प्रतिभा से प्रणव
ने मांगे उपहार
(शरद खरे)
नई दिल्ली (साई)।
देश की पहली महामहिम राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल से वर्तमान महामहिम
राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने रायसीना हिल्स से ले जाए गए सारे उपहार वापस मांगे
हैं। प्रतिभा पाटिल ने सारे उपहार विद्याभारतीय शैक्षणिक मण्डल को दे दिए बताए जा
रहे हैं।
राष्ट्रपति पद पर
रहते हुए विदेश दौरों पर खर्च और फांसी पाए दुर्दांत अपराधियों को माफी देने की
वजह से विवादित हुईं प्रतिभा पाटिल का विवादों से पीछा नहीं छूट रहा है। प्रतिभा
पाटिल अपने कार्यकाल के दौरान मिले गिफ्ट्स को लेकर अमरावती चली गई थीं। नए
राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के आदेश पर राष्ट्रपति सचिवालय ने पाटिल से सारे गिफ्ट्स
लौटाने के लिए कहा है। हालांकि, पाटिल के परिवार के सूत्रों ने समाचार
एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि अभी तक उन्हें इस तरह के निर्देश की चिट्ठी नहीं
मिली है।
राष्ट्रपति सचिवालय
इस मामले में सुभाष अग्रवाल की ओर से 18 अगस्त को आरटीआई दाखिल करने के बाद हरकत
में आया। सचिवालय ने अमरावती के विद्या भारती शैक्षणिक मंडल को नोटिस भेजकर
प्रतिभा पाटिल के सभी 155 उपहारों-स्मृतियों को लौटाने को कहा है। विद्या भारती
शैक्षणिक मंडल पाटिल का ही पारिवारिक ट्रस्ट है। प्रतिभा पाटिल ने इसी ट्रस्ट को
सारे उपहार दे दिए हैं।
आरोप है कि ट्रस्ट
को इन वस्तुओं के हस्तांतरण में उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। विदेश
मंत्रालय के अधीन आने वाले तोशा खाना से भी इस बारे में अनुमति नहीं ली गई। यह
तोशा खाना सरकार के सभी प्रतिनिधियों और नौकरशाहों के उपहारों का संरक्षण और
संग्रह करता है। प्रतिभा पाटिल राष्ट्रपति के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान विदेश
यात्राओं में दो सौ करोड़ से ज्यादा खर्च करने और इन यात्राओं में पारिवारिक
सदस्यों को ले जाने की वजह से भी चर्चा में रही हैं।


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