइवे पर बिकानो रेस्टोरेंट के सामने पहुंचा तभी तेज रफ्तार से आते ट्रक ने बाइक में जबरदस्त रूप से टक्कर मार दी जिससे बबलू सड़क पर काफी दूर जा गिरा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर छपार पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंची और पंचनामा भरकर शव परीक्षण हेतु भिजवा दिया।

डीएम साहब का काफिला दलालों की भीड़ में फंसा


डीएम साहब का काफिला दलालों की भीड़ में फंसा

(ब्यूरो कार्यालय)

मुजफ्फरनगर (साई)। मंगलवार की सुबह जब डीएम सुरेन्द्र सिंह अपने निवास से कार्यालय आ रहे थे तो मेरठ रोड पर एआरटीओ कार्यालय के बाहर सैंकड़ों दलालों का जमावड़ा था और सैंकड़ों वाहन सड़कों पर खड़े थे जिससे वहां जाम की स्थिति थी। इसी जाम में डीएम साहब का काफिला भी फंस गया। गुस्साए डीएम ने साथ चल रही पुलिस एस्कोर्ट के सिपाहियों से दलालों की खबर लेने को कहा। सिपाहियों ने एआरटीओ कार्यालय पर बैठे दलालों पर जमकर लाठियां भांजी तभी जाम खुल सका। डीएम से एआरटीओ से अपने कार्यालय से बाहर जमावड़ा लगाने वाले दलालों के खिलाफ कार्यवाही करने के आदेष दिये।

पैठ लगाने वाली महिलाओं का हंगामा


पैठ लगाने वाली महिलाओं का हंगामा

(ब्यूरो कार्यालय)

मुजफ्फरनगर (साई)। मंगलवार की साप्ताहिक पैंठ को नुमाइष मैदान में स्थानान्तरित करने के जिला प्रषासन के फैसले को लेकर आज गोल मार्किट में पुराने कपड़ों की बिक्री करने वाली महिलाओं व पुरूषों ने षिवचौक पर जमकर हंगामा किया। महिलाओं ने नारेबाजी की और नुमाइष मैदान की पैंठ को पूरी तरह से असुरक्षित बताते हुए गोल मार्किट में ही पैंठ लगाने पर अड़ी रही। ये सैंकड़ें महिलाएं आज भी पैंठ लगाने के लिए गोल मार्किट पहुंची और नुमाइष मैदान में जाने से साफ इंकार कर दिया। प्रदर्षन और हंगामे की सूचना पर पुलिस व प्रषासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और महिलाओं को समझा बुझाका शांत किया तथा उन्हें उनके सामान के साथ पैंठ लगाने के लिए नुमाइष मैदान पहुंचाया।
नगर की यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए डीएम सुरेन्द्र सिंह ने मंगलवार की साप्ताहिक पैंठ को नगर से हटाकर नुमाईष मैदान पर पहुंचाने के निर्देष जारी किये थे। इन्हीं निर्देषों के अनुपालन में नगर मजिस्ट्रेट इन्द्रमणि त्रिपाठी ने पिछले सप्ताह ही मंगलवार की पैंठ को शहर से हटाकर नुमाइष मैदान पर पहुंचा दिया था लेकिन वहां पर व्यवहारिक दिक्कतों को देखते हुए पैंठ लगाने वालो ंने प्रषासन से सुरक्षा व अन्य बंदोबस्त करने की मांग की थी। आज सवेरे गोल मार्किट में पुराने कपड़ों की पैठ लगाने वाली महिलाएं और पुरूष अपना अपना सामान लेकर वहां आये और गोल मार्किट में ही ठिये लगाने शुरू कर दिये। यहां तैनात पुलिसकर्मियों ने जब इन लोगों को ठिये हटाने को कहा तो महिलाओं ने पुलिसकर्मियों के साथ नांेकझोंक शुरू कर दी। कुछ महिलाएं अपना सामान लेकर षिवचौक पर पहुंची और प्रदर्षन व हंगामा शुरू कर दिया। इन महिलाओं का कहना था कि नुमाइष मैदान पर सुरक्षा के उचित बंदोबस्त नहीं हैं इस कारण वहां नागरिक उनके साथ बदसलूकी व छेड़छाड़ करते हैं। गोल मार्किट उनके लिए सुरक्षित क्षेत्र है। इन महिलाओं ने यहीं पर पैंठ लगाने की जिद की और नारेबाजी शुरू कर दी। मौके पर पहुंचे कोतवाल सत्यपाल सिंह का भी इन महिलाओं ने घेराव किया तथा जमकर हंगामा किया। हंगामे की सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट इन्द्रमणि त्रिपाठी व सीओ सिटी संजीव वाजपेयी मौके पर पहंुचे और हंगामा कर रही महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। नगर मजिस्ट्रेट ने प्रदर्षन कर रही महिलाओं को आष्वस्त किया कि प्रषासन नुमाइष मैदान में उनकी सुरक्षा के प्रबंध करेगा। लेकिन प्रदर्षनकारी महिलाएं नहीं मानी और प्रदर्षन जारी रखा। हंगामा बढ़ते देख नगर मजिस्ट्रेट ने पुलिस कंट्रोल रूम से महिला पुलिस भेजने को कहा। महिला थाने की एसओ मीनाक्षी शर्मा ने महिला पुलिसकर्मियों के साथ षिवचौक पर प्रदर्षन व हंगामा कर रही महिलाओं को समझाने का प्रयास किया लेकिन फेरी लगाने वाली महिलाओं ने उनका भी घेराव किया। बाद में पुलिस अधिकारियों की सख्ती पर हंगामा बंद हुआ। पुलिसकर्मियों ने प्रदर्षनकारियों को उनके सामान सहित नुमाईष मैदान में पैंठ लगाने के लिए पहुंचाया।
वहीं नुमाइष मैदान पैंठ लगने के बाद गुलजार नजर आया। मंगलवार को नगर में गोल मार्किट, षिवचौक, खालापार आदि स्थानों पर लगने वाली पैंठों को जिला प्रषासन द्वारा नुमाइष मैदान में स्थानांतरित कर दिया गया है। इसके चलते आज पूरा नुमाइष मैदान गुलजार नजर आया।

डीएम ने किया नवीन मंडी का निरीक्षण

डीएम ने किया नवीन मंडी का निरीक्षण

(ब्यूरो कार्यालय)

मुजफ्फरनगर (साई)। डीएम सुरेन्द्र सिंह ने आज नवीन मंडी स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने व्यापारियों व आढ़तियों की समस्याओं को सुना तथा मंडी स्थल के दोनों ओर की सड़कों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए आष्वासन दिया कि सड़कों के साथ ही नवीन मंडी स्थल पर मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता को और बेहतर बनाया जायेगा।
गुड़ का नया सीजन शुरू होने के उपरान्त डीएम सुरेन्द्र सिंह नवीन मंडी स्थल के निरीक्षण पर पहुंचे। मंडी के व्यापारी व आढ़ती पिछले काफी दिनों से जिला प्रषासन से मंडी स्थल पर मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता के साथ ही सुरक्षा और समानान्तर मंडियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग कर रहे हैं। डीएम ने सबसे पहले व्यापारियों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। व्यापारियों ने मंडी के आसपास की प्रमुख सड़कों राजवाहे वाली रोड व गांधी नगर वाले मार्ग की दुर्दषा का रोना रोया। व्यापारियों ने कहा कि मार्गों की हालत खराब हो ने के कारण किसानों को मंडी में माल लाने के लिए भारी परेषानियों का सामना करना पड़ता है। डीएम ने सबसे पहले राजवाहे वाली सड़क का निरीक्षण किया इस सड़क के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। डीएम ने 1200 मीटर की इस सड़क का निर्माण अवस्थापना निधि के तहत कराये जाने के निर्देष दिये हैं। उन्होंने व्यापारियों को आष्वासन दिया कि राजवाहे वाली सड़क और गांधीनगर वाली सड़क का निर्माण कार्य बेहतर ढंग से कराया जायेगा। व्यापारियों ने मंडी स्थल के चारों ओर सड़क पर किये गये अतिक्रमण को लेकर भी डीएम के समक्ष षिकायत षिकायत रखते हुए अतिक्रमण को ध्वस्त कराये जाने की मांग की। व्यापारियों ने इस बात को लेकर भी रोष जताया कि बार-बार मंडी समिति को षिकायत की गयी कि समानान्तर मंडियों पर पाबंदी लगायी जाये ताकि नवीन मंडी में ही किसानों के द्वारा शत प्रतिषत माल लाया जा सके लेकिन समानान्तर मंडियों और अवैध गुड़ व्यापार के खिलाफ कोई भी ठोस कार्यवाही नहीं की जाती है। व्यापारियों ने कहा कि दस प्रतिषत गुड़ ही केवल नवीन मंडी स्थल पर लाया जा रहा है। बाकी समानान्तर मंडियों में ही पहुंचा दिया जाता है। व्यापारियों ने डीएम से सुरक्षा का पर्याप्त बंदोबस्त किये जाने की भी मांग की। इसके साथ ही व्यापारियों ने मंडी में नालों की सफाई कराये जाने की भी मांग की। व्यापारियों ने कहा कि नगरपालिका परिषद को उनके द्वारा वार्षिक शुल्क के रूप में करीब बारह लाख रूपये का भुगतान किया जाता है लेकिन पालिका प्रषासन द्वारा नालों की सफाई आदि में कोई रूचि नहीं दिखाई जाती है जिस कारण यहां पर गंदगी रहती है। व्यापारियों ने कहा कि व्यापार के लिए मंडी स्थल पर एक अन्य बैंक की शाखा को खोले जाने की आवष्यकता है। उन्होंने डीएम से मंडी स्थल पर एचडीएफसी बैंक की ब्रांच स्थापित कराने की मांग की। अभी वहां केवल इलाहाबाद बैंक की ब्रांच है। इस अवसर पर डीडीए सहारनपुर नरेन्द्र सिंह मलिक, डीडीसी बंसत लाल, इंजीनियर महावीर सिंह, शकील अहमद, रविन्द्र राठी, कुलीप कुमार, अरविन्द चौधरी, व्यापारी नेता संजय मित्तल, श्याम सिंह सैनी, रोषनलाल, मुकेष कुमार, अरविन्द कुमार, अचिन्त मित्तल, देवेन्द्र कुमार प्रधान, नरेष कुमार, सुनील ग्रोवर भार्गव आदि मौजूद रहे।

शुगर के लिए लाभकारी है मेथी


हर्बल खजाना ----------------- 31

शुगर के लिए लाभकारी है मेथी

(डॉ दीपक आचार्य)

अहमदाबाद (साई)। मेथी बहुत ही कारगर औषधि है। इसकी पत्तियों की तरकारी औषधिय गुणों से भरपूर होती है। इसका वानस्पतिक नाम ट्राईगोनेला फ़ीनम-ग्रीकम है। इसके बीजों में फॉस्फेट, लेसिथिन और न्यूक्लिओ-अलब्यूमिन होने से ये कॉड लिवर ऑयल जैसे पोषक और बल प्रदान करने वाले होते हैं।
इसमें फोलिक एसिड, मैग्नीशियम, सोडियम, जिंक, कॉपर, नियासिन, थियामिन, कैरोटीन आदि पोषक तत्व पाए जाते हैं। मेथी पाचन शक्ति और भूख बढ़ाने में मदद करती है। आधा चम्मच मेथी दाना को पानी के साथ निगलने से अपचन की समस्या दूर होती है। मेथी के बीज आर्थराइटिस और साईटिका के दर्द से निजात दिलाने में मदद करते हैं।
इसके लिए १ ग्राम मेथी दाना पाउडर और सोंठ पाउडर को थोड़े से गर्म पानी के साथ दिन में दो-तीन बार लेने से लाभ होता है। इस रोग से दूर रहने के लिए प्रतिदिन १ चम्मच मेथी दाना पाउडर पानी के साथ फांकें, इसके अलावा एक चम्मच मेथी दाना को एक कप पानी में भिगो कर रात भर के लिए छोड़ दीजिए, सुबह इसका पानी पिएं।
इससे सीरम लिपिड लेवल कम होता और वजन भी संतुलित रहता है। स्तनपान कराने वाली मांए दूध बढ़ाने के लिए इसका सेवन करें तो निश्चत ही फ़ायदा होता है। बालों में रूसी होने पर मेथी दानों का पेस्ट बालों में लगाएं और आधा घंटे बाद धो लें। पातालकोट के आदिवासियों के अनुसार डायबिटीज के मरीज जो बढ़ते शुगर लेवल से परेशान रहते हैं, वे २५-५० ग्राम मेथी के दानों का सेवन रोज करें तो लाभ होगा। (साई फीचर्स)

(लेखक हर्बल मामलों के जाने माने विशेषज्ञ हैं)

सारासर लूट मची है आईडिया के नेट कनेक्शन में!


एक आईडिया जो बदल दे आपकी दुनिया . . .  31

सारासर लूट मची है आईडिया के नेट कनेक्शन में!

अभिषेक बच्चन को कोस रहे आईडिया सब्सक्राईबर

एक माह के बाद सर पकड़कर बैठ जाते हैं उपभोक्ता

(नन्द किशोर)

भोपाल (साई) आदित्य बिरला के स्वामित्व वाली आईडिया सेल्युलर द्वारा एक तरफ तो नित ही सफलताओं के नए कीर्तिमान स्थापित करने का दावा किया जाता है वहीं दूसरी ओर जूनियर बी यानी अभिषेक बच्चन से प्रभावित होकर उपभोक्ताओं द्वारा आईडिया सेल्युलर का मोबाईल कनेक्शन लिया जा रहा है। बाद में जब उपभोक्ता अपने आप को लुटा पिटा सा महसूस करता है तब वह आईडिया के साथ ही साथ अभिषेक बच्चन को कोसता नजर आता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आईडिया का मोबाईल या नेट कनेक्शन लेने पर उपभोक्ताओं को रिटेलर या आईडिया के कारिंदों द्वारा मनमानी स्कीम बता दी जाती हैं। समय गुजरने के साथ ही जब उपभोक्ताओं को बताई गई स्कीम उसे नहीं मिल पाती है तब उपभोक्ता अपने आप को लुटा पिटा ही पाता है। रिटेलर, स्टाकिस्ट या आईडिया के कर्मचारियों द्वारा उसे बाद में भ्रामक जानकारियां देकर भरमाया जाता है।
अनेक उपभोक्ताओं का कहना है कि आईडिया की सेल आफ्टर सर्विस इतनी घटिया है कि बाद में ग्राहक अपने आप को बुरी तरह ठगा सा ही महसूस करता है। आईडिया में कस्टर केयर अधिकारियों से बात करना भी आसान नहीं है। लोगोें ने कहा कि टीवी और अखबारों में अभिषेक बच्चन को आईडिया का विज्ञापन करते देख वे आईडिया का कनेक्शन तो ले लेते हैं पर बाद में सर्विसेस न मिल पाने पर वह आईडिया के बजाए अभिषेक बच्चन को ही कोसता नजर आता है। आईडिया के इस रवैऐ से वह अपनी साख पर तो बट्टा लगा ही रहा है, साथ ही साथ सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के साहब जादे जूनियर बच्चन की छवि पर भी जमकर बट्टा लगा रही है।

(क्रमशः जारी)

पुत्र के श्राद्ध कर्म से नरक से मुक्ति पा जाता है जातक


पुत्र के श्राद्ध कर्म से नरक से मुक्ति पा जाता है जातक

(पंडित दयानन्द शास्त्री)

नई दिल्ली (साई)। पुत्र द्वारा किए जाने वाले श्राद्ध कर्म से जीवात्मा को पुत नामक नरक से मुक्ति मिलती है। किसी जातक को पितृदोष का प्रभाव है या नही। इसके बारे में ज्योतिष शास्त्र में प्रश्न कुंडली एवं जन्म कुंडली के आधार पर जाना जा सकता है। पाराशर के अनुसार-

कर्मलोपे पितृणां च प्रेतत्वं तस्य जायते।
तस्य प्रेतस्य शापाच्च पुत्राभारः प्रजायते।।

अर्थात कर्मलोप के कारण जो पुर्वज मृत्यु के प्श्चात प्रेत योनि में चले जाते है, उनके शाप के कारण पुत्र संतान नही होती। अर्थात प्रेत योनि में गए पितर को अनेकानेक कष्टो का सामना करनापडता है। इसलिये उनकी मुक्ति हेतु यदि श्राद्ध कर्म न किया जाए तो उसका वायवीय शरीर हमे नुकसान पहुंचाता रहता है। जब उसकी मुक्ति हेतु श्राद्ध कर्म किया जाता है, तब उसे मुक्ति प्राप्त होने से हमारी उनेक समस्याएं स्वतः ही समाप्त हो जाती है।
ज्योतिषाचार्य एवं वास्तुशास्त्री पंडित दयानन्द शास्त्री(मोब.-09024390067 ) के अनुसार   सूर्य को नवग्रहों में से राजा माना जाता है तथा सूर्य हमारी कुंडली में हमारी आत्मा, हमारे पिता, हमारे पूर्वजों, हमारी नर संतान पैदा करने की क्षमता आदि का प्रदर्शन करते हैं जिसके चलते प्रत्येक कुंडली में सूर्य बहुत महत्वपूर्ण ग्रह माना जाता है तथा इसी के कारण सूर्य पर कुंडली में किसी एक या एक से अधिक अशुभ ग्रहों का प्रभाव पड़ने पर जातक के लिए बहुत सीं समस्याएं पैदा हो सकती हैं। कुंडली का नौवां घर हमारे पिता, हमारे दादा, हमारे पूर्वजों आदि को दर्शाता है तथा साथ ही साथ कुंडली का नौवां घर हमारे उस भाग्य को भी दर्शाता है जिसका निर्माण हमारे पूर्व जन्म के अच्छे अथवे बुरे कर्मों के फलस्वरूप हुआ है। इसलिए कुंडली का नौवां घर भी कुंडली के बहुत महत्वपूर्ण घरों में से एक माना जाता है क्योंकि भाग्य के बिना तो कोई भी व्यक्ति कुछ भी प्राप्त नहीं कर सकता। इसलिए किसी कुंडली में सूर्य अथवा कुंडली के नौवें घर के एक अथवा एक से अधिक अशुभ ग्रहों के प्रभाव में आ जाने पर कुंडली में पित्र दोष बन जाता है जो जातक को उसके जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में अनेक प्रकार के कष्टों से पीड़ित कर सकता है ।
ज्योतिषाचार्य एवं वास्तुशास्त्री पंडित दयानन्द शास्त्री(मोब.-09024390067 ) के अनुसार   राहु को बिना सोचे समझे मन में आ जाने वाले विचार, बिना सोचे समझे अचानक मुंह से निकल जाने वाली बात, क्षणों में ही भारी लाभ अथवा हानि देने वाले क्षेत्रों जैसे जुआ, लाटरी, घुड़दौड़ पर पैसा लगाना, इंटरनैट तथा इसके माध्यम से होने वाले व्यवसायों तथा ऐसे ही कई अन्य व्यवसायों तथा क्षेत्रों का कारक माना जाता है। राहु की अन्य कारक वस्तुओं में लाटरी तथा शेयर बाजार जैसे क्षेत्र, वैज्ञानिक तथा विशेष रूप से वे वैज्ञानिक जो अचानक ही अपने किसी नए अविष्कार के माध्यम से दुनिया भर में प्रसिद्ध हो जाते हैं, इंटरनैट से जुड़े हुए व्यवसाय तथा इन्हें करने वाले लोग, साफ्टवेयर क्षेत्र तथा इससे जुड़े लोग, तम्बाकू का व्यापार तथा सेवन, राजनयिक, राजनेता, राजदूत, विमान चालक, विदेशों में जाकर बसने वाले लोग, अजनबी, चोर, कैदी, नशे का व्यापार करने वाले लोग, सफाई कर्मचारी, कंप्यूटर प्रोग्रामर, ठग, धोखेबाज व्यक्ति, पंछी तथा विशेष रूप से कौवा, ससुराल पक्ष के लोग तथा विशेष रूप से ससुर तथा साला, बिजली का काम करने वाले लोग, कूड़ा-कचरा उठाने वाले लोग, एक आंख से ही देख पाने वाले लोग तथा ऐसे ही अन्य कई प्रकार के क्षेत्र तथा लोग आते हैं। किसी कुंडली में अशुभ राहु द्वारा पित्र दोष बनाये जाने का अर्थ यह होता है कि ऐसे जातक तथा उसके पूर्वजों ने पिछ्ले जन्मों में राहु की विशेषताओं से संबंधित अपराध किये होते हैं अथवा इन विशेषताओं का दुरुपयोग किया होता है जिसके चलते राहु अशुभ होकर ऐसे जातक की जन्म कुंडली में पित्र दोष बनाते हैं।
ज्योतिषाचार्य एवं वास्तुशास्त्री पंडित दयानन्द शास्त्री(मोब.-09024390067 ) के अनुसार  जिन जातकों के पूर्वजों ने राहु महाराज द्वारा प्रदान की गईं विशेषताओं का दुरुपयोग करके अवैध तथा अनैतिक कार्यों से धन कमाया होता है उन जातकों की कुंडली में इस प्रकार का पित्र दोष बन सकता है। उदाहरण के लिए किसी कुंडली के छठे घर में अशुभ राहु से बनने वाले पित्र दोष का अर्थ यह हो सकता है कि जातक के पूर्वजों ने अनेक प्रकार के अनैतिक तथा अवैध कार्यों के माध्यम से धन अर्जित किया था जिसके चलते जातक की कुंडली में इस प्रकार का पित्र दोष बनता है जिसके अशुभ प्रभाव में आने के कारण जातक को एक अथवा एक से अधिक गंभीर रोग हो सकते हैं जो जातक को बहुत कष्ट पहुंचाते हैं तथा जो जातक की मृत्यु का कारण भी बनते हैं। इस प्रकार के पित्र दोष से पीड़ित कुछ जातक अपराधी भी बन सकते हैं तथा ऐसे जातक सामान्यतया अपराध का जीवन आरंभ करने के बाद शीघ्र ही पकड़े जाते हैं तथा इन जातकों को अपने अपराध की तुलना में कहीं अधिक लंबा समय कारावास में व्यतीत करना पड़ सकता है। इस प्रकार के कुछ अन्य जातकों को किसी प्रकार के न्यायालय के निर्णय के चलते धन अथवा संपत्ति की हानि भी उठानी पड़ सकती है।
ज्योतिषाचार्य एवं वास्तुशास्त्री पंडित दयानन्द शास्त्री(मोब.-09024390067 ) के अनुसार  जिन जातकों के पूर्वजों ने नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार के माध्यम धन कमाया होता है उनकी कुंडली में भी इस प्रकार का पित्र दोष बन सकता है। उदाहरण के लिए किसी कुंडली के दूसरे घर में बनने वाला इस प्रकार के पित्र दोष का यह अर्थ हो सकता है कि जातक के पूर्वज मादक पदार्थों की अवैध बिक्री करते थे तथा उनका द्वारा बेचे जाने वाले मादक पदार्थों के सेवन से बहुत लोगों को अनेक प्रकार के रोगों का सामना करना पड़ा था जिसके चलते इस प्रकार का पित्र दोष जातक की कुंडली में बन जाता है जिसके अशुभ प्रभाव के कारण जातक को मादक पदार्थों के सेवन की लत लग सकती है जिसके कारण ऐसे जातक को धन, सम्मान तथा स्वास्थ्य सभी की हानि होती है। इस प्रकार के पित्र दोष से पीड़ित कुछ जातकों को मादक पदार्थों के निरंतर सेवन के कारण गंभीर रोग लग सकते हैं, इनके शरीर के कुछ अंग इन मादक पदार्थों के सेवन के कारण निष्क्रिय हो सकते हैं तथा इस दोष के कुंडली में बहुत प्रबल होने पर जातक की मादक पदार्थों का सेवन अधिक मात्रा में करने के कारण मृत्यु भी हो सकती है। जातक को मिलने वाले इस प्रकार के सभी कष्ट वास्तव में जातक अथवा उसके पूर्वजों के पिछ्ले जन्मों के बुरे कर्मों का फल ही होते हैं। (साई फीचर्स)

राहुल नहीं डीएमके और अंबानी बने विस्तार में रोढ़ा


राहुल नहीं डीएमके और अंबानी बने विस्तार में रोढ़ा

(लिमटी खरे)

नई दिल्ली (साई)। मीडिया में भले ही यह बात प्रचारित प्रसारित हो रही हो कि मंत्रीमण्डल का विस्तार राहुल गांधी की व्यस्तता और श्राद्ध पक्ष के चलते टाला गया हो पर सत्ता और शक्ति के शीर्ष केंद्र 10, जनपथ के सूत्रों का दावा है कि यह विस्तार राहुल गांधी के कारण नहीं वरन् डीएमके और मुकेश अंबानी के दबाव के चलते टाला गया है। इसके साथ ही साथ महाराष्ट्र का भी इस विस्तार को टालने में योगदान माना जा रहा है।
माना जा रहा था कि मंत्रीमण्डल विस्तार 30 सितम्बर के पहले ही कर लिया जाएगा। इस विस्तार में राहुल गांधी को शामिल किया जाएगा अथवा राहुल गांधी व्यस्तताओं के चलते मंत्रीमण्डल विस्तार के प्रोग्राम में शिरकत कर पाएंगे कि नहीं इस बारे में संशय के चलते विस्तार टाला गया इस आशय की खबरें मीडिया में आ गईं।
सोनिया गांधी के आवासीय सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि यह कांग्रेस की सुविचारित रणीनति का हिस्सा था कि राहुल गांधी का नाम सामने कर मूल मुद्दे से मीडिया का ध्यान भटकाना। कांग्रेस अपनी इस रणनीति में कामयाब भी हो गई। मीडिया में इस तरह की ही खबरें सामने आईं कि राहुल के कारण ही विस्तार टाल दिया गया। इसके साथ ही मीडिया इस विस्तार के टलने की मुख्य वजह से अनजान ही बना रहा।
सूत्रों की मानें तो मंत्रीमण्डल विस्तार टलने की तीन प्रमुख वजहें हैं। पहली वजह द्रमुुक का मंत्रीमण्डल से बाहर रहना और दूसरा मुकेश अंबानी की पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी की रूखसती है। तीसरा महाराष्ट्र में राकांपा के दबाव के आगे झुककर अगर कांग्रेस चव्हाण को हटाती है तो इसका संदेश बहुत अच्छा नहीं जाएगा। तीनों ही वजहें कांग्रेस के लिए इतनी अहम थीं कि दोनों ही को वे नजर अंदाज नहीं कर सकते थे।
डीएमके के सूत्रों ने एक वजह का खुलासा करते हुए बताया कि डीएमके सुप्रीमो ने कांग्रेस के रणनीतिकारों को साफ कर दिया था कि जब तक उनकी पुत्री कोनिमोझी को पाक साफ नहीं कर दिया जाता तब तक वह मंत्रीमण्डल का हिस्सा नहीं बन सकती। इस संबंध में करूणानिधी का साफ कहना था कि जब तक कोनिमोझी का मामला नहीं सुलट जाता तब तक किसी भी तरह की वार्ता के लिए डीएमके के सारे दरवाजे बंद रहेंगे।
इसके साथ ही साथ डीएमके सुप्रीमो इस बात से भी खासे खफा हैं कि उनसे चर्चा के लिए कांग्रेस द्वारा एकदम लो प्रोफाईल वाले व्ही.नारायणसामी जैसे अदने से नेता को भेजा जाता है। नारायणसामी अनुभवहीन और बड़बोले हैं जो करूणानिधि के साथ चर्चा के दौरान अपनी ही बातें कहते रहते हैं करूणानिधि की बात सुनने के बजाए वहां से उठकर रफत ले लेते हैं।
डीएमके के सूत्रों का यह भी कहना है कि डीएमके मंत्रीमण्डल में रेल मंत्रालय से कम पर राजी नहीं है। डीएमके का कहना है कि सालों से रेल जैसा अहम मंत्रालय उत्तर या मध्य भारतीयों के पास ही रहा है। रेल के मामले में दक्षिण की सदा ही उपेक्षा की गई है जो अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उधर, कांग्रेस इस मंत्रालय पर अपना हक अब जमाने को आतुर ही दिख रही है।
यह तो हुआ पहला मसला, इसके साथ ही साथ महाराष्ट्र के निजाम पृथ्वीराज चव्हाण को हटाने राकांपा का खासा दबाव है। राकांपा के उप मुख्यमंत्री अजीत पंवार ने त्यागपत्र देकर इस दबाव में पूरा एक्सीयलेटर दबा दिया है। भारी दबाव के बाद भी वजीरे आजम और कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमति सोनिया गांधी अजीत पंवार को मुंबई से दिल्ली नहीं ले जाना चाहते क्योंकि इससे बहुत ही गलत संदेश जाएगा।
पीएमओ के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान कहा कि अगर चव्हाण को दिल्ली ले जाया गया तो यह संदेश जा सकता है कि कांग्रेस ने राकांपा के आगे घुटने टेक दिए हैं। उधर, त्रणमूल कांग्रेस के द्वारा कांग्रेस को दुत्कारने के उपरांत अब बंगाल के क्षत्रप भी अपने आप को केंद्र में एडजस्ट करने का दबाव बनाए हुए हैं। प्रणव मुखर्जी के रायसीना हिल्स जाने के बाद सूबे में आए वेक्यूम को भरने के लिए कांग्रेस को बंगाल को प्रतिनिधित्व देना मजबूरी हो गया है।
कांग्रेस पश्चिम बंगाल में किसे प्रमोट करे इस बात में संशय अंतिम समय तक बरकरार ही रहा जो भी मंत्रीमण्डल विस्तार के टलने का कारक माना जा रहा है। अलग अलग दलों के इन अस्त्रों के सामने अब कांग्रेस चाह रही है कि किसी भी तरह अपनी शर्तों पर बसपा या सपा को मंत्रीमण्डल में शामिल कर लिया जाए।
इनके अलावा दूसरा कारण मुकेश अंबानी बनकर उभरे हैं मंत्रीमण्डल विस्तार टलने का। दरअसल, धनकुबेर मुकेश अंबानी काफी समय से पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी से खासे खफा हैं। कांग्रेस के सामने सबसे बड़ा संकट यह है कि जयपाल रेड्डी के कद का नेता जो पेट्रोलियम मंत्रालय की कमान संभाल सके उसकी झोली में अभी नजर नहीं आ रहा है।
सोनिया के करीबी सूत्रों का कहना है कि सोनिया गांधी अपने आंखों के तारे शिवराज पाटिल को वापस मुख्य धारा में लाने बेताब हैं। वे चाहती हैं कि विदेश मंत्री सोमन हल्ली मलैया कृष्णा को कर्नाटक भेज दिया जाए पर मनमोहन सिंह इसके लिए तैयार नजर नहीं आ रहे हैं। वहीं शिवराज पाटिल को वापस लाने में मनमोहन सिंह अपना वीटो लगाए हुए हैं।
सूत्रों ने बताया कि खबरों के बाजीगर केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला को इसके लिए पाबंद किया गया कि मंत्रीमण्डल विस्तार के टलने के प्रमुख कारकों की तरफ से लोगों का ध्यान हटाया जाए ताकि कांग्रेस के सियासी प्रबंधकों को कुछ समय और मिल सके ताकि वे अपनी नई रणनीति बना सकें। फिर क्या था कांग्रेस के जरखरीद पत्रकारों के माध्यम से इस तरह की खबरें प्लांट करवाकर लोगों का ध्यान भटकाया गया और इसकी प्रमुख वजहें प्रकाश में नहीं आ सकीं।