शनिवार, 16 फ़रवरी 2013

मौसम के यू टर्न ने सभी को चौंकाया!


मौसम के यू टर्न ने सभी को चौंकाया!

(शरद)

नई दिल्ली (साई)। देश भर में मौसम के बदलते तवरों से लोग बुरी तरह चौंक गए हैं। ठण्ड के मौसम में सही तरीके से ठण्ड ना पड़ने फिर कभी एक सप्ताह ठण्ड तो कभी गर्मी और फिर एकाएक बारिश से सभी भौंचक्के हैं। उत्तर भारत में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया। उत्तर भारत के कई शहरों के साथ दिल्ली-एनसीआर में रात भर बारिश होने से ठंड एक बार फिर लौट आई। बारिश की बजह से सुबह के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।
राजधानी दिल्ली में मौसम ने करवट बदलना शुरू कर दिया है। शुक्रवार से ही राजधानी के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। दूसरी तरफ सोनीपत के आसपास के गांवों में ओले भी पड़े। बारिश और तेज हवाएं चलने के कारण दिल्ली का शनिवार सुबह का अधिकतम तापमान 19 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। वहीं न्यूनतम 14 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
शुक्रवार को राजधानी के मौसम में एक बार फिर परिवर्तन देखा गया।सुबह से आसमान में छाया बादल शाम होते-होते बरसने लगा। मौसम में आए इस परिवर्तन की वजह से राजधानी का मौसम सुहाना बन गया है। एक बार फिर लोगों ने हल्की सर्दी का एहसास किया। हालांकि मौसम में आए इस परिवर्तन की वजह पहाड़ी इलाकों में हुई बारिश बता रहे हैं।
मौसम विभाग के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि कुछ इलाकों में हल्की-फुल्की बारिश हुई है तो कहीं केवल बूंदा-बूंदी हुई है।बारिश के बाद राजधानी का तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने शनिवार को भी मौसम का रूख कुछ इसी प्रकार रहने की संभावना जताई है। हालांकि मौसम विभाग ने शनिवार को दिन में कई इलाकों में तेज बारिश की उम्मीद जताई है।
बारिश के बारे में मौसम विभाग के पास खबर लिखे जाने तक कोई आंकड़ा नहीं था। विभाग का कहना है कि बारिश तो कई इलाकों में हुई है लेकिन आंकड़ा उपलब्ध कराने में समय लगेगा। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ में हुए एक बार फिर परिवर्तन की वजह से राजधानी के मौसम में भी बदलाव देखा जा रहा है। पहाड़ी क्षेत्र जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड राज्यों में बारिश हुई है और जिसकी वजह से दिल्ली का मौसम बदला बदला नजर आ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया किया गया जो औसत से दो डिग्री सेल्सियस कम रहा। जबकि आज यहां का न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज  किया गया जो औसत से एक डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।
शनिवार को अधिकतम तापमान 21 और न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास होने की संभावना जताई है। दिन के समय आसमान में बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में गरज के साथ हल्की बारिश भी हो सकती है। रविवार को भी मौसम का रूख कुछ इसी प्रकार करने की उम्मीद है।
वहीं पीलीभीत से समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो ने बताया कि ऋतुराज का आगमन और फिर माघ में मौसम ने फिर पलटी मार दी। घने बादलों के बीच पारा फिर लुढ़क गया और वातावरण में ठंडक घुल गई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 20.2 डिग्री और न्यूनतम पारा दस डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विज्ञानी अगले चौबीस घंटों में बर्फवारी और बारिश की पूरी संभावना जता रहे हैं।
दो दिन पूर्व कोहरे की सुबह संदेश दे गई थी कि मौसम का मिजाज पलटेगा। ऐसा हो भी गया। शुक्रवार को सुबह घने बादलों के बीच चली तेज हवाओं ने बसंत पर सर्दी का फिर एहसास करा दिया। पूरे दिन बादलों के आगोश में रहे सूर्यदेव की किरणों को जमीन पर गिरने के लिए पूरे दिन संघर्ष करना पड़ा। ऐसे में सर्द हवाएं लोगों का बुरा हाल किए रहीं। एक दिन पूर्व चटक धूप के बाद उतर चुके गरम कपडे़ फिर तन पर दिखने लगे। मौसम विज्ञानी इसे ग्लोबल वार्मिग के नजरिए से देख रहे हैं। वहीं पंतनगर विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी डा.एचएस कुशवाहा ने साई न्यूज को बताया कि अगले चौबीस घंटे में 20 से 25 मिमी बारिश की प्रबल संभावना है। पहाड़ों पर बर्फवारी और मैदानी इलाकों में बारिश चौबीस घंटे में मौसम को और बिगाडे़गी।
राजस्थान समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया ब्यूरो से शैलेंद्र ने बताया कि राज्य में भी मौसम एक बार फिर एकाएक बदला। गुरुवार देर रात बारिश के बाद हुई तरावट शुक्रवार दोपहर तक बनी रही। सुबह भी शहर के कई इलाकों में बौछारें गिरीं। फिर धूप खिली, मगर दोपहर होते-होते फिर सूरज को बादलों ने घेर लिया। शाम 6रू30 बजे बाद घने बादलों का बड़ा सा दल शहर के पूरब में उठा। शाम 6ः54 बजे तेज गर्जना के साथ बिजली कड़कड़ाने लगीं, बादल गरजने लगे। 6ः58 बजे बिजली बादलों में खो गई। फिर रह-रहकर बादलों के बीच बिजली की रोशनी कौंधती रही। शाम 7ः17 बजे तक ऐसा 5-6 बार हुआ। बिजली की कौंध को खुद में छिपाए बादल बर्फ के पहाड़ों के मानिंद नजर आए। उधर, दिनभर निस्तेज रहा सूरज पश्चिम में सो चुका था, मगर पूरब का आसमान रोशन था।
वहीं पाली से साई न्यूज ब्यूरो ने बताया कि शहर समेत जिलेभर में शुक्रवार देर शाम अचानक मौसम पलट गया तथा अंधड़ के कारण शहरवासियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। वहीं जिले के जैतारण, रोहट, खिंवाड़ा, जैतपुर, गढ़वाड़ा, सोमेसर व बूसी क्षेत्र में तेज बारिश हुई। बारिश के साथ ही बिजली भी गुल हो गई। कई स्थानों पर ओले गिरने के भी समाचार है। उधर, गुरुवार की रात को हुई हल्की बारिश से एक बार फिर सर्दी ने पलटा मारा है। दो दिन से गर्मी का असर भी बारिश के कारण कुछ कम हुआ है। रात को हुई हल्की बारिश से न्यूनतम तापमान 6 डिग्री लुढ़क गया। शुक्रवार को पाली का न्यूनतम तापमान 13.7 रहा, जबकि अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। शुक्रवार को सुबह हल्की सर्दी का असर रहा, जबकि दिन चढऩे के बाद एक बार चुभती गर्मी से भी कुछ राहत महसूस हुई।
वहीं रोहट व जैतारण में बारिश भी समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो ने बताया कि जिले के रोहट व जैतारण कस्बे में शुक्रवार शाम ठंडी हवाएं चलने से मौसम के मिजाज बदले हुए नजर आए। यहां रात आठ बजे बाद हल्की बारिश शुरू होने लगी जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई।
जालोर से साई ब्यूरो ने बताया कि शहर समेत जिलेभर में एक बार फिर मौसम के मिजाज बदल गए। गुरुवार रात जिले के कई क्षेत्रों में तेज हवा के साथ मध्यम दर्जे की बारिश हुई। इससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर गई है। किसानों का कहना है कि बारिश से खेतों में खड़ी जीरे की फसल को अधिक नुकसान पहुंचा है। गुरुवार देर रात जिले के सियाणा क्षेत्र के गांवों में तेज हवा के साथ बारिश आई, जबकि आहोर, गुड़ाबालोतान, चांदराई, उम्मेदपुर व हरजी क्षेत्रों में बेर के आकार के ओले गिरे।  मौसम में आए इस बदलाव के बाद जिले भर में सर्दी एक बार फिर लौट आई है। जालोर शहर में शुक्रवार को दिनभर बादलों की आवाजाही का दौर चला। शाम होते ही शीतल हवा चलने लगी और आकाश बादलों से घटाटोप हो गया।
गुडाबालोतान से साई ब्यूरो ने बताया कि कस्बे सहित आस-पास के गांवों में गुरूवार की रात को अचानक आसमान में बादल छाए और तेज हवा के साथ बूंदाबांदी हुई। उम्मेदपुर, हरजी सहित आस-पास के इलाके में चने के आकार के ओले गिरे।
वहीं मध्य प्रदेश के ग्वालियर से समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया ब्यूरो से राजीव सक्सेना ने बताया कि मौसम के बदले मिजाज के बाद गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात छाए बादल जमकर बरसे। रात ढाई बजे से शुरू हुई बारिश का सिलसिला रुक-रुककर शुक्रवार दोपहर तक जारी रहा। इससे दिन के तापमान में 9.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। साथ ही फरवरी में हुई बारिश का आंकड़ा 21.1 मिमी पर पहुंच गया है। इस बारिश से पिछले सात साल का रिकॉर्ड टूट गया है।
 पश्चिमी विक्षोभ के असर के कारण गुरुवार की शाम से अंचल में बादल सक्रिय हो गए थे। मौसम विभाग के मुताबिक 13.3 मिमी बारिश हुई है। जबकि पांच फरवरी को 7.8 मिमी बारिश हो चुकी है। रात में बारिश होने व दिनभर बादल छाए रहने के कारण पिछले दिन की तुलना में दिन का तापमान 9.7 डिग्री सेल्सियस गिरावट के साथ 19.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से 7.0 डिग्री कम रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 5.0 डिग्री सेल्सियस बढ़त के साथ 14.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से 4.1 डिग्री अधिक रहा। दिन भर बादल छाए रहने के कारण शुक्रवार को वातावरण में नमी बढ़ गई। सुबह की आर्द्रता 96 फीसदी रिकॉर्ड की गई। यह सामान्य से 34 फीसदी अधिक रही। जबकि शाम की आर्द्रता 84 फीसदी रिकॉर्ड की गई। यह सामान्य से 50 फीसदी अधिक रही।
ग्वालियर साई ब्यूरो के अनुसार इस बारिश में मुरार हॉस्पिटल में लाखों रुपए की दवा भीगी। मुरार जिला हॉस्पिटल की टीबी यूनिट में रखी दवाइयां गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात हुई बारिश से भींग गईं। मौके पर कांग्रेस नेता मुन्नालाल गोयल ने पहुंचकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, तब जाकर हॉस्पिटल प्रशासन ने दवाइयों को सुरक्षित स्थान पर रखवाया। समाचार एजेसंी ऑफ इंडिया को बताया गया कि दवाइयां सरदार वल्लभभाई पटेल निःशुल्क दवा वितरण योजना के तहत मरीजों को बांटी जानी थीं। इनकी कीमत लगभग तीन लाख रुपए बताई गई है। यही नहीं टीबी यूनिट में बनी ब्लड टेस्ट लैब की छत से भी पानी टपक रहा है। कर्मचारियों का कहना था कि यदि छत की रिपेयरिंग नहीं करवाई गई तो लाखों रुपए की जांच मशीनें भी पानी से भीग जाएंगी। इस मामले में सिविल सर्जन सीडी शर्मा का कहना है कि पीडब्ल्यूडी की ओर से छत की मरम्मत नहीं कराए जाने के कारण बारिश के पानी से दवाइयों के डिब्बे भीगे हैं। हालांकि, रैपर के अंदर दवा होने के कारण कोई नुकसान नहीं हुआ है। वहीं, पीडब्ल्यूडी के खंड क्रमांक-1 के कार्यपालन यंत्री एआर सिंह का कहना है कि छत में लीकेज होने के बारे में कोई सूचना मुरार हॉस्पिटल प्रशासन की ओर से उन्हें नहीं दी गई है।
गुरुवार- शुक्रवार की रात शुरू हुई बारिश के चलते बिजली कंपनी के मेंटेनेंस की पोल खुल गई। शहर के अधिकांश इलाकों की बिजली गुल होने से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। खेड़ापति कॉलोनी, फूलबाग, विकास नगर आदि क्षेत्रों  की बिजली सप्लाई रात में बंद हो गई। जबकि दौलतगंज, सराफा बाजार, महाराज बाड़ा, बालाबाई का बाजार, कंपू, माधवगंज आदि इलाकों की बिजली सप्लाई सुबह सात बजे बंद हो गई। उपभोक्ताओं ने पावर हाउस में फोन लगाए, लेकिन बिजली कर्मचारियों ने फोन नहीं उठाए। यही स्थिति इंदरगंज, दाल बाजार, ओल्ड हाईकोर्ट रोड, सनातनधर्म मंदिर, जयेंद्रगंज, शिंदे की छावनी, छप्पर वाला पुल की भी रही। इन क्षेत्रों में शुक्रवार को दिनभर बिजली आती-जाती रही।
बठिंडा से समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो ने बताया कि जहां एक बार फिर देश के कई राज्यों में ठंड का मौसम बनेगा और वहीं तापमान में गिरावट आएगी। इधर, शुक्र व शनिवार की मध्य रात पंजाब के कई इलाकों में बारिश हुई। बठिंडा में सुबह से ही बादल छाए हुए थे। बादलों और सूरज के बीच आंखमिचौली देर शाम तक चलती रही उसके बाद शाम करीब सात बजे आसमान पर काले बादल छा गए। रात को लगभग 10 बजे ठंडी हवाएं चलने लगी और आधी रात करीब पौने एक बजे बारिश शुरू हो गई जिसने माहौल में ठंडक भर दी। लोगों ने एक बार फिर गर्म कपड़े पहनने शुरू कर दिए हैं।

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