सोमवार, 6 अगस्त 2012

गुरूद्वारे पर हमला: सात की मौत


गुरूद्वारे पर हमला: सात की मौत

(अंकिता रायजादा)

न्यूयार्क (साई)। अमरीका में विसकोन्सिन के एक गुरूद्वारें में रविवार को सवेरे की प्रार्थना के दौरान हुये हमले में सात लोग मारे गए है और २० घायल हो गये हैं। मरने वालों में एक हमलावर भी शामिल है। गोलीबारी की यह घटना विसकोन्सिन के सबसे बड़े शहर मिलवाउकी के ओक क्रीक में स्थानीय समय के अनुसार सवेरे करीब ग्यारह बजे हुई।
मीडिया की खबरों के अनुसार हमले के समय तीन सौ से चार सौ लोग गुरूद्वारे में मौजूद थे। हमलावरों ने बारह बच्चों को बंधक भी बना लिया था। अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को इस घटना की जानकारी दी गई। श्री ओबामा ने कहा कि सिख अमरीकी परिवार का हिस्सा हैं।
अमरीका में भारतीय राजदूत निरूपमा राव ने गोलीबारी की इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि भारतीय दूतावास व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद् के सम्पर्क में है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक स्थानीय समयानुसार सुबह करीब दस बजे जब ये हमला हुआ तो अफरातफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ महिलाएं और बच्चे अपनी जान बचाने के लिए अलमारियों में छिप गए।
चार लोग गुरुद्वारे के अंदर और हमलावर समेत तीन लोग बाहर मारे गए। पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि हमलावर ने पहले एक पुलिस अधिकारी को घेरकर कई गोलियां चलाईं। लेकिन कुछ ही देर में एक दूसरे पुलिस अधिकारी ने हमलावर पर जवाबी फायरिंग की। अधिकारियों के मुताबिक हमलावर मारा गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गुरुद्वारे पर हमला एक से ज़्यादा बंदूकधारी ने किया था लेकिन पुलिस का मानना है कि वहां एक ही हमलावर मौजूद था। गोलियों से घायल हुए पुलिस अधिकारी समेत दो अन्य लोग भी इस हमले में चोटिल हुए और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
स्थानीय समाचार चौनलों के मुताबिक हमलावर के घर का पता मिल गया है और पुलिस अपनी टुकड़ी लेकर वहां पहुंच गई है। ये जगह गुरुद्वारे से करीब चार किलोमीटर दूरी पर है। एक बम-निरोधक दस्ता भी वहां भेजा गया है और आसपास की इमारतों को खाली करा दिया गया है।
अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने गोलीबारी की इस घटना पर शोक जताया है। व्हाइट हाउस की ओर से जारी किए गए उनके बयान में उन्होंने कहा है, “मारे गए लोगों के परिजनों और दोस्तों का शोक हम समझते हैं। बयान में कहा गया है कि, “पूजा के स्थान पर हुए इस हमले पर दुख व्यक्त करते हुए हम सिख समुदाय का अमरीका को योगदान याद करना चाहेंगे, ये समुदाय अमरीकी परिवार का ही हिस्सा है।
अमरीका को भारत की राजदूत, निरुपमा राव ने सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट ट्विटर पर लिखा है कि, “अमरीका के उप-राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन ब्रेनन ने मुझसे बात की और अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा की ओर से शोक व्यक्त किया। एक पत्रकार वार्ता में पुलिस प्रमुख जॉन एडवर्ड्स ने कहा कि वे इस हमले को एक आंतरिक आतंकवादी किस्म की घटनामान रहे हैं और इसकी तहकीकात अब फेडरल ब्यूरो एजंसी यानि एफबीआई को दे दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि वो हमलावर के बारे में कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं कर सकते। हालांकि स्थानीय मीडिया हमलावर को गोरे रंग का एक पुरुष बता रहे हैं। एफबीआई की ओर से जारी एक बयान में भी कोई नए सुराग की चर्चा नहीं है।
अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, मिलवाकी के दक्षिण में स्थित ओक क्रीक इलाके में गोलीबारी के समय गुरुद्वारे में 300-400 लोग मौजूद थे। रविवार का दिन होने की वजह से शबद कीर्तन और गुरबाणी सुनने आम दिन के मुकाबले ज्यादा लोग जमा थे। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उन्होंने दो हैंडगन लिए एक हमलावर को गुरुद्वारे में जाते देखा था। मजबूत कद-काठी के गंजे से दिखने वाले गोरे शख्स ने ने टीशर्ट पहन रखी थी।
अचानक सामने आई इस वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे एक पुलिस अफसर ने हमलावर को रोकने की कोशिश की मगर गोलीबारी में वह जख्मी हो गया। खबर फैलते ही स्थानीय पुलिस के अलावा एफबीआई और दूसरी एजेंसियों के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। पता चला कि करीब एक दर्जन बच्चों को बंधक बनाया गया है। 5 घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षाकर्मियों ने अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने में सफलता पा ली। दावा किया गया कि हमलावर एक ही था और उसे मार दिया गया है।
स्थानीय चौनलों के मुताबिक हमलावर के घर का पता मिल गया है और पुलिस अपनी टुकड़ी लेकर वहां पहुंच गई है। यह जगह गुरुद्वारे से करीब चार किलोमीटर दूरी पर है। एक बम-निरोधक दस्ता भी वहां भेजा गया है और आसपास की इमारतों को खाली करा दिया गया है।
इस हमले को लकेर दुनियाभर से तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। भारत ने हमले की कड़ी निंदा की है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने गहरा विरोध जाहिर किया है। एसजीपीसी अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ के मुताबिक वह पीएम और अमेरिकी सरकार से अपील करेंगे कि अमेरिका में सिखों को पुख्ता सुरक्षा मुहैया कराई जाए। भारतीय विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने घटना पर चिंता जताई है। उन्होंने अमेरिका में भारतीय राजदूत निरुपमा राव से घटना की जानकारी ली। राव अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी घटना पर शोक जताया है। अपने संदेश में बराक ओबामा ने कहा,श्विस्कॉन्सिन में हुए हादसे से मैं और मिशल दुखी हैं। इस मुश्किल वक्त में हम उन लोगों के साथ हैं जिनके सगे-संबंधी इस वारदात में मारे गए हैं या फिर जख्मी हुए हैं। सिख अमेरिकी परिवार का हिस्सा हैं और देश की तरक्की में उनका एक अहम योगदान है।श्
इससे पहले 20 जुलाई को कोलोराडो के डेनवर शहर में भी एक सिरफिरे ने सिनेमा हॉल में अंधाधुंध गोलियां बरसाकर 12 लोगों की जान ले ली थी। सिनेमा हॉल में उस वक्त बैटमैन सीरीज की नई फिल्म श्द डार्क नाइट राइजेजश् का प्रदर्शन चल रहा था।

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