0 रिजर्व फारेस्ट
में कैसे बन रहा पावर प्लांट . . . 12
पानी की समस्या का
सामना करना पड़ेगा गौतम थापर को!
(एस.के.खरे)
सिवनी (साई)। मशहूर
उद्योगपति गौतम थापर के स्वामित्व वाले अवंथा समूह के सहयोगी प्रतिष्ठान मेसर्स
झाबुआ पावर लिमिटेड द्वारा सिवनी जिले के आदिवासी बाहुल्य घंसौर विकास खण्ड में
स्थापित किए जाने वाले पावर प्लांट में आने वाले समय में संयंत्र प्रबंधन को सबसे
ज्यादा पानी के संकट का सामना करना पड़ सकता है।
संयंत्र प्रबंधन के
सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि संयंत्र के अंदर प्रबंधन ने एक
तालाब का निर्माण अवश्य ही करवा लिया है पर इस तालाब को भरने के लिए आवश्यक पानी
की आपूर्ति नर्मदा नदी पर बने बरगी बांध से किया जाना प्रस्तावित है। संयंत्र से
नर्मदा नदी के घाट की दूरी लगभग दस किलोमीटर है।
इस दस किलोमीटर के
रास्तें में पड़ने वाले गावों में बगदरी गांव का सबसे ज्यादा विरोध सामने आ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार बगदरी गांव को भी संयंत्र प्रबंधन द्वारा सामाजिक जिम्मेदारी
के गांवों की सूची में शामिल करना अत्यावश्यक है। इस गांव से होकर संयंत्र की पाईप
लाईन गुजर रही है इसलिए यहां के किसान आदिवासी रोषित नजर आ रहे हैं।
संयंत्र प्रबंधन को
600 मेगावाट की पहली इकाई में जमीन अधिग्रहण में बेहद विरोध का सामना करना पड़ा था।
इसके उपरांत जब बगदरी गांव के अंदर से पाईप लाईन ले जाने के लिए जमीन के अधिग्रहण
की बात आई तो मुआवजे में किसानों ने मनमानी का आरोप मढ़ दिया प्रबंधन पर।
(क्रमशः जारी)


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