करवट लेने लगी सिवनी में कांग्रेस की
राजनीति
(शमीम खान)
सिवनी (साई)। मध्य प्रदेश और केंद्र सरकार
में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली सुश्री विमला वर्मा और मध्य प्रदेश विधानसभा के
उपाध्यक्ष हरवंश सिंह ठाकुर के प्रभाव वाले सिवनी जिले में विधानसभा चुनाव 2013 के पहले अब सियासी करवट महसूस की जाने
लगी है।
27 जनवरी 2012 को जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हीरा
आसवानी के नेतृत्व में जिला कांग्रेस कमेटी का गठन किया गया था, जिसमें 9 उपाध्यक्ष, 11 महामंत्री, 17 संगठन मंत्री, 13 कार्यकारिणी सदस्य और 07 स्थाई आमंत्रित सदस्यों का समावेश था, जिसमें मो. असलम खान का पत्ता कट हो गया
था, जिन्हें कोई जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई थी।
बताया जाता है कि लगभग 15
से 16 कांग्रेसी नेता मो. असलम को कार्यकारिणी
में लिये जाने के पक्ष में नहीं थे, जिसके लिये लगभग सभी 16 नेताओं ने बर्रा पहुंचकर ठा. हरवंश सिंह को स्पष्ट रूप से यह कह दिया था
कि यदि श्री खान को कोई पद सौंपा गया तो हम कोई पद नहीं लेंगे। संभवतः इसलिए उस
समय गठित की गई कार्यकारिणी में मो. असलम खान को नहीं रखा गया, लेकिन 01 वर्ष बाद अचानक जिला कांग्रेस कमेटी में
ठा. हरवंश सिंह के द्वारा जिला कांग्रेस के महामंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद में श्री
खान की ताजपोशी करना और उन 16 नेताओं द्वारा इसका विरोध न करना राजनैतिक खेमों में चर्चा का विषय बना
हुआ है।
वहीं दूसरी ओर जिला कांग्रेस कमेटी के
अध्यक्ष हीरा आसवानी को पंगु करके उनके स्थान पर नरेश मरावी को जिला कांग्रेस
कमेटी में कार्यकारी अध्यक्ष की भूमिका सौंपी गई है। नरेश मरावी को अचानक ही उपर उठाना
जिला कांग्रेस के नेताओं के गले नहीं उतर रहा है। कहा जा रहा है कि नरेश मरावी ने
भी कांग्रेस के एक आला क्षत्रप के खिलाफ तलवार पजाना आरंभ कर दिया था जिससे उन्हें
भी काम देना बड़े नेता की मजबूरी थी।

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