मुर्सी और
न्यायपालिका में छिड़ी जंग
(टी.विश्वनाथन)
काहिरा (साई)।
मिस्र में राष्ट्रपति मुर्सी और न्यायपालिका के बीच मोर्चाबंदी हो गई है।
राष्ट्रपति मुर्सी ने आज संसद बहाल कर दी, जबकि मिस्र की सर्वाेच्च संवैधानिक अदालत ने
राष्ट्रपति के इस आशय के आदेश को रद्द कर दिया था। मुस्लिम ब्रदरहुड पार्टी ने
लोगों का आह्घ्वान किया है कि राष्ट्रपति मुर्सी के समर्थन में लाखों की संख्या
में काहिरा पहुंचें।
मुर्सी ने रविवार
को एक आदेश जारी कर संसद को भंग करने का फैसला रद्द कर दिया था और संसद का अधिवेशन
दोबारा बुलाया था। सैन्य परिषद ने कहा है कि व्यवस्था कानून के अनुसार चलनी चाहिए।
उधर, मिस्र में
राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी द्वारा फिर से बहाल की गई संसद के अध्यक्ष
साद-अल-कतातानी ने पीपल्स असेम्बली की बैठक विधायी कार्यों के लिए बुलाई है, जबकि मुस्लिम
ब्रदरहुड ने राष्ट्रपति मुर्सी के फैसले के समर्थन में काहिरा में प्रदर्शन आयोजित
किया है। इस कदम से राष्ट्रपति मुर्सी और न्यायपालिका के बीच टकराव के आसार नजर आ
रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने
कल ही राष्ट्रपति मुर्सी के उस फैसले को रद्द कर दिया जिसमें उन्होंने संसद को फिर
से बहाल कर दिया था। अदालत ने कहा कि उसका फैसला अंतिम है और सबके लिए मान्य होगा।
उधर, सैनिक
काउंसिल ने बयान जारी कर कहा है कि सविंधान सर्वाेपरी है और कानून का पालन सबको
करना चाहिए।

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