बजट तक शायद चलें मनमोहन . . . 55
केबल न्यूज पर लगाम लगाने से खफा हैं कांग्रेस के क्षत्रप
बिना पंजीयन लोकल न्यूज चलाई तो होगी सजा!
(लिमटी खरे)
नई दिल्ली (साई)। एक के बाद एक आवश्यक संशोधन भले ही जनता को राहत देने के लिए हों, पर टीम मनमोहन की इस कवायद से कांग्रेस और भाजपा में प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह के खिलाफ जमकर माहौल बनने लगा है। अवैध विदेशी और स्थानीय स्तर पर दिखाए जाने वाले चैनल्स पर केबल आपरेटर के खिलाफ सजा बढ़ाने वाले इस विधेयक के लोकसभा में पेश होते ही सभी दलों के सांसदों पर केबल आपरेटर्स का दवाब बढ़ गया है।
संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल द्वारा लोकसभा में पेश विधेयक में ऐसे विदेशी और स्थानीय टेलीवीजन चेनल्स को केबल नेटवर्क के जरिए दिखाने पर सजा बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है जो भारत में प्रसारण के लिए पंजीकृत नहीं हैं। विधेयक में इस तरह के चेनल्स के प्रसारण पर दो साल तक की कैद और एक लाख रूपए जुर्माने का प्रावधान किया गया है। दुबारा इस तरह का काम करते पकड़े जाने पर पांच साल तक की कैद और तीन लाख रूपए का जुर्माना आहूत करने का प्रावधान है।
गौरतलब है कि लोकल केबल द्वारा सांसदों को चुनाव के दरम्यान व्यापक स्तर पर कव्हरेज देकर मदद की जाती है। यही कारण है कि सांसदों द्वारा में केंद्र सरकार के इस नए विधेयक से नाराजगी पसर गई है। सांसदों का मानना है कि अगर इस बिल को अमली जामा पहना दिया गया तो निश्चित तौर पर आने वाले समय में उन्हें केबल आपरेटर्स के साथ नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है।
वहीं दूसरी ओर केबल आपरेटर्स द्वारा की जाने वाली वाणिज्यिक कर की चोरी की शिकायतें भी केंद्र सरकार को मिली हैं। स्थानीय स्तर पर आबकारी विभाग के साथ मिलकर केबल आपरेटर्स कर चोरी को अंजाम देते हैं। केंद्र सरकार द्वारा इस बारे में भी कठोर कदम उठाने की कवायद की जा रही है।
(क्रमशः जारी)


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