शुक्रवार, 12 अप्रैल 2013

लॉजो एवं किरायेदारों की सुध कब लेगी पुलिस?


लॉजो एवं किरायेदारों की सुध कब लेगी पुलिस?

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। जनसेवा और देशभक्ति का जाप रटने वाला पुलिस महकमा इन दिनों सुस्त सा दिखाई दे रही है। वहीं नवागत पुलिस अधीक्षक के आने के बाद कुछ धरपकड़ में तेजी भी आई है, किंतु नगर में ऐसी कई होटलें, लॉजे एवं ऐसे कई अड्डे हैं, जो अपराधियों की शरणस्थली बन चुके हैं। बीते कुछ वर्षों से न तो लॉजों में चौकिंग की गई और न ही उनसे किसी प्रकार की जानकारी मांगी गई है। इतना ही नहीं रात भर चोंगा लगाकर पेट्रोलिंग करने वाली पुलिस बेवजह यात्रियों एवं राहगीरों को परेशान करती है और मजे की बात तो यह है कि रात के सन्नाटे में पुलिस अपने सायरन को इस तरह बजाकर अपराधियों को अपने आने की खबर देती है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष सिवनी नगर में आंध प्रदेश के हैदराबाद में हुए सूरी मर्डर के मोस्ट वांटेड डॉन भानु किरण ने भी छह महीने में किराये के मकान में आराम फरमाया था। इस डॉन ने कटंगी नाका स्थित अभिषेक कालौनी में चंचलेश पाण्डे नामक व्यक्ति का मकान ढाई हजार रूपए प्रतिमाह पर किराए से ले रखा था। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर पुलिस अमला किरायेदारों एवं लॉजों की जानकारी क्यों नहीं लेता? क्या लॉज मालिकों से पुलिस के मधुर संबंध हैं या कोई लेन- देन? खैर जो भी हो, लेकिन नगर की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस को ऐसी कार्यवाही करना अत्यंत आवश्यक होगा।
दिन-ब- दिन पुलिस का खुफिया तंत्र फेल होता नजर आ रहा है, जिसका सीधा सा उदाहरण गत दिवस नगर के हड्डीगोदाम क्षेत्र मेें पकड़े गये संदिग्ध हैं, जो बम बनाने का कार्य कर रहे थे। भला हो एटीएस दस्ते का जिसने अपनी मुखबिरी से इन संदिग्धों को पकड़कर नगर में होने वाली अनहोनी से बचा लिया। वहीं सिवनी पुलिस की नींद तब खुलती है, जब बाहर की पुलिस शहर में दस्तक देकर अपराधियों को पकड़ ले जाती है। ऐसे में सवाल यह उठता है आखिर सिवनी पुलिस का खुफिया तंत्र कमजोर है या है ही नहीं? जुएं- सट्टे एवं गौकशी की कार्यवाही तक सीमित रहने वाली पुलिस आखिर कब जागेगी...? अब देखना यह है कि नगर के नवागत पुलिस अधीक्षक मिथलेश शुक्ला इस समस्या पर क्या कार्यवाही हैं? यह तो वक्त ही बतायेगा। 

आबकारी विभाग व शराब माफियाओं की जुगलबंदी


आबकारी विभाग व शराब माफियाओं की जुगलबंदी

(सचिन धीमान)

मुजफ्फरनगर (साई)। मायावती के राज में शराब माफिया पोंटी चड्ढा को पूरे प्रदेश के ठेके आवंटित किये गये थे। उस समय जमकर ओवर रेट शराब खरीदने वालों से वसूला जाता था। बाद में सपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ओवर रेट पर रोक लगाने की बात कही थी। अगले एक साल के लिए पूरे प्रदेश के शराब के ठेके दोबारा चड्ढा गु्रप को दिये गये हैं। एक अप्रैल से नगर में शराब के ठेकों पर जमकर ओवर रेट वसूला जा रहा है। इसके साथ ही आबकारी विभाग द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष मंे जारी किया गया शराब का कोटा इस साल भी नये रेट के साथ ओवर रेट लेकर बेचा जा रहा है। इस मामले में आबकारी विभाग चुप्पी साधे बैठा है क्यांेकि चांदी का जूता सिर चढ़कर बोल रहा है। आबकारी विभाग व शराब माफियाओं की जुगलबंदी के चलते शराब उपभोक्ता त्रस्त हैं। पुराने प्रिंट रेट की शराब अगले सीजन में बेचना कानूनन अपराध है क्योंकि यदि शराब का मूल्य बढ़ता है तो पुराने प्रिंट रेटों के स्थान पर आबकारी विभाग द्वारा नये प्र्रिंट रेट की स्लिप चस्पा कराई जाती है तभी वह शराब बिक सकती है। लेकिन सपा सरकार तथा आबकारी विभाग की धींगामस्ती के चलते शराब माफिया जमकर उपभोक्ताआंे का शोषण कर रहे हैं।
करीब चार साल पहले मुख्यमंत्री मायावती ने पूरे प्रदेश के शराब के ठेके पोंटी चड्ढा ग्रुप को आवंटित कर दिये थे और चड्ढा ग्रुप ने शराब के रेटों में भारी बढ़ोत्तरी के साथ ही ओवर रेट भी जमकर वसूला था। शराब की एक बोतल पर प्रिंट रेट से चालीस रूपये ज्यादा वसूले जा रहे थे। बाद में विधानसभा चुनावों के प्रचार में अखिलेश यादव ने शराब पीने वालों से वायदा किया था कि शाम की दवाई सस्ती होगी लेकिन सपा सरकार आते ही हुआ इसके बिल्कुल विपरीत। चड्ढ़ा ग्रुप की घुट्टी के आगे सपा सरकार भी बौनी साबित हुई ओवर रेट तो ज्यों का त्यों रहा ही। एक अप्रैल 2013 से अगले एक वर्ष के लिए प्रदेश के सभी ठेके चड्ढ़ा ग्रुप को दोबारा आवंटित कर दिये गये। एक अप्रैल 2013 से शराब व बीयर के रेटों में वृद्धि भी कर दी गई। लेकिन मजे की बात यह है कि जिले में आबकारी विभाग की मिलीभगत के चलते शराब की दुकानों पर पिछले वर्ष आवंटित किया गया शराब का कोटा इस वित्तीय वर्ष मंे भी नये दामों व ओवर रेट पर बेचा जा रहा है। यदि कोई शराब उपभोक्ता ओवर रेट देने का विरोध करता है तो शराब के ठेकों पर मौजूद सेल्समैन गाली गलौच के साथ मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। नगर में प्रकाश चौक, महावीर चौक, नावल्टी चौक, अलमासपुर तिराहे, रेलवे रोड व द्वारकापुरी मोड़ पर स्थित शराब व बीयर की दुकानों पर गुंडे सेल्समैन तैनात कर दिये गये हैं जो पिछले साल का शराब व बीयर का कोटा उपभोक्ताओं को नये मूल्य व ओवर रेट लेकर दे रहे हैं। ऐसे में शराब उपभोक्ताओं का जमकर शोषण शराब के ठेकों पर किया जा रहा है।
शराब व बीयर की दुकानों पर नई रेट लिस्ट चस्पा कर दी गई है लेकिन पुराने शराब उपभोक्ताओं को जो शराब की बोतलें, हॉफ व र्क्वाटर या बीयर दी जा रही हैं उन पर पुराने रेट ही अंकित हैं। साथ ही ओवर रेट का एक और झटका शराब उपभोक्ता को झेलना पड़ रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष में प्रदेश में ग्रीन लेबिल का क्वार्टर सौ रूपये का था। इस बार नई रेट लिस्ट के अनुसार ग्रीन लेबिल का क्वार्टर एक सौ दस रूपये का कर दिया गया है लेकिन सौ रूपये प्रिंट रेट वाला ग्रीन लेबिल का क्वार्टर ओवर रेट सहित उपभोक्ता को दिया जा रहा है। इसी तरह मैक्डोवल नं. वन, इम्पीरियल ब्लू, बैगपाइपर, सिग्नेचर, रॉयल चेलेंज, रॉयल स्टैग के क्वार्टर, हॉफ व बोतलों पर दस से लेकर पचास रूपये तक ओवर रेट आबकारी विभाग की मिलीभगत के चलते वसूला जा रहा है। ओवर रेट को लेकर शराब की दुकानों पर सेल्समैन अक्सर शराब उपभोक्ताओं के साथ मारपीट करते हैं। आबकारी विभाग चांदी के जूते की हनक के सामने मौन बना हुआ है। आबकारी विभाग के अधिकारी व कर्मचारी ओवर रेट वसूलने पर कार्रवाई की बात तो कहते हैं लेकिन चड्ढ़ा गु्रप के आगे नतमस्तक हो चुके हैं। पिछले कई सालों से जनपद में जमे जिला आबकारी अधिकारी को यह जिला ऐसा रास आ रहा है कि वे अपनी कुर्सी से चिपके बैठे हैं। होली से दो चार दिन पहले एक दो जगह छापामारी कर दूसरे प्रान्तों से लाई गई अवैध शराब की बरामदगी दिखाकर वाहवाही लूटने में लगे आबकारी अधिकारी पुराने पिं्रट की शराब की बोतलें नये प्रिंट रेट सहित ओवर रेट पर बिकवा रहे हैं। डीएम सुरेन्द्र सिंह इस मामले में आबकारी अधिकारियों का पेंच कब कसेंगे यह चर्चा का विषय बना हुआ है।

स्मार्ट डीएल कार्ड योजना अधर में


स्मार्ट डीएल कार्ड योजना अधर में

(ब्यूरो कार्यालय)

मुजफ्फरनगर (साई)। दो दिन पूर्व डीएम सुरेन्द्र सिंह ने एआरटीओ कार्यालय में स्मार्ट डीएल कार्य योजना का शुभारम्भ किया था। उस दिन दर्जनों अधिकारियों के स्मार्ट डीएल कार्ड एआरटीओ कार्यालय ने जारी किये थे तथा बताया गया था कि बुधवार से आम लोगों के स्मार्ट डीएल कार्ड दो सौ रूपये लेकर बनाये जायेंगे। लेकिन स्मार्ट डीएल कार्ड योजना क्या अधिकारियों के ही मात्र एक दिन चलाई गई थी। बुधवार व बृहस्पतिवार को सैंकड़ों लोग स्मार्ट डीएल कार्ड बनवाने के लिए एआरटीओ कार्यालय पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि अभी आगामी सूचना तक स्मार्ट डीएल कार्ड नहीं बनाये जायेंगे। इस बात से स्मार्ट डीएल कार्ड बनवाने गये लोग परेशान हो गये। जानकारी के अनुसार स्मार्ट डीएल कार्ड बनाने वाली मशीन एआरटीओ कार्यालय में लखनऊ से आ तो गई है लेकिन योजना का शुभारम्भ करते हुए अधिकारियों के स्मार्ट डीएल कार्ड बनाने के लिए कम्प्यूटर ऑपरेटर कहीं बाहर से बुलाया गया था जो शुभारम्भ के बाद अधिकारियों के कार्ड बनाकर चलता बना। आम जनता स्मार्ट कार्ड बनवाने के लिए परेशान घूम रही है क्योंकि उन्हें एआरटीओ कार्यालय की खिड़की नं. सात पर बैठे कर्मचारी ने बता दिया है कि अभी स्मार्ट कार्ड नहीं बन रहे हैं। जब स्मार्ट कार्ड बनेंगे तो सूचना अखबारों में प्रकाशित करा दी जायेगी।
सवाल आखिर यह है कि क्या डीएम सुरेन्द्र सिंह व अन्य अधिकारियों के लिए ही उक्त स्मार्ट कार्ड योजना शुरू की गई थी। आम जनता की कोई चिन्ता एआरटीओ कार्यालय को नहीं है।

19 अप्रेल,2013 को मनेगी श्री रामनवमी


19 अप्रेल,2013  को मनेगी श्री रामनवमी

(पंडित दयानंद शास्त्री)

नई दिल्ली (साई)। पं. दयानन्द शास्त्री  के  अनुसार इस बार नवरात्र के आठ दिन तक योग-संयोग की भरमार रहेगी। साथ ही, इस बार नवरात्र का गुरुवार से शुरू होना श्रेष्ठ व समृद्धिकारक माना जा रहा है।

नवरात्रि का शाब्दिक अर्थ------
नवरात्र का शाब्दिक अर्थ है ‘नौ रात्रियां’ अर्थात मां जगदंबा के नौ विशिष्ट रूपों का दर्शन, अराधना और पूजन। विभिन्न लग्न, मुहूर्ताे में मंत्र जाप और उपासना का विशिष्ट फल मिलता है।
पं. दयानन्द शास्त्री  के  अनुसार इस  बार ग्रह चाल और सूर्य-चंद्रमा की गति के कारण नवरात्र घट स्थापना सर्वार्थसिद्धि योग में होगी। इससे मां की आराधना करने वाले सभी भक्तों को योग-संयोग के अनुसार फल मिलेगा। इस बार रामनवमी का पर्व अष्टमी में मनाया जाएगा।
ऐसा अष्टमी तिथि की वृद्धि के कारण होगा। चूंकि मध्याह्न् कालीन नवमी में प्रभु राम का जन्म हुआ था, इसलिए नवरात्र में दो दिन अष्टमी रहेगी। 19 अप्रैल को आ रही दूसरी अष्टमी की तिथि सुबह 6रू55 बजे समाप्त हो जाएगी। इसके बाद नवमी शुरू होगी। 19 अप्रैल शुक्रवार को ही रामनवमी का पर्व मनाया जाएगा।आने वाले आठ दिनों की योग-संयोगों में 11 को सर्वार्थसिद्धि योग, 12 को राजयोग, 13 व 14 को रवियोग, 15 को सर्वार्थसिद्धि योग व अमृत सिद्धियोग पूरे दिन रहेगा। 16 को फिर रवियोग बनेगा जो 17 को दोपहर 12रू47 तक रहेगा। 18 अप्रैल को सर्वार्थसिद्धि योग पूरे दिन रहेगा।
इसी दिन दोपहर बाद 3रू31 से गुरुपुष्य व अमृत सिद्धि योग शुरू हो जाएगा। १९ को रामनवमी होगी। इन दिनों में कोई भी शुभ कार्य आरंभ और वाहन, स्वर्णाभूषण व प्रॉपर्टी लेन-देन के लिए श्रेष्ठ रहेंगे। वहीं पूजा-अर्चना के लिए श्रेष्ठ फलदायी रहेगा।इस दिन भगवान श्रीराम के साथ हनुमानजी की आराधना करने से शनि की ढैया तथा साढ़ेसाती से प्रभावित जातकों को अनुकूलता प्राप्त होगी
रामनवमी का महत्त्व-----
पं. दयानन्द शास्त्री  के  अनुसार त्रेता युग में अत्याचारी रावन के अत्याचारो से हर तरफ हाहाकार मचा हुआ था । साधू संतो का जीना मुश्किल हो गया था । अत्याचारी रावण ने अपने प्रताप से नव ग्रहों और काल को भी बंदी बना लिया था । कोई भी देव या मानव रावण का अंत नहीं कर पा रहा था । तब पालनकर्त्ता भगवान विष्णु ने राम के रूप में अयोध्या के राजा दशरथ के पुत्र के रूप में जन्म लिया । यानि भगवान श्री राम भगवान विष्णु के ही अवतार थे।
मंगल भवन अमंगल हारी,
दघ्वहुसु दशरथ अजिर बिहारि घ्
अगस्त्यसंहिताके अनुसार चौत्र शुक्ल नवमीके दिन पुनर्वसु नक्षत्र, कर्कलग्घ्नमें जब सूर्य अन्यान्य पाँच ग्रहोंकी शुभ दृष्टिके साथ मेषराशिपर विराजमान थे, तभी साक्षात्घ् भगवान्घ् श्रीरामका माता कौसल्याके गर्भसे जन्म हुआ।चौत्र शुक्ल नवमी का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। आज ही के दिन तेत्रा युग में रघुकुल शिरोमणि महाराज दशरथ एवं महारानी कौशल्या के यहाँ अखिल ब्रम्हांड नायक अखिलेश ने पुत्र के रूप में जन्म लिया था।
दिन के बारह बजे जैसे ही सौंदर्य निकेतन, शंख, चक्र, गदा, पद्म धारण किघ्ए हुघ्ए चतुर्भुजधारी श्रीराम प्रकट हुघ्ए तो मानो माता कौशल्या उन्हें देखकर विस्मित हो गघ्ईं। उनके सौंदर्य व तेज को देखकर उनके नेत्र तृप्त नहीं हो रहे थे।
पं. दयानन्द शास्त्री  के  अनुसार श्रीराम के जन्मोत्सव को देखकर देवलोक भी अवध के सामने फीका लग रहा था। देवता, ऋषि, किन्नार, चारण सभी जन्मोत्सव में शामिल होकर आनंद उठा रहे थे। आज भी हम प्रतिवर्ष चौत्र शुक्ल नवमी को राम जन्मोत्सव मनाते हैं और राममय होकर कीर्तन, भजन, कथा आदि में रम जाते हैं।
रामजन्म के कारण ही चौत्र शुक्ल नवमी को रामनवमी कहा जाता है। रामनवमी के दिन ही गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरित मानस की रचना का श्रीगणेश किया था।भगवान श्रीराम जी ने अपने जीवन का उद्देश्य अधर्म का नाश कर धर्म की स्थापना करना बताया पर उससे उनका आशय यह था कि आम इंसान शांति के साथ जीवन व्यतीत कर सके और भगवान की भक्ति कर सके। उन्होंने न तो किसी प्रकार के धर्म का नामकरण किया और न ही किसी विशेष प्रकार की भक्ति का प्रचार किया।
पं. दयानन्द शास्त्री  के  अनुसार रामनवमी, भगवान राम की स्घ्मृति को समर्पित है। राम सदाचार के प्रतीक हैं, और इन्हें ष्मर्यादा पुरुषोतमष् कहा जाता है। रामनवमी को राम के जन्घ्मदिन की स्घ्मृति में मनाया जाता है। राम को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है, जो पृथ्वी पर अजेय रावण (मनुष्घ्य रूप में असुर राजा) से युद्ध लड़ने के लिए आए। राम राज्घ्य (राम का शासन) शांति व समृद्धि की अवधि का पर्यायवाची बन गया है। रामनवमी के दिन, श्रद्धालु बड़ी संख्घ्या में उनके जन्घ्मोत्घ्सव को मनाने के लिए राम जी की मूर्तियों को पालने में झुलाते हैं। इस महान राजा की काव्घ्य तुलसी रामायण में राम की कहानी का वर्णन है।
उस दिन जो कोई व्यक्ति दिनभर उपवास और रातभर जागरणका व्रत रखकर भगवान्घ् श्रीरामकी पूजा करता है, तथा अपनी आर्थिक स्थितिके अनुसार दान-पुण्य करता है, वह अनेक जन्मोंके पापोंको भस्म करनेमें समर्थ होता है।
पं. दयानन्द शास्त्री  के  अनुसार रामनवमी के मौके पर भारत ही क्या विदेशों के मंदिरों में भी शोभा देखते ही बनती है। ऐसा लगता है पूरी दुनिया श्री राम की भक्ति में डूबी हुई है। हिन्दू धर्म में राम का नाम बहुत महत्त्व रखता है। हिन्दू होने के कारण मैंने भी बचपन से यही देखा है कि किस तरह मेरे घर में कोई भी पूजा राम नाम और घ् जय जगदीश की आरती के बिना पूरी नहीं होती है। अरे! एक राम का नाम पत्थर पर लिख कर पूरी सेना ने इतना बड़ा समुन्दर पार कर लिया था तो हमारी नैया तो पार लग ही जाएगी। भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम भी कहा जाता है, जिन्होंने पृथ्वी से पाप और असूरों का नाश करने के लिए जन्म लिया था। भगवान राम कोई और नहीं बल्कि विष्णु भगवान के ही अवतार हैं। और जब बात स्वयं श्री राम के जन्म की हो तो उत्साह और जोश और भी बढ़ जाता है।
भगवान श्री राम की जन्मकुंडली का विवेचन / फलादेश----
पं. दयानन्द शास्त्री  के  अनुसार भगवान राम का जन्म कर्क लगन में हुआ था। उनके लगन में उच्च का गुरु एवं स्वराशी का चंद्रमा था । भगवान श्री राम का जन्म दोपहर के 12 बजे हुआ था, इसी कारण भगवान राम विशाल व्यक्तित्व के थे और उनका रूप अति मनहोर था ।
लग्न में उच्च का गुरु होने से वह मर्यादा पुरुषोतम बने । चौथे घर में उच्च का शनि तथा सप्तम भाव में उच्च का मंगल था, अतः भगवान श्री राम मांगलिक थे । इसके कारण उनका वैवाहिक जीवन कष्टों से भरा रहा । उनकी कुंडली के दशम भाव में उच्च का सूर्य था, जिससे वे महा प्रतापी थे ।
कुल मिलकर भगवान राम के जन्म के समय चार केन्द्रो में चार उच्च के ग्रह विराजमान थे।आश्चर्य की बात यह है कि जैसी कुंडली भगवान राम की थी वैसी ही रावण की भी थी।
राम की कुंडली कर्क लगन थी और रावन की मेष।
पं. दयानन्द शास्त्री  के  अनुसार विभिन्न राशि के जातक रामनवमी पर क्या करें..??क्या नहीं करें??
मेष- बहुप्रतीक्षित कार्य के सम्पन्न होने से आपके प्रभाव में वृद्धि होगी।
क्या करें- श्रीराम रक्षा स्त्रोत का पाठ।
क्या न करें- पश्चिम की तरफ सर कर के ना सोएं।
वृष- धन, सम्मान, यश, कीर्ति में वृद्धि होगी।
क्या करें- श्रीराम स्तुति।
क्या न करें- संध्याकाल में अध्यन ना करें।
मिथुन- शिक्षा प्रतियोगिता के क्षेत्र में चल रहे प्रयास फलीभूत होंगे।
क्या करें- इंद्रकृत रामस्त्रोत का पाठ।
क्या न करें- दक्षिण मुख भोजन ना करें।
कर्क- व्यावसायिक प्रयास परिवर्तन की दिशा में हितकर होगा।
क्या करें- श्रीरामाष्टक का पाठ।
क्या न करें- तेल लगाकर शमशान भूमि की तरफ ना जाएं।
सिंह- नया स्थान नए लोग आपके लिए लाभदायी होंगे।
क्या करें- श्रीसीता रामाष्ट्घ्कम का पाठ।
क्या न करें- सोते व्यक्ति को ना जगाएं।
कन्या- सामाजिक कार्याे में रुचि लेंगे।
क्या करें- श्रीराम मंगलाशासनम का पाठ।
क्या न करें- महानिशा (मध्य रात्रि) में स्नान ना करें।
तुला- आर्थिक पक्ष मजबूत होगा।
क्या करें- श्रीराम प्रेमाष्ट्घ्कम का पाठ।
क्या न करें- देर रात किसी उपवन (पार्क) या चौराहे पर ना जाएं।
वृश्चिक- स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें।
क्या करें- श्रीराम चंद्राष्ट्घ्कम का पाठ।
क्या न करें- सांध्य काल में शयन ना करें।
धनु- संतान के दायित्व की पूर्ति होगी।
क्या करें- जटायुकृत श्री रामस्त्रोत का पाठ।
क्या न करें- टूटी शय्या अर्थात खाट का प्रयोग ना करें, यह दुर्भाग्य कारक है।
मकर- धन, सम्मान, यश, कीर्ति में वृद्धि होगी।
क्या करें- आदित्य हृदय स्त्रोत के साथ श्री रामरक्षा स्त्रोत कवच का पाठ।
क्या न करें- लाल रंग का वस्त्र प्रयोग ना करें।
कुम्भ- जीविका के क्षेत्र में आशातीत सफलता मिलेगी।
क्या करें- सुंदरकांड के साथ श्रीराम रक्षा कवच।
क्या न करें- पितरों का अनादर ना करें।
मीन- मैत्री संबंध प्रगाढ़ होंगे। यात्रा भी संभव है।
क्या करें- अयोध्याकांड के साथ बाल कांड का पाठ।
क्या न करें- किसी का दिल ना दुखाएं।
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यह होंगे लाभ रू-----
रामनवमी पर श्रीराम व हनुमान आराधना से उक्त राशि के जातकों को शत्रु शमन, उच्च पद की प्राप्ति, मानसिक शांति, नेतृत्व क्षमता, मनोबल में वृद्घि, संबंधों में मधुरता तथा प्रगति के अवसरों की प्राप्ति के साथ समय की अनुकूलता प्राप्त होगी।
ऐसे करें पूजा------
पवित्र स्थान की मिट्टी से वेदी बनाकर उसमें जौ, गेहूं बोएं। फिर उस पर कलश को विधिपूर्वक स्थापित करें। कलश पर मूर्ति की प्रतिष्ठा करें। मूर्ति यदि कच्ची मिट्टी, कागज या सिंदूर से बनी हो और स्नानादि से उसमें विकृति होने की आशंका हो, तो उस पर शीशा लगा दें। मूर्ति न हो तो कलश के पीछे स्वास्तिक व उसके दोनों भुजाओं में त्रिशूल बनाकर दुर्गा जी का चित्र, पुस्तक व शालीग्राम को विराजित कर विष्णु का पूजन करें।
हिन्दू धर्म में रामनवमी के दिन पूजा की जाती है। रामनवमी की पूजा के लिए आवश्घ्यक सामग्री रोली, ऐपन, चावल, जल, फूल, एक घंटी और एक शंख हैं। पूजा के बाद परिवार की सबसे छोटी महिला सदस्घ्य परिवार के सभी सदस्घ्यों को टीका लगाती है। रामनवमी की पूजा में पहले देवताओं पर जल, रोली और ऐपन चढ़ाया जाता है, इसके बाद मूर्तियों पर मुट्ठी भरके चावल चढ़ाये जाते हैं। पूजा के बाद आघ्रती की जाती है और आरती के बाद गंगाजल अथवा सादा जल एकत्रित हुए सभी जनों पर छिड़का जाता है।
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रामनवमी पर भगवान श्री राम की स्तुति इस प्रकार करें  रू------
श्रीरामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणम् .
नवकञ्ज लोचन कञ्ज मुखकर कञ्जपद कञ्जारुणम् .. 1..
कंदर्प अगणित अमित छबि नव नील नीरज सुन्दरम् .
पटपीत मानहुं तड़ित रुचि सुचि नौमि जनक सुतावरम् .. 2..
भजु दीन बन्धु दिनेश दानव दैत्यवंशनिकन्दनम् .
रघुनन्द आनंदकंद कोशल चन्द दशरथ नन्दनम् .. 3..
सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदार अङ्ग विभूषणम् .
आजानुभुज सर चापधर सङ्ग्राम जित खरदूषणम् ३4..
इति वदति तुलसीदास शङ्कर शेष मुनि मनरञ्जनम् .
मम हृदयकञ्ज निवास कुरु कामादिखलदलमञ्जनम् .. 5..

गुरुवार, 11 अप्रैल 2013

नाराज ममता को मनाने माफी मांगी कमल नाथ ने!


नाराज ममता को मनाने माफी मांगी कमल नाथ
ने!

(रश्मि सिन्हा)

नई दिल्ली (साई)। ममता बनर्जी के साथ हुई कथित बदतमीजी के उपरांत बने हालात पर काबू पाने और ममता बनर्जी का गुस्सा कम करने की गरज से संसदीय कार्य मंत्री कमल नाथ ने उनसे माफी मांगी तो प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह ने दूरभाष पर उनके हाल चाल जाने। अपने बयानों के लिए चर्चित ममता कभी सुरक्षा कर्मियों को कोड़े मारने, तो कभी फोटोग्राफर्स को पीटने की बात तक कह चुकी हैं।
योजना भवन में मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ हुई घटना के बाद जहां एक ओर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने दीदी को फोन कर हाल-चाल पूछा तो वहीं संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने उनसे माफी मांगी है। कमलनाथ ने कहा, कि जो कुछ भी ममता बनर्जी के साथ हुआ मैं उसके लिए माफी मांगता हूं। संसद की कार्यवाही को सुचारु रुप से चलाने के लिए हम उनसे बात करेंगे।
इस बीच ममता बनर्जी के घर के बाहर की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। ममता बनर्जी दिल्ली में अपनी सारी मीटिंग रद्द करके दोपहर दो बजे करीब कोलकाता रवाना हो जाएंगी। इससे पहले घटना के बाद मंगलवार शाम को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ममता बनर्जी को फोन कर घटना पर खेद जताया था और साथ ही उनका हाल पूछा था। प्रधानमंत्री ने ममता बनर्जी की सुरक्षा बढ़ाने के लिए भी कहा था।
मंगलवार को दिल्ली में अपने मंत्री के साथ हुई धक्कामुक्की की घटना के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का भी गुस्सा फूट पड़ा। ममता ने योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया और केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला को खूब खरीखोटी सुनाई। ममता ने कहा कि सीपीएम के लोग गुंडागर्दी कर रहे थे और दिल्ली पुलिस तमाशा देख रही थी। ममता ने बाद में पीएम से मिलने का कार्यक्रम भी रद्द कर दिया। बताया गया कि उनकी तबीयत खराब है।
ज्ञातव्य है कि इसके पहले ममता बनर्जी ने थप्पड़ मारने की बात की थी जो सियासी फिजां में जमकर उछली थी। ममता बनर्जी ने सुरक्षा कर्मियों को कोड़े मारने की बात कही थी, फिर इस साल फरवरी में ममता ने पनागढ़ में फोटोग्राफर्स को थप्पड़ मारने की बात कही थी। बड़बोली ममता बनर्जी ने जनवरी में विवादस्पद बयान दिया था। आर्थिक पैकेज ना मिलने पर ममता बनर्जी ने कहा था कि अगर वे नहंी देते हैं तो क्या मैं उन्हें पीटूं!
ममता बनर्जी मोंटेक से इस कदर नाराज हो गईं कि उन्होंने यहां तक कह डाला कि वो दिल्ली आना ही छोड़ देंगी। दरअसल ममता बनर्जी और अमित मित्रा मंगलवार को मोंटेक सिंह से मिलने उनके दफ्तर गए थे। वहां पर ैथ्प् के कुछ कार्यकर्ताओं ने अमित मित्रा के साथ बदसलूकी कर दी। इसी बात को लेकर दीदी मोंटेक सिंह अहलूवालिया पर भड़क गईं। अमित मित्रा पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री हैं।
यह पहला मौका नहीं है जब ममता बनर्जी ने अपना आपा खोया है। जब एक पत्रकार ने उन्हें बताया कि मजदूर संघों की हड़ताल का राज्य में आंशिक प्रभाव पड़ा है, तो उन्होंने यहां तक कह डाला था कि वो अपनी हद में रहे। यही नहीं ममता बनर्जी एक बार सुरक्षाकर्मियों को कोड़े मारने का सुझाव देकर विवादों में आ गई थीं। वहीं वर्धमान जिले में एक महोत्सव के उद्घाटन के दौरान उन्होंने फोटोग्राफरों को कहा था, ‘असभ्य लोगों, मैं तुम्हें थप्पड़ मारूंगी। आपको दिखाई नहीं दे रहा है कि यहां खाना बनाया जा रहा है।’

प्रणव मुखर्जी ने दी बधाई


प्रणव मुखर्जी ने दी बधाई

(मणिका सोनल)

नई दिल्ली (साई)। भारत के राष्ट्रपति, प्रणब मुखर्जी की चौत्र शुक्लादि, उगादी, गुड़ी पड़वा, चौतीचंड, नवरे तथा साजिबु चेराओबा के अवसर पर बधाई दी है। उन्होनें अपने संदेश में कहा है कि चौत्र शुक्लादि, उगादी, गुड़ी पड़वा, चौतीचंड, नवरे तथा साजिबु चेराओबा के पावन अवसर पर मैं अपने सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।
देश के विभिन्न भागों में नववर्ष के आगमन का प्रतीक ये त्यौहार बसंत लेकर आते हैं जो कि उम्मीदों और सृजनात्मकता का समय होता है और इस समय प्रकृति अपनी देन से हमें उपकृत करती है। इस उल्लासमय अवसर पर आइए हम दूसरों के साथ अपनी खुशी और प्रसन्नता को बांटने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि वे कामना करते हैं कि यह त्यौहार हमारी जनता के बीच सौहार्द तथा मित्रता के बंधनों को मजबूत करे तथा हमारे देश में शांति, सौहार्द तथा समृद्धि बढ़ाए।

शहीद पांच सैनिकों के शव दिल्ली पहुंचे


शहीद पांच सैनिकों के शव दिल्ली पहुंचे

(रश्मि कुलश्रेष्ठ)

नई दिल्ली (साई)। दक्षिणी सूडान में मंगलवार को शांति सैनिकों पर घात लगाकर किये गये हमले में मारे गये पांच भारतीय सैनिकों के शव आज तड़के नई दिल्ली पहुंचे। चार अन्य घायल सैनिक भी संयुक्त राष्ट्र के एक चार्टड विमान से लाये गये हैं। इस हमले में मारे गये भारतीय सैनिकों में लेफ्टिनेंट कर्नल महिपाल सिंह, नायब सूबेदार शिवकुमार पाल, हवलदार हीरालाल, हवलदार भरत सिंह और सिपाही नंदकिशोर शामिल हैं। ये सभी छठी महार रेजीमेंट और नौंवी मैकेनाइज्ड इन्फैन्ट्री बटालियन के हैं।
लेफ्टिनेंट कर्नल महिपाल सिंह का पार्थिव शरीर हरियाणा में उनके पैतृक स्थान महेन्द्रगढ़ ले जाया गया, जबकि अन्य सैनिकों के शवों को उत्तराखण्ड में पिथौरागढ़ और पश्चिम बंगाल में मेदिनीपुर जैसे दूरदराज के इलाको में वायुसेना के विमानों से भेजा जाएगा।
दक्षिण सूडान में भारतीय सेना की दो बटालियनें संयुक्त राष्ट्र शांति सेना के तहत तैनात हैं। इनमें करीब दो हजार दो सौ सैनिक है। इनमें से एक बटालियन जोंगलेई में और दूसरी सूडान की सीमा से लगते मलक्कल में है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और कहा है कि इसे युद्ध अपराध के समान समझा जा सकता है। दक्षिण सूडान की सरकार ने इस हमले के लिए विद्रोही नेता डेविड यायू यायू के समर्थकों को जिम्मेदार बताया है। सरकारी सेनाएं जोंगलेई में विद्रोहियों से लड़ रही हैं, जबकि संयुक्त राष्ट्र शांति सेना व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रही है, ताकि इस लड़ाई में बहुत ज्यादा नागरिक हताहत न हों।

भारती एयरटेल थ्री जी रोमिंग पर रोक


भारती एयरटेल थ्री जी रोमिंग पर रोक

(आकाश कुमार)

नई दिल्ली (साई)। उच्चतम न्यायालय ने आज भारती एयरटेल पर सात सर्कलों में नये उपभोक्ताओं को थ्री जी रोमिंग सेवा उपलब्ध कराने पर रोक लगा दी है। इन सात सर्कलों में एयरटेल के पास थ्री जी सेवाएं उपलब्ध कराने का लाइसेंस नहीं है। मध्य प्रदेश् सहिति इन सर्किल में कोलकाता, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, पूर्वी उत्तरप्रदेश और केरल शामिल है।
प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति अल्तमश कबीर और न्यायमूर्ति विक्रमजीत सिंह सेन की पीठ ने ये भी कहा कि कथित रूप से अवैध थ्री जी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए एयरटेल पर जुर्माने के मामले में जबर्दस्ती न की जाए।  पीठ ने केन्द्र और रिलायंस कम्युनिकेशन्स लिमिटेड को नोटिस जारी करके उनसे भारती एयरटेल की याचिका पर दो हफ्घ्ते के अन्दर जवाब देने को कहा है।
भारती एयरटेल ने अपनी याचिका में दिल्ली उच्च न्यायालय के इस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें न्यायालय ने उसके थ्री जी रोमिंग समझौते को अवैध ठहराने के दूरसंचार विभाग के निर्णय को सही ठहराया था। उच्चतम न्यायालय ने अगली सुनवाई के लिए ९ मई की तारीख तय की है।
वहीं दूसरी ओर भारती के मुख्य प्रबंध निदेशक सुनील मित्तल और एस्सार ग्रुप के प्रमोटर रवि रूइया आज अतिरिक्त टू जी स्पैक्ट्रम आवंटन मामले में दिल्ली की एक अदालत में पेश हुए। सुनील मित्तल के वकील ने सीबीआई के विशेष जज ओ पी सैनी के सामने इस मामले की सुनवाई १६ अप्रैल तक स्थगित करने के उच्चतम न्यायालय का आदेश रखा। सुनील मित्तल और रवि रूइया के अलावा पूर्व दूरसंचार सचिव श्यामल घोष भी अदालत में पेश हुए। सीबीआई के विशेष जज ने उन्हें पेश होने के लिए समन भेजा था।

एक साथ ली फीस तो खैर नहीं!


एक साथ ली फीस तो खैर नहीं!

(रोशनी भार्गव)

नई दिल्ली (साई)। निजी तौर पर संचालित शालाओं द्वारा अगर एक कई महीनों की फीस ली गई तो उनकी खैर नहीं। दिल्ली उच्च न्यायालय ने व्यवस्था दी है कि प्राइवेट स्कूल एक बार में एक महीने से अधिक फीस नहीं ले सकते। न्यायमूर्ति वाल्मिकी मेहता ने कहा कि अभिभावकों को तिमाही, छमाही या वार्षिक आधार पर फीस देने के लिए स्कूल बाध्य नहीं कर सकते।
उन्होंने ये भी कहा कि अभिभावकों को हर महीने की दस तारीख तक स्कूल की फीस जमा कराने की सुविधा होनी चाहिए, जो दिल्ली स्कूल शिक्षा नियमों के अनुसार है। अभिभावकों ने न्यायालय के आदेश का स्वागत किया है, लेकिन स्कूल अधिकारियों ने निराशा व्यक्त की है और कहा है कि हर महीने फीस इक्ट्ठी करने से परेशानी होगी।
उच्च न्यायालय कुछ अभिभावकों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था। इन लोगों के बच्चे राष्ट्रीय राजधानी के स्कूल में पढ़ रहे हैं। इन अभिभावकों ने तिमाही फीस लेने की स्कूल की व्यवस्था से राहत मांगी थी।

अतिमहत्वपूर्ण दौरे पर पीएम पहूंचे बर्लिन


अतिमहत्वपूर्ण दौरे पर पीएम पहूंचे बर्लिन

(टी.विश्वनाथ)

बर्लिन (साई)। भारत के वजीरे आजम डॉ.मनमोहन सिंह एक विशेष और महत्वपूर्ण यात्रा पर जर्मनी पहुंच गए हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जर्मनी की तीन दिन की यात्रा पर कल शाम बर्लिन पहुंचे। यात्रा के दौरान वे जर्मनी के नेताओं के साथ व्यापार और आर्थिक मुद्दों पर मुख्य रुप से चर्चा करेंगे। डॉ मनमोहन अंतर-सरकार बातचीत  के दूसरे दौर की अध्यक्षता करेंगे। जर्मनी की चांसलर एंगला मारकल भी इस बातचीत में शामिल होंगी।
समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो ने बताया कि एशिया में केवल दो देशों- चीन और इजराइल के साथ जर्मनी की यह व्यवस्था है। प्रधानमंत्री की यह यात्रा इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है कि भारत ने यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौता करने के लिए प्रयास तेज कर दिए है। जर्मनी २७ देशों के यूरोपीय संघ का एक प्रमुख सदस्य है और वह यूरोप में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक सहयोगी है।
प्रधानमंत्री के करीबी सूत्रों ने साई न्यूज को बताया कि प्रधानमंत्री अपनी इस यात्रा के दौरान जर्मन नेताओं को इस बात की भी जानकारी देंगे कि आर्थिक सुधारों और निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई दिल्ली द्वारा क्या-क्या प्रयास किए गए हैं। प्रधानमंत्री के साथ उनके मंत्रिमंडल के पांच वरिष्ठ सहयोगी और राष्ट्रीय सुरक्षा सहलाकार भी बर्लिन आए हैं। प्रधानमंत्री का कल जर्मनी की चांसलर एंगला मारकल द्वारा औपचारिक स्वागत किया जाएगा। डॉ मनमोहन सिंह की पिछले तीन वर्षाे में यह जर्मनी की दूसरी यात्रा है।
वहीं डॉक्टर मनमोहन सिंह का आज सुबह जर्मन फेडरल चांसलरी में पंरपरागत रुप से स्वागत किया जाएगा। बाद में वे जर्मन चांसलर के साथ अंतर-सरकार बातचीत की संयुक्त रुप से अध्यक्षता करेंगे। शाम को वे झ्जर्मनी में भारत के दिनश् नामक प्रदर्शनी का समापन करेंगे। भारत और जर्मनी दोनों देश राजनयिक संबंध स्थापित होने की सांठवी जयंती मना रहे है। डॉक्टर मनमोहन सिंह १२ अपै्रल को स्वदेश रवाना होने से पहले जर्मनी के राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे।
वैसे कल शाम प्रधानमंत्री के पहुंचने पर भारत के राजदूत सुजाता सिंह और जर्मनी के प्रोटोकॉल प्रमुख जोरगन क्रिस्चियन मरटेंट्स ने टेगेल सैनिक हवाई अड्डे पर उनकी आगवानी की। हवाईअड्डे पर उनके सम्मान में गार्ड आफ आनर दिया गया। डॉक्टर मनमोहन सिंह की चांसलर एंगला मारकल के निमंत्रण पर जर्मनी की यह दूसरी यात्रा है।

टाईटलर सहित अनेकों की बढ़ सकती हैं परेशानियां


टाईटलर सहित अनेकों की बढ़ सकती हैं परेशानियां

(महेश)

नई दिल्ली (साई)। 1984 के सिख दंगों के मामले में कांग्रेसी नेता जगदीश टाईटलर सहित अनेक नेताओं की परेशानी बढ़ सकती है। दिल्ली की एक अदालत ने १९८४ के सिख विरोधी दंगे के मामले में कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर के खिलाफ फिर से मुकदमा चलाने का आदेश दिया है।
अदालत ने उन्हें क्लीन चिट दिए जाने संबंधी सी बी आई की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनुराधा शुक्ला भारद्वाज ने इस मामले में एक मजिस्ट्रेट की अदालत के आदेश को दरकिनार करते हुए जांच एजेंसी सी बी आई को निर्देश दिया कि वह दंगे के बारे में जानकारी का दावा करने वाले चश्मदीद गवाहों और लोगों से पूछताछ करे। यह आदेश श्री टाइटलर को सी बी आई द्वारा क्लिन चिट और क्लोजर रिपोर्ट देने के खिलाफ एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया गया।
उधर, कांग्रेस ने पार्टी नेता जगदीश टाइटलर के खिलाफ १९८४ के सिक्ख विरोधी दंगे मामले की सुनवाई फिर से करने के दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश पर आज कोई टिप्पणी नही की। पार्टी प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने नई दिल्ली में पत्रकारों से कहा कि इस मामले में कानून अपना काम करेगा।
ज्ञातव्य है कि 1984 में पूर्व प्रधानमंत्री प्रियदर्शनी श्रीमति इंदिरा गांधी की हत्या के उपरांत देश में भड़के दंगों में अनेक लोगों की जानें गईं थी और अरबों खरबों की संपत्ति का नुकसान हुआ था। इसमें जगदीश टाईटलर कमल नाथ आदि का नाम प्रमुखता से सामने आया था।
वहीं सीबीआई के सूत्रों ने कहा कि सी बी आई १९८४ के सिख विरोधी दंगे मामले में कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर के खिलाफ फिर से मामला चलाने के लिए दिल्ली की एक अदालत के फैसले का अध्ययन करेगी। अदालत ने आज  उन्हें क्लीन चिट देने वाली सी बी आई की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर दिया। सी बी आई प्रवक्ता धारणी मिश्रा ने बताया कि जांच एजेंसी अदालत के आदेश का अध्ययन करेगी और आगे की कार्रवाई के बारे में फैसला करेगी।

कर्नाटक में नामांकन भरने आरंभ


कर्नाटक में नामांकन भरने आरंभ

(श्वेता यादव)

बंग्लुरू (साई)। कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के लिए अधिसूचना जारी होने के बाद पांच नामांकन पत्र भरे गए हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी अनिल कुमार झा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मतदाता सूचियों में नाम शामिल करने के लिए साढ़े चौदह लाख से अधिक आवेदन मिले हैं। इनमें से नौ लाख से अधिक का निपटारा कर दिया गया है।
निर्वाचन अयोग के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि आज सौंपे गए पांच नामपत्रो में कपड़ा मंत्री और निर्दलीय विधायक वर्तु प्रकाश भी शामिल हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया है कि मतदाता सूची में जिसने भी नाम शामिल करने की गुजारिश की है उनके घर तक मतदाता पहचान पत्र पहुंच जाएगा।
सूत्रों ने ये भी बताया है कि मतदाताओं की सुविधा के लिए उम्मीदवारों द्वारा सौंपे गए नामपत्र और हलफनामा वेबसाइट में डाला जाएगा। जिसमें उम्मीदवार की संपत्ति और अपराधिक मामले के जानकारी प्राप्त होगी। वहीं श्री अनिल कुमार ने बताया कि राज्य में अब तक चौदह हजार लीटर शराब और एक करोड़ ८३ लाख रुपए जब्त किए गए हैं। पुलिस ने इस मामले में १६५ लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं।

पासवर्ड होने जा रहा है बीते जमाने का


पासवर्ड होने जा रहा है बीते जमाने का

(यशवंत)

वाशिंग्टन डीसी (साई)। संचार क्रांति के युग में अब नित नए नए अविष्कार और चीजें सामने आ रही हैं। इंटरनेट फ्रेंडली लोगों के लिए अब पासवर्ड याद रखने की झंझट समाप्त होने वाली है। आने वाले वक्त में आपको पासवर्ड याद रखने और बार-बार उन्हें टाइप करने के झंझट से आजादी मिल जाएगी।
कहा जा रहा है कि आने वाले समय में आपको बस सोचना भर होगा और पासवर्ड खुद आकर एक्सेप्ट कर लिया जाएगा। यह सब मुमकिन होगा एक नए वायरलेस हेडसेट के जरिए जिसे रिसर्चर डिवेलप कर चुके हैं। यह डिवाइस बनाई है कैलिफॉर्निया यूनिवर्सिटी के बर्कले स्कूल ऑफ इंफर्मेशन के रिसर्चरों ने। इसकी खासियत यही है कि इसमें पासवर्ड की जगह ब्रेनवेव से प्रमाणिकता पूछी जाती है। इसमें लगी बायो सेंसर टेक्नॉलजी ब्रेनवेव को माप सकती है। इसी के दम पर रिसर्चर पासवर्ड की जगह श्पासथॉट्सश् को हकीकत बना रहे हैं।
वेबसाइट मेशेबल के मुताबिक, 100 डॉलर वाला यह हेडसेट वायरलेस है और ब्लूटूथ के जरिए कंप्यूटर से कनेक्ट होता है। डिवाइस में लगे सेंसर यूजर के माथे के संपर्क में होते हैं और इससे वह दिमाग के इलेक्ट्रॉइनसेफलोग्राम (ईईजी) सिग्नल उपलब्ध कराता है। न्यूरोस्काई माइंडसेट दिखने में किसी आम ब्लूटूथ डिवाइस की तरह है पर काम एकदम हटकर करता है। गजब की बात तो यह है कि आपके किसी दूसरे के दिमाग के वेव्स को कंप्यूटर एक्सेप्ट नहीं करेगा क्योंकि हर किसी के ब्रेन वेव्स अलग होते हैं।

यह है शिव का सुशासन!


यह है शिव का सुशासन!

(सुरेंद्र जायस्वाल)

जबलपुर (साई)। देश के हृदय प्रदेश में भाजपा के निजाम शिवराज सिंह चौहान सुशासन लाने का दावा कर रहे हैं और उन्ही के राज में कांस्य पदक जीतने वाला खिलाड़ी परिवार पालने के लिए फुलकी यानी गोल गप्पे बेच रही है। जी हां यह सच है, एमपी की संस्कारधानी जबलपुर में यह सब हो रहा है।
वर्ष 2011 में एथेंस स्पेशल ओलिंपिक में दो कांस्य पदक जीत कर देश को गौरवान्वित करने वाली सीता साहु इन दिनों मां के साथ गोल गप्पे बेच कर घर चला खर्च चलाने को मजबूर है। 15 वर्षीय सीता मानसिक रूप से निरूशक्त है और आधिकारिक मदद न मिलने की वजह से सीता का एथेलीट करियर रूक चुका है।
सीता के परिजनों ने समाचार एजेंसी ऑॅफ इंडिया को बताया कि सीता को 8 जून 2011 को सात बच्चों के साथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ उनके घर चाय पीने का मौका मिला था और इसके के करीब एक माह बाद, 6 जुलाई 2011 को सीता एथेंस से दो कांस्य पदक जीत कर लौटी थी। सीता ने स्पेशल गेम्स में 200 मीटर और 1600 मीटर दौड़ में यह पदक जीते थे।
सीता से संपर्क खो चुके उसके कोच साजिद मसूद ने बताया कि सीता के पदक जीतने के बाद राज्य सरकार ने नकद पुरस्कार की घोषणा की थी। इस मुताबिक उसे एक लाख रुपये नकद मिलने थे, लेकिन कई बार याद दिलाने के बावजूद सीता को यह राशि नहीं मिली।
सीता की मां किरण साहु कहती हैं कि पेट अ़खैर घर चलाने के लिए कुछ काम तो करना पड़ेगा। हम सीता को लेकर बहुत खुश थे। हमें उम्मीद थी कि सरकार घोषित की गयी राशि देगी पर ऐसा नहीं हुआ। अब हम सीता को ऐसे काम सिखा रहें हैं, जिससे वह कुछ पैसे कमा सके। मेरी बेटी अब अच्छी तरह से गोलगप्पे बेल लेती है और उन्हें गोल्डन ब्राउन होने तक फ्राई भी कर लेती है।