आर्थिक वृद्धि की
तस्वीर बदलने की उम्मीद में दादा
(प्रियंका
श्रीवास्तव)
नई दिल्ली (साई)।
वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले महीनों में देश में
आर्थिक वृद्धि की तस्वीर बदलेगी। उन्होंने रेटिंग एजेंसी स्टैडर्ड एंड पुअर्स के
इस दावे को खारिज कर दिया है कि भारत निवेश अनुकूल रेटिंग गंवाने वाला पहला ब्रिक
देश हो सकता है।
उन्होंने कहा कि
सरकार मौजूदा स्थिति के प्रति पूरी तरह सजग है और रेंटिग एजेंसी की चेतावनी ताजा
रेटिंग पर आधारित नहीं है। उनका कहना था कि स्टैडर्ड एंड पुअर्स ने २५ अप्रैल को
भारत की दीर्घकालिक क्रेडिट रेटिंग बीबीबी माइनस बताई थी और बाद में अर्थव्यवस्था
की संभावना को स्थिर से घटाकर माइनस कर दिया था।
प्रणव मुखर्जी ने
कहा कि अप्रैल -२०१२ से अब तक ऐसी कोई बड़ी घटना नहीं हुई जिससे पता लगे कि झटके
सहने में अर्थव्यवस्था की कमजोरी बढ़ी है। भारतीय अर्थव्यवस्था में अनुकूल संकेतों
का जिक्र करते हुए श्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक ने मौद्रिक
नीति की पिछली समीक्षा में ब्याज दर घटाई थी।
उन्होने कहा कि
ब्याज दरों में कमी हुई है, खनन क्षेत्र में वृद्धि का रूख पलटा है।
इसके अलावा कोयले से चलने वाली बिजली परियोजनाओं के लिए ईंधन की उपलब्धता सुधरी
है। तिमाही निवेश वृद्धि दर २०११-१२ की पिछली तिमाही में शून्य से नीचे थी लेकिन
अब सुधरी है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सामान्य रहने का अनुमान है और अंतर्राष्ट्रीय
बाजार में तेल की कीमतें गिरने लगी है।

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